31 अगस्त 2026
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दीपक डोबरियाल @51: पौड़ी गढ़वाल से मुंबई तक का सफर, 'पप्पी जी' किरदार आज भी अमर

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दीपक डोबरियाल @51: पौड़ी गढ़वाल से मुंबई तक का सफर, 'पप्पी जी' किरदार आज भी अमर

सारांश

पौड़ी गढ़वाल से मुंबई तक का सफर आसान नहीं था — परिवार के विरोध, तानों और लंबे संघर्ष के बाद दीपक डोबरियाल ने 'ओमकारा' से फिल्मफेयर जीता और 'तनु वेड्स मनु' के 'पप्पी जी' से करोड़ों दिलों में घर बना लिया। 51वाँ जन्मदिन एक असाधारण यात्रा का पड़ाव है।

मुख्य बातें

दीपक डोबरियाल का जन्म 1 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था।
उन्होंने 1994 में रंगकर्मी अरविंद गौड़ के साथ थिएटर से करियर शुरू किया।
2003 में मुंबई आए और फिल्म 'मकबूल' से बड़े पर्दे पर पदार्पण किया।
'ओमकारा' (2006) में राजन तिवारी के किरदार के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला।
'तनु वेड्स मनु' (2011) में 'पप्पी जी' के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
1 सितंबर 2026 को वे अपना 51वाँ जन्मदिन मना रहे हैं।

बॉलीवुड अभिनेता दीपक डोबरियाल 1 सितंबर 2026 को अपना 51वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। 1 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में जन्मे दीपक ने संघर्ष, थिएटर और अटूट जुनून के दम पर बॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया है। फिल्म 'तनु वेड्स मनु' (2011) में उनका 'पप्पी जी' का किरदार आज भी दर्शकों के जेहन में ताज़ा है।

उत्तराखंड से दिल्ली: बचपन और शुरुआती संघर्ष

दीपक डोबरियाल महज पाँच वर्ष की उम्र में परिवार के साथ दिल्ली आ गए और वहीं पले-बढ़े। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले दीपक बचपन से ही दोस्तों के बीच अभिनय करते थे। जब उन्होंने घर में एक्टिंग को करियर बनाने की बात की, तो परिवार ने साफ मना कर दिया। वजह यह थी कि उनके हमउम्र दोस्त अच्छी नौकरियों में लग चुके थे और सरकारी नौकरी की उम्र-सीमा भी निकलती जा रही थी।

परिवार के तानों का सिलसिला भी चला। लोग उन्हें कहते थे — 'दाढ़ी बढ़ाकर बैजू बावरा बना फिरता है।' लेकिन दीपक ने अपना रास्ता नहीं बदला।

थिएटर से की करियर की नींव

दीपक ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1994 में प्रसिद्ध रंगकर्मी अरविंद गौड़ के साथ थिएटर से की। उन्होंने 'तुगलक', 'अंधा युग', 'फाइनल सॉल्यूशंस' और 'डिजायर अंडर द एल्म्स' जैसे चर्चित नाटकों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। यह थिएटर का अनुशासन ही था जिसने उन्हें बाद में पर्दे पर इतना प्रभावशाली बनाया।

मुंबई में पदार्पण और बड़े पर्दे पर पहचान

वर्ष 2003 में दीपक मुंबई पहुँचे। उन्हें विशाल भारद्वाज की फिल्म 'मकबूल' में 'थापा' का किरदार मिला, जो उनकी पहली बड़ी फिल्म थी। इसके बाद 'चरस' और 'ब्लू अम्ब्रेला' में उन्होंने असरदार भूमिकाएँ निभाईं।

वर्ष 2006 में फिल्म 'ओमकारा' में राजन तिवारी का किरदार उनके करियर का पहला बड़ा मोड़ साबित हुआ। इस भूमिका ने उन्हें दर्शकों और आलोचकों की नज़र में लाया और इसी के लिए उन्हें प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवार्ड से नवाज़ा गया।

'पप्पी जी' — एक किरदार जो इतिहास बन गया

वर्ष 2011 में रिलीज़ हुई 'तनु वेड्स मनु' ने दीपक की किस्मत पूरी तरह बदल दी। फिल्म में उनके 'पप्पी जी' के हर डायलॉग ने दर्शकों को हँसाया और देखते ही देखते वायरल हो गए। यह किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक किरदारों में गिना जाता है।

इसके बाद उन्होंने 'दबंग 2' में खलनायक की भूमिका निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। दीपक डोबरियाल आज बॉलीवुड के उन चुनिंदा अभिनेताओं में हैं जो हर तरह के किरदार में जान फूँक देते हैं।

51वाँ जन्मदिन: एक लंबे सफर की उपलब्धि

पौड़ी गढ़वाल के एक छोटे से शहर से निकलकर मुंबई के बड़े पर्दे तक पहुँचने की दीपक की यात्रा युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 51वें जन्मदिन पर उनके प्रशंसक उन्हें सोशल मीडिया पर शुभकामनाएँ दे रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वे और भी यादगार किरदारों से दर्शकों को चौंकाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों से निकले कलाकारों को संस्थागत समर्थन के बिना यह मुकाम हासिल करना पड़ता है। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और दृढ़ता, भूगोल और संसाधनों की कमी को पार कर सकती है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक डोबरियाल का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
दीपक डोबरियाल का जन्म 1 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था। वे पाँच वर्ष की उम्र में दिल्ली आ गए और वहीं पढ़ाई पूरी की।
दीपक डोबरियाल का 'पप्पी जी' किरदार किस फिल्म में था?
यह किरदार 2011 में रिलीज़ हुई फिल्म 'तनु वेड्स मनु' में था। इस फिल्म में उनके डायलॉग वायरल हो गए थे और 'पप्पी जी' हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक किरदारों में से एक बन गया।
दीपक डोबरियाल को फिल्मफेयर अवार्ड किस फिल्म के लिए मिला?
उन्हें 2006 की फिल्म 'ओमकारा' में 'राजन तिवारी' के किरदार के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला। यह फिल्म उनके करियर का पहला बड़ा मोड़ साबित हुई।
दीपक डोबरियाल ने थिएटर में किसके साथ काम किया?
उन्होंने 1994 में प्रसिद्ध रंगकर्मी अरविंद गौड़ के साथ थिएटर करियर शुरू किया। उन्होंने 'तुगलक', 'अंधा युग', 'फाइनल सॉल्यूशंस' और 'डिजायर अंडर द एल्म्स' जैसे नाटकों में काम किया।
दीपक डोबरियाल मुंबई कब आए और उनकी पहली फिल्म कौन सी थी?
दीपक डोबरियाल 2003 में मुंबई आए और उनकी पहली बड़ी फिल्म 'मकबूल' थी, जिसमें उन्होंने 'थापा' का किरदार निभाया। इसके बाद 'चरस' और 'ब्लू अम्ब्रेला' में भी उन्होंने असरदार भूमिकाएँ कीं।
राष्ट्र प्रेस
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