सेंसेक्स 715 अंक टूटा, 76,755 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की महँगाई से लगातार तीसरे दिन बाजार लाल
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स बुधवार, 22 जुलाई को 715.06 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,755.05 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 191.45 अंक यानी 0.79 प्रतिशत लुढ़ककर 23,996.25 पर आ गया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया, जिससे यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र रहा जब घरेलू बाज़ार लाल निशान में बंद हुआ।
तीन दिनों की गिरावट का लेखा-जोखा
लगातार तीन सत्रों में सेंसेक्स में कुल करीब 1,400 अंक यानी लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसी अवधि में निफ्टी50 300 अंकों से अधिक यानी करीब 1.4 प्रतिशत नीचे आया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
व्यापक बाज़ार में भी दबाव स्पष्ट रहा — निफ्टी मिडकैप 1.09 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 1.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जो दर्शाता है कि बिकवाली केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
सर्वाधिक प्रभावित शेयर और सेक्टर
निफ्टी50 में सबसे ज़्यादा गिरावट झेलने वाले शेयरों में इंडिगो, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफोसिस, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), मैक्स हेल्थ और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। वहीं बजाज ऑटो, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर और इटरनल के शेयर भी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मीडिया सबसे बुरी स्थिति में रहा और 2.68 प्रतिशत टूटा। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी आईटी (-1.5%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी पीएसयू बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) में भी गिरावट दर्ज की गई।
हालाँकि, निफ्टी एफएमसीजी 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाला सेक्टर रहा, जबकि निफ्टी ऑटो 0.18 प्रतिशत की मामूली तेज़ी के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी पिछले आठ कारोबारी सत्रों से डेली चार्ट पर 24,367 से 24,000 के दायरे में समेकन कर रहा था। बुधवार को इस दायरे से निर्णायक ब्रेकडाउन देखने को मिला और इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। साथ ही निफ्टी अपनी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे भी फिसल गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) लगातार नीचे की ओर बढ़ रहा है, जो बाज़ार में मंदी की मज़बूत होती गति का संकेत देता है। वहीं ADX इंडिकेटर में DI-, DI+ के ऊपर निकल गया है, जिससे स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि फिलहाल बाज़ार पर बिकवालों का दबदबा बढ़ा है।
गौरतलब है कि कारोबार के अंत में एडवांस-डिक्लाइन अनुपात पूरी तरह बिकवालों के पक्ष में रहा। निफ्टी 500 के कुल 403 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जो यह दर्शाता है कि बिकवाली चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही बल्कि लगभग पूरे बाज़ार में फैली रही।
आगे के महत्वपूर्ण स्तर
आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,850–23,800 का स्तर तत्काल महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा। यदि इंडेक्स इस दायरे के नीचे मज़बूती से फिसलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,650 और उसके बाद 23,500 तक जा सकती है। ऊपर की ओर 24,150–24,200 का दायरा तत्काल मज़बूत प्रतिरोध के रूप में काम करेगा। बाज़ार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर निर्भर करेगी।