17 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,343 पर खुला; अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे तेल का दबाव

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सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,343 पर खुला; अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे तेल का दबाव

सारांश

अमेरिका-ईरान तनाव और $89/बैरल कच्चे तेल की मार से सोमवार को सेंसेक्स 77,892 और निफ्टी 24,343 पर खुले। IT व बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही, जबकि केमिकल और हेल्थकेयर सेक्टर में राहत दिखी। विशेषज्ञों ने निफ्टी को 24,000-24,600 के दायरे में सीमित रहने का अनुमान जताया।

मुख्य बातें

बीएसई सेंसेक्स 17 अगस्त को 100 अंक से अधिक गिरकर 77,892.92 पर खुला; निफ्टी 50 0.09% फिसलकर 24,343.45 पर आया।
अमेरिका-ईरान तनाव और $89 प्रति बैरल कच्चे तेल की ऊंची कीमतें प्रमुख कारण।
निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे अधिक 0.98% की गिरावट; पीएसयू बैंक और एफएमसीजी में 0.9% तक की कमज़ोरी।
एचसीएलटेक , इंफोसिस , टीसीएस और विप्रो सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शामिल।
निफ्टी केमिकल्स 0.48% और मिडस्मॉल हेल्थकेयर 0.45% की बढ़त के साथ हरे निशान में।
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,170 , नीचे टूटने पर 23,575 तक गिरावट संभव।

बीएसई सेंसेक्स सोमवार, 17 अगस्त को 100 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 77,892.92 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 22.55 अंक यानी 0.09 प्रतिशत फिसलकर 24,343.45 पर आ गया। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग ₹89 डॉलर प्रति बैरल पर टिके रहने से निवेशकों की धारणा कमज़ोर हुई और सप्ताह का पहला कारोबारी दिन दबाव में रहा।

व्यापक बाजार में भी बिकवाली

व्यापक बाजार भी इस दबाव से अछूते नहीं रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.36 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते नज़र आए। सेक्टर-वार देखें तो सबसे अधिक दबाव निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स पर रहा, जो 0.98 प्रतिशत तक फिसल गया। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एफएमसीजी में भी 0.9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा रियल्टी, सीमेंट, आईटी, ऊर्जा और निजी बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। निफ्टी50 में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में एचसीएलटेक, इंफोसिस, टीसीएस, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और विप्रो शामिल रहे।

कुछ सेक्टरों में राहत की खरीदारी

हालांकि बाजार में पूरी तरह निराशा नहीं रही। निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स लगभग 0.45 प्रतिशत मज़बूत हुआ। एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, मैक्स हेल्थ, ओएनजीसी, आयशर मोटर्स और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नज़र आए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निकट अवधि में निफ्टी के 24,000 से 24,600 अंकों के दायरे में सीमित रहने की संभावना है। उनका कहना है कि जब तक कोई नया सकारात्मक ट्रिगर सामने नहीं आता, बाजार इसी दायरे में घूमता रहेगा।

तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, 24,329 से 24,240 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट ज़ोन साबित हुआ है। ऊपर की ओर 24,540 से 24,666 के बीच प्रतिरोध है। यदि सूचकांक 24,170 अंक के नीचे फिसलता है, तो गिरावट 23,575 अंक तक जा सकती है।

आम जनता और निवेशकों पर असर

विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फिलहाल निफ्टी 50 के बाहर अवसर तलाश सकते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियाँ मज़बूत बनी हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पहली तिमाही के नतीजों के दौरान भी व्यापक बाजार ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया था।

गौरतलब है कि यदि कॉरपोरेट आय में सुधार जारी रहता है, तो ऊंचे कच्चे तेल जैसी बाहरी चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार को मज़बूती मिल सकती है। निवेशकों की नज़र अब अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा और वैश्विक ऊर्जा बाजार के रुझानों पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे वह रूस-यूक्रेन हो या अब अमेरिका-ईरान। चिंताजनक यह है कि IT सेक्टर — जो लंबे समय से बाजार का रक्षा-कवच रहा है — इस बार खुद दबाव में है, जो वैश्विक टेक खर्च में सुस्ती का संकेत देता है। कच्चे तेल का $89/बैरल पर टिके रहना आयात-निर्भर भारत के लिए चालू खाते के घाटे और मुद्रास्फीति दोनों पर असर डाल सकता है — एक पहलू जिसे बाजार की सुर्खियाँ अक्सर नज़रअंदाज़ करती हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप में स्थिरता उत्साहजनक है, लेकिन यदि वैश्विक तनाव लंबा खिंचा तो घरेलू आय-आधारित तेज़ी की यह उम्मीद भी परखी जाएगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी क्यों गिरे?
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $89 प्रति बैरल पर बने रहने से निवेशकों की धारणा कमज़ोर हुई। इसके अलावा IT और बड़े बैंकिंग शेयरों के कमज़ोर प्रदर्शन ने भी सूचकांकों पर दबाव बनाया।
निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, 24,329 से 24,240 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट ज़ोन है। ऊपर की ओर 24,540 से 24,666 के बीच प्रतिरोध है। यदि निफ्टी 24,170 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट 23,575 अंक तक जा सकती है।
आज के बाजार में कौन-से सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए?
निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में सबसे अधिक 0.98% की गिरावट रही। निफ्टी पीएसयू बैंक और एफएमसीजी में 0.9% तक की कमज़ोरी देखी गई, जबकि रियल्टी, सीमेंट, आईटी और ऊर्जा सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा।
क्या कोई सेक्टर आज हरे निशान में रहा?
हाँ, निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स 0.48% और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स लगभग 0.45% की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे। एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, ओएनजीसी, आयशर मोटर्स और टाइटन के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नज़र आए।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक फिलहाल निफ्टी 50 के बाहर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में स्टॉक-विशिष्ट अवसर तलाश सकते हैं। यदि कॉरपोरेट आय में सुधार जारी रहा, तो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद बाजार को घरेलू स्तर पर समर्थन मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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