कंगना रनौत का 'संविधान हत्या दिवस' पर पोस्ट वायरल, बोलीं — 'आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने 25 जून 2026 को 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर इंस्टाग्राम पर अपनी फिल्म 'इमरजेंसी' से जुड़ा एक वीडियो साझा किया, जो तेज़ी से वायरल हो गया। अपने कैप्शन में उन्होंने 1975 के आपातकाल को 'भारत के संविधान पर सीधा हमला' करार दिया और उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने उस दौर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की।
कंगना ने क्या लिखा
अपने विस्तृत कैप्शन में कंगना रनौत ने लिखा, 'आज हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे कठिन और अंधकारमय दौर में, यानी आपातकाल के समय, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती से रक्षा की। आपातकाल हमारे संविधान पर एक सीधा हमला था।' उन्होंने आगे लिखा कि उस दौरान नागरिक अधिकार निलंबित किए गए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगी, राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियाँ हुईं और लोकतंत्र की आधारभूत संस्थाएँ भी प्रभावित हुईं।
फिल्म 'इमरजेंसी' और निर्देशन का अनुभव
कंगना ने इस पोस्ट में बताया कि उन्होंने फिल्म 'इमरजेंसी' का निर्देशन, अभिनय और निर्माण — तीनों एक साथ किए, जिसे उन्होंने 'एक बेहद असाधारण अनुभव' बताया। वीडियो में फिल्म की तैयारी, कलाकारों के अनुभव और कुछ दृश्यों की झलक भी दिखाई गई। उन्होंने दर्शकों से फिल्म को नेटफ्लिक्स पर देखने का अनुरोध भी किया।
सह-कलाकारों की प्रतिक्रिया
वीडियो में प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने कहा, 'कंगना के साथ निर्देशक के रूप में काम करना मेरे लिए एक खास अनुभव रहा। वह बहुत ही बारीकी से काम करने वाली निर्देशक हैं।' वहीं अभिनेता सतीश कौशिक ने भी कहा कि कंगना हर छोटे से छोटे पहलू पर ध्यान देती हैं और कलाकारों से बेहतरीन प्रदर्शन निकलवाने में सक्षम हैं। अभिनेता श्रेयस तलपड़े सहित अन्य कलाकारों ने भी उनके काम की सराहना की।
फिल्म की पृष्ठभूमि
फिल्म 'इमरजेंसी' में कंगना रनौत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। यह फिल्म 17 जनवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। गौरतलब है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी, जो 21 महीने तक चला। इस दिन को अब 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में स्मरण किया जाता है। यह पोस्ट उसी ऐतिहासिक तारीख की पृष्ठभूमि में आई है, जो हर वर्ष राजनीतिक बहस को नई ऊर्जा देती है।