बंगाल शराब घोटाला: भाजपा का आरोप — बोतल निर्माताओं से वसूली हजारों करोड़ टीएमसी तक पहुंचे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने रविवार, 7 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कथित शराब आबकारी घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मालवीय ने दावा किया कि राज्य के आबकारी विभाग ने नीति में बदलाव कर शराब और बीयर की प्रत्येक खेप पर बोतल निर्माताओं से अवैध वसूली की, और यह हजारों करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर TMC तथा उसके महासचिव अभिषेक बनर्जी तक पहुंचाई गई।
मालवीय के आरोप: क्या है दावा
मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'दिल्ली शराब आबकारी घोटाले के बाद अब बंगाल की बारी है। आबकारी विभाग ने नीति में बदलाव कर शराब और बीयर की हर खेप पर बोतल निर्माताओं से वसूली की। हजारों करोड़ रुपये की यह राशि तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी तक पहुंची।' उन्होंने यह आरोप एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए लगाए।
नीति परिवर्तन का पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2017 में तत्कालीन TMC सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव किया गया, जिससे शराब वितरण व्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण स्थापित हो गया। आरोप है कि नई आबकारी नीति के ज़रिए निजी थोक विक्रेताओं पर भारी शुल्क और लेवी लगाने का दबाव बनाया गया। गौरतलब है कि आबकारी विभाग की एक कथित गोपनीय रिपोर्ट में इस नीति को कार्टेलाइजेशन रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के नाम पर लागू बताया गया था।
वसूली का तरीका: प्रति क्रेट शुल्क का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक क्रेट पर गोदाम किराये के नाम पर ₹4 और परिवहन शुल्क के नाम पर ₹3 अतिरिक्त वसूले जाते थे। विदेशी शराब निर्माताओं और बोतल कंपनियों को यह शुल्क देने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया। आरोप है कि वितरकों के मुनाफे का एक हिस्सा सरकारी खजाने में जाने के बजाय TMC तक पहुंचता था और अंततः यह राशि अभिषेक बनर्जी तक पहुंचती थी।
उच्च अधिकारियों को दी गई जानकारी
रिपोर्टों के अनुसार, यह दस्तावेज पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। साथ ही, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को भी इस मामले की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के कथित शराब घोटाले की जांच अभी भी जारी है, और विपक्षी दल इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े पैटर्न से जोड़ रहे हैं।
टीएमसी की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
इन तमाम आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला फिलहाल आरोपों के स्तर पर है और स्वतंत्र जांच एजेंसियों द्वारा इसकी पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या राज्य या केंद्रीय जांच एजेंसियाँ इस मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू करती हैं।