रणवीर शौरी ने छात्र प्रदर्शन में अपशब्दों पर उठाई आवाज़, बोले- 'गलत भाषा का बचाव राजनीतिक स्वार्थ'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता रणवीर शौरी ने बुधवार, 29 जुलाई को छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और उसका बचाव करने वालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शौरी ने स्पष्ट किया कि अपशब्दों को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जाना चाहिए, चाहे समर्थन करने वाले कितने भी 'पढ़े-लिखे' क्यों न हों।
मुख्य बयान और आरोप
शौरी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'दोस्तों, मैं देख रहा था कि उदारवादी भीड़ अब प्रदर्शन के दौरान दी गई गंदी गालियों का बचाव कर रही है। कहते हैं कि अगर वे गाली देते हैं, तो इसमें क्या बड़ी बात है? हम भी एक-दूसरे से बात करते हैं। तो मैं उनसे बस इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग अंग्रेजी बोलने वाले और पढ़े-लिखे होने का दिखावा करते हैं, वे भी अब इन गलत बातों का समर्थन कर रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि अगर कभी दूसरी तरफ से भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल हुआ, तो फिर शिकायत नहीं करनी चाहिए।'
राजनीतिक स्वार्थ पर निशाना
शौरी ने आगे कहा कि कुछ लोग केवल राजनीतिक फायदे के लिए ऐसी अभद्र भाषा का बचाव कर रहे हैं, क्योंकि वे अपनी पसंद की सरकार बनते देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विरोधी दल छात्रों का समर्थन अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं, न कि उनकी वास्तविक परवाह से।
बच्चों पर असर की चिंता
अभिनेता ने कहा, 'इस तरह की सोच बच्चों पर भी गलत असर डाल सकती है। आज अगर कोई कह रहा है कि 'इसमें क्या बड़ी बात है', तो कल जब यही व्यवहार दूसरी तरफ से होगा, तब उन्हें परेशानी नहीं जतानी चाहिए।' उनका तर्क है कि अपशब्दों को सामान्य मानने की प्रवृत्ति आने वाली पीढ़ी के लिए हानिकारक है।
व्यापक सामाजिक बहस
गौरतलब है कि छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल ने देशभर में एक तीखी बहस छेड़ दी है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब छात्र प्रदर्शनों की भाषा और उनके राजनीतिक संदर्भ को लेकर सार्वजनिक विमर्श तेज़ हो गया है।