29 जुलाई 2026
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रणवीर शौरी ने छात्र प्रदर्शन में अपशब्दों पर उठाई आवाज़, बोले- 'गलत भाषा का बचाव राजनीतिक स्वार्थ'

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रणवीर शौरी ने छात्र प्रदर्शन में अपशब्दों पर उठाई आवाज़, बोले- 'गलत भाषा का बचाव राजनीतिक स्वार्थ'

सारांश

रणवीर शौरी ने इंस्टाग्राम वीडियो में छात्र प्रदर्शनों की अभद्र भाषा का बचाव करने वालों को आड़े हाथों लिया। उनका कहना है कि यह बचाव राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है और इसका बच्चों पर दूरगामी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

मुख्य बातें

अभिनेता रणवीर शौरी ने 29 जुलाई को इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर छात्र प्रदर्शनों में अपशब्दों के इस्तेमाल की निंदा की।
शौरी ने कहा कि 'उदारवादी भीड़' अभद्र भाषा को सामान्य बताकर उसका बचाव कर रही है।
उनके अनुसार विरोधी दल छात्रों का समर्थन केवल राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं।
शौरी ने चेतावनी दी कि अपशब्दों को उचित ठहराने की प्रवृत्ति बच्चों पर गलत असर डाल सकती है।
छात्र प्रदर्शनों में अभद्र भाषा का मुद्दा देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है।

अभिनेता रणवीर शौरी ने बुधवार, 29 जुलाई को छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और उसका बचाव करने वालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शौरी ने स्पष्ट किया कि अपशब्दों को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जाना चाहिए, चाहे समर्थन करने वाले कितने भी 'पढ़े-लिखे' क्यों न हों।

मुख्य बयान और आरोप

शौरी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'दोस्तों, मैं देख रहा था कि उदारवादी भीड़ अब प्रदर्शन के दौरान दी गई गंदी गालियों का बचाव कर रही है। कहते हैं कि अगर वे गाली देते हैं, तो इसमें क्या बड़ी बात है? हम भी एक-दूसरे से बात करते हैं। तो मैं उनसे बस इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग अंग्रेजी बोलने वाले और पढ़े-लिखे होने का दिखावा करते हैं, वे भी अब इन गलत बातों का समर्थन कर रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि अगर कभी दूसरी तरफ से भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल हुआ, तो फिर शिकायत नहीं करनी चाहिए।'

राजनीतिक स्वार्थ पर निशाना

शौरी ने आगे कहा कि कुछ लोग केवल राजनीतिक फायदे के लिए ऐसी अभद्र भाषा का बचाव कर रहे हैं, क्योंकि वे अपनी पसंद की सरकार बनते देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विरोधी दल छात्रों का समर्थन अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं, न कि उनकी वास्तविक परवाह से।

बच्चों पर असर की चिंता

अभिनेता ने कहा, 'इस तरह की सोच बच्चों पर भी गलत असर डाल सकती है। आज अगर कोई कह रहा है कि 'इसमें क्या बड़ी बात है', तो कल जब यही व्यवहार दूसरी तरफ से होगा, तब उन्हें परेशानी नहीं जतानी चाहिए।' उनका तर्क है कि अपशब्दों को सामान्य मानने की प्रवृत्ति आने वाली पीढ़ी के लिए हानिकारक है।

व्यापक सामाजिक बहस

गौरतलब है कि छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल ने देशभर में एक तीखी बहस छेड़ दी है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब छात्र प्रदर्शनों की भाषा और उनके राजनीतिक संदर्भ को लेकर सार्वजनिक विमर्श तेज़ हो गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दोहरा मानदंड सार्वजनिक विमर्श को कमज़ोर करता है। शौरी ने जो कहा वह राजनीतिक रूप से असुविधाजनक ज़रूर है, लेकिन यह सवाल वैध है कि क्या किसी आंदोलन का समर्थन उसकी हर अभिव्यक्ति को स्वीकृति देना है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणवीर शौरी ने छात्र प्रदर्शन पर क्या कहा?
रणवीर शौरी ने कहा कि छात्र प्रदर्शनों में इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा का बचाव करना गलत है। उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो में यह भी कहा कि जो लोग इसे सामान्य बता रहे हैं, वे राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं।
रणवीर शौरी ने यह वीडियो कहाँ साझा किया?
उन्होंने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 29 जुलाई को साझा किया। वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर उन लोगों को संबोधित किया जो अभद्र भाषा को उचित ठहरा रहे थे।
शौरी ने विरोधी दलों के समर्थन पर क्या कहा?
शौरी का कहना है कि विरोधी दल छात्रों का समर्थन उनकी वास्तविक चिंता से नहीं, बल्कि अपनी पसंद की सरकार बनाने के राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से इस बात को समझने की अपील की।
क्या छात्र प्रदर्शनों में अभद्र भाषा का मुद्दा बड़ी बहस बन गया है?
हाँ, कथित तौर पर छात्र आंदोलनों में अभद्र भाषा के इस्तेमाल ने देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी बहस छेड़ दी है। रणवीर शौरी जैसे सार्वजनिक चेहरों की प्रतिक्रिया ने इस विमर्श को और विस्तार दिया है।
शौरी ने बच्चों पर इसके असर को लेकर क्या चिंता जताई?
शौरी ने चेताया कि अपशब्दों को सामान्य मानने की प्रवृत्ति बच्चों पर गलत असर डाल सकती है। उनका तर्क है कि आज जो व्यवहार एक पक्ष में स्वीकार किया जा रहा है, कल दूसरी तरफ से होने पर उस पर आपत्ति जताना उचित नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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