23 जुलाई 2026
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बंगाल शराब घोटाला: भाजपा का आरोप — बोतल निर्माताओं से वसूली हजारों करोड़ टीएमसी तक पहुंचे

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बंगाल शराब घोटाला: भाजपा का आरोप — बोतल निर्माताओं से वसूली हजारों करोड़ टीएमसी तक पहुंचे

सारांश

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में 2017 की शराब नीति बदलाव के ज़रिए बोतल निर्माताओं से प्रति क्रेट वसूली की गई और हजारों करोड़ रुपये TMC व अभिषेक बनर्जी तक पहुंचे। टीएमसी ने अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।

मुख्य बातें

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 7 जून 2026 को पश्चिम बंगाल में कथित शराब आबकारी घोटाले का आरोप लगाया।
आरोप है कि 2017 में TMC सरकार द्वारा शराब नीति बदलकर बोतल निर्माताओं से प्रति क्रेट ₹7 (₹4 गोदाम + ₹3 परिवहन) की अवैध वसूली की गई।
कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये की यह राशि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और महासचिव अभिषेक बनर्जी तक पहुंचाई गई।
दस्तावेज़ मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सौंपे जाने की बात कही गई है।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने रविवार, 7 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कथित शराब आबकारी घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मालवीय ने दावा किया कि राज्य के आबकारी विभाग ने नीति में बदलाव कर शराब और बीयर की प्रत्येक खेप पर बोतल निर्माताओं से अवैध वसूली की, और यह हजारों करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर TMC तथा उसके महासचिव अभिषेक बनर्जी तक पहुंचाई गई।

मालवीय के आरोप: क्या है दावा

मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'दिल्ली शराब आबकारी घोटाले के बाद अब बंगाल की बारी है। आबकारी विभाग ने नीति में बदलाव कर शराब और बीयर की हर खेप पर बोतल निर्माताओं से वसूली की। हजारों करोड़ रुपये की यह राशि तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी तक पहुंची।' उन्होंने यह आरोप एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए लगाए।

नीति परिवर्तन का पृष्ठभूमि

रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2017 में तत्कालीन TMC सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव किया गया, जिससे शराब वितरण व्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण स्थापित हो गया। आरोप है कि नई आबकारी नीति के ज़रिए निजी थोक विक्रेताओं पर भारी शुल्क और लेवी लगाने का दबाव बनाया गया। गौरतलब है कि आबकारी विभाग की एक कथित गोपनीय रिपोर्ट में इस नीति को कार्टेलाइजेशन रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के नाम पर लागू बताया गया था।

वसूली का तरीका: प्रति क्रेट शुल्क का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक क्रेट पर गोदाम किराये के नाम पर ₹4 और परिवहन शुल्क के नाम पर ₹3 अतिरिक्त वसूले जाते थे। विदेशी शराब निर्माताओं और बोतल कंपनियों को यह शुल्क देने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया। आरोप है कि वितरकों के मुनाफे का एक हिस्सा सरकारी खजाने में जाने के बजाय TMC तक पहुंचता था और अंततः यह राशि अभिषेक बनर्जी तक पहुंचती थी।

उच्च अधिकारियों को दी गई जानकारी

रिपोर्टों के अनुसार, यह दस्तावेज पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। साथ ही, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को भी इस मामले की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के कथित शराब घोटाले की जांच अभी भी जारी है, और विपक्षी दल इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े पैटर्न से जोड़ रहे हैं।

टीएमसी की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

इन तमाम आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला फिलहाल आरोपों के स्तर पर है और स्वतंत्र जांच एजेंसियों द्वारा इसकी पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या राज्य या केंद्रीय जांच एजेंसियाँ इस मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाजपा की उसी रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसमें राज्य सरकारों को नीतिगत भ्रष्टाचार के आरोपों से घेरा जाता है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि अब तक के सभी आरोप एक मीडिया रिपोर्ट और एक राजनीतिक नेता के बयान पर आधारित हैं — किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। टीएमसी की चुप्पी राजनीतिक रूप से असुविधाजनक ज़रूर है, लेकिन यह स्वतः प्रमाण नहीं है। असली कसौटी यह होगी कि क्या ईडी, सीबीआई या राज्य पुलिस इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज करती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल शराब आबकारी घोटाला क्या है?
भाजपा के अमित मालवीय के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 2017 में TMC सरकार द्वारा शराब नीति में बदलाव कर बोतल निर्माताओं से प्रति क्रेट अवैध वसूली की गई। आरोप है कि इससे जुटाई गई हजारों करोड़ रुपये की राशि TMC और अभिषेक बनर्जी तक पहुंचाई गई। यह आरोप अभी तक किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा सत्यापित नहीं हुए हैं।
अमित मालवीय ने यह आरोप कब और कहाँ लगाए?
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 7 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ये आरोप लगाए। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह दावा किया।
प्रति क्रेट कितनी वसूली का आरोप है?
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक क्रेट पर गोदाम किराये के नाम पर ₹4 और परिवहन शुल्क के नाम पर ₹3, यानी कुल ₹7 की अतिरिक्त वसूली का आरोप है। विदेशी शराब निर्माताओं और बोतल कंपनियों को यह शुल्क देने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया।
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस का क्या रुख है?
अब तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी ने न तो आरोपों को स्वीकार किया है और न ही उनका खंडन किया है।
क्या इस मामले में कोई जांच शुरू हुई है?
रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित दस्तावेज़ पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सौंपे गए हैं। हालांकि, किसी केंद्रीय या राज्य जांच एजेंसी द्वारा औपचारिक जांच शुरू होने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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