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बांद्रा पथराव पर अशोक पंडित का आक्रोश: 'कश्मीर और दिल्ली दंगों की याद दिला गई यह घटना'

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बांद्रा पथराव पर अशोक पंडित का आक्रोश: 'कश्मीर और दिल्ली दंगों की याद दिला गई यह घटना'

सारांश

मुंबई के बांद्रा ईस्ट में रेलवे की जमीन खाली कराने गई टीम पर भीड़ ने पथराव किया। निर्देशक अशोक पंडित ने इसे कश्मीर और दिल्ली दंगों से जोड़ते हुए राजनीतिक संरक्षण पर सवाल उठाए और CM फडनवीस से निष्पक्ष, सख्त कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर भीड़ ने पथराव किया।
निर्देशक अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर घटना की कड़ी निंदा की।
पंडित ने इस घटना की तुलना कश्मीर और दिल्ली दंगों में सुरक्षाबलों पर हुए पथराव से की।
उन्होंने वर्षों की राजनीतिक मिलीभगत को अवैध बस्तियों के लिए जिम्मेदार ठहराया।
महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडनवीस से मुंबई के सभी इलाकों में बिना भेदभाव के कार्रवाई जारी रखने की माँग की गई।

मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने गई टीम पर भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी की घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छेड़ दी है। 22 मई को फिल्म निर्माता-निर्देशक अशोक पंडित ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की माँग की।

घटनाक्रम: क्या हुआ बांद्रा में

रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर इलाके में रेलवे की भूमि पर वर्षों से जमे अवैध कब्जे को हटाने पहुँची थी। इस अभियान के दौरान वहाँ मौजूद भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों और सरकारी अधिकारियों पर पथराव किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

अशोक पंडित की तीखी प्रतिक्रिया

निर्देशक अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'मुंबई के बांद्रा के गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने के दौरान पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस वीडियो को देखकर कश्मीर और दिल्ली दंगों की याद आती है, जहाँ सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके गए थे।' उन्होंने आगे कहा कि अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रहे सुरक्षाकर्मियों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया गया, जो किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।

राजनीतिक संरक्षण पर उठाए सवाल

पंडित ने इस घटना के पीछे दशकों पुरानी राजनीतिक मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, 'इस इलाके में कई सालों से राजनीतिक संरक्षण के चलते अवैध बस्तियाँ बसती चली गईं। अब सवाल यह उठता है कि इतने सालों तक इस अवैध कब्जे और निर्माण को बढ़ावा देने वाले नेताओं और अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?' उनका कहना था कि जब तक ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, अवैध कब्जे रुकना मुश्किल है।

सरकार और प्रशासन को दिया धन्यवाद

एक ओर जहाँ पंडित ने कड़ी आलोचना की, वहीं उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस, सुरक्षाबलों, रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को सफल कार्रवाई के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने माँग की कि ऐसी कार्रवाई मुंबई के अन्य इलाकों में भी बिना किसी भेदभाव के जारी रहे और स्पष्ट किया कि 'कानून के हिसाब से जो अवैध है, वह अवैध ही है।'

अशोक पंडित: परिचय

गौरतलब है कि अशोक पंडित को 1 अप्रैल 2024 को IHH का ग्रुप चीफ कॉरपोरेट ऑफिसर नियुक्त किया गया था। वह कंपनी के व्यावसायिक विकास और पोर्टफोलियो पुनर्गठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। फिल्म उद्योग में दशकों के अनुभव के साथ वह सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने के लिए भी जाने जाते हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में रेलवे और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान तेज हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है: जो नेता और अधिकारी इन अवैध कब्जों के संरक्षक रहे, क्या उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी? केवल जमीन खाली कराना पर्याप्त नहीं — जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांद्रा ईस्ट पथराव की घटना क्या है?
मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने गई सरकारी टीम पर भीड़ ने पथराव किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद व्यापक प्रतिक्रिया सामने आई।
अशोक पंडित ने इस घटना पर क्या कहा?
निर्देशक अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए घटना की कड़ी निंदा की और इसे कश्मीर व दिल्ली दंगों से जोड़ा। उन्होंने राजनीतिक संरक्षण को अवैध बस्तियों का मूल कारण बताया और CM फडनवीस से सख्त कार्रवाई की माँग की।
अशोक पंडित ने किस पर राजनीतिक मिलीभगत का आरोप लगाया?
पंडित ने उन नेताओं और अधिकारियों पर सवाल उठाए जिन्होंने कथित तौर पर वर्षों तक इस इलाके में अवैध कब्जे और निर्माण को राजनीतिक संरक्षण दिया। उन्होंने माँग की कि ऐसे लोगों पर भी सख्त कार्रवाई हो।
महाराष्ट्र सरकार से क्या माँग की गई है?
अशोक पंडित ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस से माँग की कि अवैध कब्जे हटाने की यह कार्रवाई मुंबई के सभी इलाकों में बिना किसी भेदभाव के जारी रहे। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार जो अवैध है, वह अवैध ही है।
राष्ट्र प्रेस
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