7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेंसेक्स 455 अंक टूटा, 78,499 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव से बैंक-फाइनेंस शेयरों में बिकवाली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेंसेक्स 455 अंक टूटा, 78,499 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव से बैंक-फाइनेंस शेयरों में बिकवाली

सारांश

पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के पार धकेलीं, जिससे सेंसेक्स 455 अंक टूटा और बैंकिंग-फाइनेंस शेयरों में भारी बिकवाली हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि शांति समझौते की स्थिति में बाजार जल्द बुलिश रुख अपना सकता है।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 7 अगस्त को 455.59 अंक (0.58%) गिरकर 78,499.17 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी 50 65.35 अंक (0.27%) फिसलकर 24,570.65 पर आया।
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज , प्राइवेट बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सर्वाधिक नुकसान में रहे।
बजाज फाइनेंस , आईसीआईसीआई बैंक और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूज़र्स में शामिल।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अनिश्चितता से कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के करीब पहुँचीं।
विशेषज्ञ सुनील शाह के अनुसार शांति समझौते की स्थिति में बाजार में बुलिश रुख संभव।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 7 अगस्त को 455.59 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,499.17 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत फिसलकर 24,570.65 पर आ गया। पश्चिम एशिया में नए सिरे से उभरे भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने मध्य पूर्व में शांति समझौते की संभावनाओं पर सवालिया निशान लगा दिया, जिससे वित्तीय सेवाओं और बैंकिंग शेयरों पर भारी दबाव पड़ा।

मुख्य बाजार संकेत

सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में व्यापक बाजार की स्थिति मिली-जुली रही। निफ्टी मिडकैप में 0.22 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.05 प्रतिशत की सामान्य गिरावट के साथ बंद हुआ। यह संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव मुख्यतः बड़े-कैप वित्तीय शेयरों तक सीमित रहा।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टर के लिहाज से निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अधिक दबाव में रहे। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी ने हरे निशान में बंद होकर बाजार को आंशिक सहारा दिया। निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक में भी तेजी देखी गई।

निफ्टी 50 में सबसे अधिक बढ़त पाने वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, हिंडाल्को, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एचसीएल टेक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शामिल रहे। इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और श्रीराम फाइनेंस सर्वाधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह ने कहा कि शुक्रवार के सत्र में प्रमुख बेंचमार्कों में गिरावट मुख्यतः पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़े तनावों से प्रेरित रही। उन्होंने कहा, 'अभी कंपनियों के नतीजे आने का दौर चल रहा है और बाजार हर कंपनी के नतीजों पर प्रतिक्रिया दे रहा है। साथ ही, रात भर के संकेत भी नकारात्मक थे। आज वैश्विक संकेत भी नकारात्मक हैं। लेकिन मुझे लगता है कि धीरे-धीरे बाजार का रुख तेजी की ओर बढ़ रहा है।'

शाह ने आगे कहा, 'कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के आसपास हैं, और अगर पश्चिम एशिया में शांति समझौता होता है तो ये कीमतें कम हो सकती हैं। इसलिए मुझे लगता है कि बाजार अब गिरावट के बजाय थोड़ी ज्यादा सहज और तेजी की स्थिति में है।'

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब तिमाही नतीजों का मौसम चल रहा है और निवेशक कंपनी-दर-कंपनी प्रदर्शन को परख रहे हैं। वित्तीय क्षेत्र में बिकवाली से म्यूचुअल फंड निवेशकों के पोर्टफोलियो पर अल्पकालिक दबाव पड़ा है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वहाँ की अनिश्चितता सीधे भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति पर असर डालती है।

क्या होगा आगे

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अगले सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। पश्चिम एशिया में यदि तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ती हैं, तो बाजार में रिकवरी की संभावना बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय वित्तीय शेयर सबसे पहले बिकवाली की चपेट में आते हैं, भले ही घरेलू बुनियाद मजबूत हो। यह विडंबना है कि निफ्टी आईटी और ऑटो जैसे निर्यात-उन्मुख सेक्टर हरे निशान में रहे, जबकि घरेलू उपभोग-आधारित फाइनेंस शेयर टूटे। असली सवाल यह है कि क्या यह अल्पकालिक भू-राजनीतिक प्रतिक्रिया है या तिमाही नतीजों के मौसम में बड़े सुधार की शुरुआत — और इसका जवाब अगले सप्ताह के वैश्विक घटनाक्रम से मिलेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 अगस्त को सेंसेक्स कितना गिरा और क्यों?
7 अगस्त को BSE सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर बंद हुआ। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रही।
निफ्टी 50 आज किस स्तर पर बंद हुआ?
NSE निफ्टी 50 शुक्रवार को 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ, जो 24,600 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है।
आज के कारोबार में कौन से शेयर सबसे ज्यादा गिरे?
बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और श्रीराम फाइनेंस आज के सत्र में सर्वाधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे। वित्तीय सेवाओं और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखा गया।
पश्चिम एशिया का तनाव भारतीय शेयर बाजार को कैसे प्रभावित करता है?
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति पर खतरा मंडराता है, जिससे तेल की कीमतें चढ़ती हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका बाजार को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
क्या बाजार में आगे सुधार की उम्मीद है?
मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह के अनुसार, यदि पश्चिम एशिया में शांति समझौता होता है तो कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ सकती हैं और बाजार बुलिश रुख अपना सकता है। हालांकि, अगले सप्ताह तिमाही नतीजे और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले