असम के 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को NABH एक्रेडिटेशन, हिमंत सरमा ने बताया स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 24 जून 2026 को जानकारी दी कि राज्य के पाँच प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) से मान्यता मिल चुकी है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में देखभाल की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में यह एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।
किन संस्थानों को मिली मान्यता
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया कि NABH एक्रेडिटेशन पाने वाले पाँच संस्थान हैं — गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), तेजपुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (AMCH), बारपेटा स्थित फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (FAAMCH) और जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JMCH)।
इसके अतिरिक्त, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर में स्थित दो क्रिटिकल केयर असम सेंटर्स को भी NABH सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है।
NABH एक्रेडिटेशन का महत्त्व
अधिकारियों के अनुसार, NABH एक्रेडिटेशन देश में किसी भी स्वास्थ्य संस्थान के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण गुणवत्ता प्रमाणपत्रों में से एक है। यह मान्यता मरीज सुरक्षा, देखभाल की गुणवत्ता, अस्पताल प्रबंधन, क्लिनिकल प्रोटोकॉल और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मानदंडों पर राष्ट्रीय स्तर पर खरा उतरने की पुष्टि करती है।
गौरतलब है कि NABH-मान्यता प्राप्त अस्पताल परिचालन दक्षता, उपचार के बेहतर परिणाम और वैश्विक स्तर के चिकित्सा मानकों को बनाए रखने में अधिक सक्षम माने जाते हैं।
सरकार की मंशा और निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही असम के सभी मेडिकल कॉलेजों को NABH एक्रेडिटेशन लेने का निर्देश दिया था, ताकि सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एकसमान मानक सुनिश्चित किए जा सकें। यह कदम उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत असम सरकार नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, MBBS सीटें बढ़ाने और जिला स्तर पर विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सिलचर की प्रक्रिया जारी
सिलचर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में निरीक्षण का कार्य पूरा हो चुका है और संस्थान अभी एक्रेडिटेशन के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा में है। मुख्यमंत्री सरमा ने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में इस सूची में और स्वास्थ्य सुविधाओं को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
आम जनता पर असर
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में NABH मान्यता का विस्तार होने से स्वास्थ्य तंत्र पर जनता का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही यह राज्य के उस व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा, जिसमें आम नागरिकों को सुलभ, किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो रही है।