शिल्पा शेट्टी ने बताया वर्तुलासन के फायदे, थायरॉइड और पाचन में सुधार का दावा

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शिल्पा शेट्टी ने बताया वर्तुलासन के फायदे, थायरॉइड और पाचन में सुधार का दावा

सारांश

शिल्पा शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर वर्तुलासन को स्वास्थ्य का वरदान बताया — थायरॉइड सक्रियता से लेकर पाचन सुधार तक। लेकिन असली सवाल यह है: क्या यह योग आसन इतने सारे दावों को पूरा कर सकता है, या यह सेलिब्रिटी-समर्थित फिटनेस का एक और मामला है?

मुख्य बातें

शिल्पा शेट्टी ने 4 मई 2026 को वर्तुलासन के फायदे साझा किए।
दावा: आसन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर करता है।
कहा गया कि पाचन क्रिया , रक्त संचार और कंधों की मजबूती में सुधार होता है।
आयुर्वेद परंपरा में इसे त्रिदोष संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
सावधानी: पीठ दर्द , स्लिप डिस्क , सर्वाइकल स्पोंडलोसिस या हर्निया वालों को बचना चाहिए।

मुंबई, 4 मई 2026 (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर वर्तुलासन के स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से बताते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। इस योग आसन को शरीर को गोलाकार स्थिति में लाने और पूरी रीढ़ की हड्डी में खिंचाव लाने के लिए जाना जाता है। शेट्टी के अनुसार, यह मुद्रा थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करती है, जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और पाचन क्रिया में सुधार आता है।

वर्तुलासन के दावे किए गए लाभ

शेट्टी की पोस्ट में कहा गया है कि वर्तुलासन हलासन के समान शरीर को लाभ देता है। अभिनेत्री ने दावा किया कि यह आसन रक्त संचार को बढ़ाता है, कंधों और ऊपरी पीठ को मजबूत बनाता है, और पेट के अंगों को टोन करता है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि इस मुद्रा में शरीर को हाथों के सहारे ऊपर उठाते हुए संतुलन बनाया जाता है, जिससे पाचन शक्ति में सुधार होता है।

योग परंपरा में महत्व

आयुर्वेद और योग परंपरा में वर्तुलासन को शरीर के संतुलन और नसों को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। यद्यपि यह मुख्य रूप से एक हठयोग आसन है, लेकिन इसके लाभ आयुर्वेद के त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) संतुलन के सिद्धांतों से जुड़े हैं। परंपरागत ज्ञान के अनुसार, यह आसन अग्नि (पाचन शक्ति) को मजबूत करता है।

अभ्यास की विधि

शेट्टी ने अपनी पोस्ट में वर्तुलासन की विधि को विस्तार से समझाया। इसे करने के लिए सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठा जाता है। फिर अपने हाथों को जांघों और घुटनों के बीच जमीन पर रखा जाता है। सांस भरते हुए पूरे शरीर को हाथों के सहारे ऊपर उठाया जाता है और संतुलन बनाया जाता है। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकने के बाद धीरे-धीरे वापस आया जाता है।

किन्हें करना चाहिए बचाव

शेट्टी ने अपनी पोस्ट में सावधानी के साथ यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी को पीठ दर्द, स्लिप डिस्क, सर्वाइकल स्पोंडलोसिस या हर्निया जैसी समस्या है, तो इस आसन का अभ्यास करने से बचना चाहिए। यह चेतावनी योग के सुरक्षित अभ्यास पर उनके जोर को दर्शाती है, जो वह नियमित रूप से अपने अनुयायियों को देती हैं।

फिटनेस के प्रति समर्पण

शिल्पा शेट्टी लंबे समय से अपनी फिटनेस और योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती हैं। वह नियमित रूप से सोशल मीडिया पर योग आसनों और स्वास्थ्य सुझावों को साझा करती हैं, जिससे उनके लाखों अनुयायियों को स्वस्थ जीवनयापन के तरीके सीखने में मदद मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इनमें से अधिकांश को सीमित प्रमाण मिला है। यह सच है कि नियमित योग लचीलापन और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है, लेकिन थायरॉइड विकार या गंभीर पाचन समस्याओं के लिए यह चिकित्सा देखभाल का विकल्प नहीं है। शेट्टी की सावधानी (पीठ की समस्याओं वालों को बचाव) स्वागत योग्य है, लेकिन व्यक्तिगत चिकित्सा परामर्श के बिना किसी भी नए आसन को अपनाना जोखिम भरा है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्तुलासन क्या है और इसे कैसे किया जाता है?
वर्तुलासन एक हठयोग आसन है जिसमें शरीर को गोलाकार स्थिति में लाया जाता है। इसे पद्मासन में बैठकर शुरू किया जाता है, फिर हाथों को जांघों और घुटनों के बीच जमीन पर रखा जाता है। सांस भरते हुए शरीर को हाथों के सहारे ऊपर उठाया जाता है, संतुलन बनाया जाता है, और कुछ सेकंड में इसी मुद्रा में रुका जाता है।
शिल्पा शेट्टी के अनुसार वर्तुलासन के मुख्य लाभ क्या हैं?
शेट्टी के अनुसार, वर्तुलासन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है, मेटाबॉलिज्म बेहतर करता है, पाचन क्रिया में सुधार करता है, रक्त संचार बढ़ाता है, और कंधों तथा ऊपरी पीठ को मजबूत बनाता है।
किन लोगों को वर्तुलासन से बचना चाहिए?
शेट्टी ने स्पष्ट किया कि पीठ दर्द, स्लिप डिस्क, सर्वाइकल स्पोंडलोसिस या हर्निया जैसी समस्याओं वाले लोगों को इस आसन का अभ्यास करने से बचना चाहिए।
आयुर्वेद में वर्तुलासन का क्या महत्व है?
आयुर्वेद परंपरा में वर्तुलासन को शरीर के संतुलन, नसों को स्वस्थ रखने, और त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे पाचन शक्ति (अग्नि) को मजबूत करने वाला आसन माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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