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खुली किताब जैसे रिश्ते ही बनाते हैं प्यार को मजबूत: सौरभ शुक्ला का विचार

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खुली किताब जैसे रिश्ते ही बनाते हैं प्यार को मजबूत: सौरभ शुक्ला का विचार

सारांश

सौरभ शुक्ला ने रिश्तों में ईमानदारी और खुलापन को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, सच्चाई छिपाने से रिश्तों में दरार आ सकती है। जानें उनकी राय इस मुद्दे पर।

मुख्य बातें

रिश्तों में ईमानदारी महत्वपूर्ण है।
खुलापन रिश्ते को मजबूत बनाता है।
सच्चाई छिपाने से रिश्ते में दरार आ सकती है।
एक आदर्श रिश्ता वह है जिसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे से सच्चे हों।
सच्चाई का सामना करने से रिश्ते और मजबूत होते हैं।

मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रिश्तों में विश्वास और समझ महत्वपूर्ण होती है, लेकिन बहुत बार ऐसा देखा जाता है कि लोग अपने रिश्तों को बनाए रखने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं, जिससे रिश्ते में दरार आ जाती है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या हर स्थिति में सच्चाई बताना आवश्यक है। इस विषय पर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता और फिल्म निर्माता सौरभ शुक्ला ने राष्ट्र प्रेस को दिए गए एक इंटरव्यू में अपनी विचारधारा साझा की।

सौरभ शुक्ला ने कहा, "किसी भी रिश्ते की वास्तविक ताकत ईमानदारी होती है। हर व्यक्ति को अपने रिश्ते में एक खुली किताब की तरह होना चाहिए। अपने साथी से कुछ भी छुपाना नहीं चाहिए। जब कोई रिश्ते में सत्य छुपाता है, तो भले ही उस समय सब कुछ संभल जाए, लेकिन यह रिश्ते के लिए बेहद हानिकारक होता है। इस स्थिति में सबसे अधिक दुख इस बात का होता है कि आपको अंधेरे में रखा गया।"

उन्होंने आगे कहा, "जब वह झूठ सामने आता है, तो उस समय रिश्तों में दर्द इस बात का होता है कि आपको उस बारे में बताया ही नहीं गया। यही चीज एक बड़े धोखे का एहसास दिलाती है। इस स्थिति में दूसरे व्यक्ति के मन में शक उत्पन्न हो जाता है और वह हर बात पर सवाल उठाने लगता है। इससे रिश्ते की नींव कमजोर हो जाती है और भरोसा टूटने लगता है।"

सौरभ शुक्ला ने यह भी कहा, "अगर रिश्ते में खुलापन हो तो वह और मजबूत होता है। जब दोनों लोग एक-दूसरे के सामने पूरी तरह सच्चे होते हैं, तो आपसी समझ बढ़ती है। एक आदर्श रिश्ता वही होता है, जिसमें दोनों पार्टनर बिना डर के अपनी हर बात साझा करते हैं।"

उन्होंने अपनी फिल्म 'जब खुली किताब' की कहानी को जोड़ते हुए कहा, "फिल्म में एक कपल की जिंदगी शुरू में बिल्कुल परफेक्ट होती है, जैसे बिना किसी दरार वाली दीवार। लेकिन जैसे ही एक सच सामने आता है, उस रिश्ते में दरार आ जाती है और सब कुछ बिखरने लगता है। हालाँकि, उसी दरार के माध्यम से सच्चाई की रोशनी भी आती है, जिससे दोनों एक-दूसरे को सही मायनों में समझ पाते हैं।"

सौरभ ने कहा, "जब सच्चाई सामने आती है, तो छिपाने के लिए कुछ नहीं बचता। उस स्थिति में दोनों पार्टनर एक-दूसरे की अच्छाइयों और कमियों को जान लेते हैं। यदि इसके बाद भी वे एक साथ रहने का निर्णय लेते हैं, तो उनका रिश्ता पहले से अधिक मजबूत बन जाता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

झूठ बोलने से रिश्ते में दरार आ सकती है, जिससे विश्वास का टूटना स्वाभाविक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिश्तों में ईमानदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
ईमानदारी से रिश्ते में विश्वास बढ़ता है और खुलापन आता है, जिससे आपसी समझ में सुधार होता है।
क्या झूठ बोलना रिश्ते को कमजोर करता है?
जी हाँ, झूठ बोलने से रिश्ते में शक और दरार आ जाती है, जिससे भरोसा टूटता है।
राष्ट्र प्रेस
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