बांग्लादेश में खसरे का कहर: 15 मार्च से अब तक 631 बच्चों की मौत, 81,084 संदिग्ध मामले
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे और खसरे जैसे लक्षणों से मरने वाले बच्चों की संख्या 9 जून 2025 तक बढ़कर 631 हो गई है — 15 मार्च से शुरू हुए इस प्रकोप ने पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के नियंत्रण कक्ष के आँकड़ों के अनुसार, अब तक 81,084 संदिग्ध मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 9,833 मामलों में लैब जाँच से खसरे की पुष्टि हो चुकी है।
ताज़ा आँकड़े: 24 घंटे में 3 और मौतें
पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों वाले 3 और बच्चों की मौत हुई, जिससे संदिग्ध मामलों में कुल मृत्यु संख्या 539 हो गई है। इसी अवधि में 54 नए मामलों में संक्रमण की लैब से पुष्टि हुई और 980 नए संदिग्ध मरीज सामने आए। DGHS के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ढाका, सिलहट और मयमनसिंह में एक-एक नया पुष्ट मामला दर्ज किया गया।
पुष्ट और संदिग्ध मामलों का अंतर
15 मार्च से 9 जून के बीच कुल 81,084 संदिग्ध मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए, जिनमें से 62,292 इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। लैब-पुष्ट 9,833 मामलों में अब तक 92 मौतें दर्ज हुई हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले 24 घंटों में पुष्ट मामलों में कोई मौत नहीं हुई — यह एक सीमित राहत की खबर है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र
क्षेत्रवार आँकड़ों के अनुसार, ढाका डिवीजन सबसे बुरी तरह प्रभावित है, जहाँ अब तक 37,798 संदिग्ध मरीज दर्ज किए गए हैं। इनमें से 6,822 मामलों में खसरे की पुष्टि हो चुकी है — यह देश के किसी भी अन्य डिवीजन से अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही स्वास्थ्य संसाधनों की कमी और टीकाकरण कवरेज में अंतराल से जूझ रहा है।
विशेषज्ञों की अपील और आगे की राह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएँ, लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतें। गौरतलब है कि खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो मुख्यतः 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है। टीकाकरण दर में गिरावट इस प्रकोप के प्रमुख कारणों में से एक मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में सरकार की प्रतिक्रिया और टीकाकरण अभियान की गति यह तय करेगी कि यह प्रकोप और कितने बच्चों को अपनी चपेट में लेता है।