डूबने से हर साल 3 लाख मौतें: WHO ने लॉन्च किया 'PROTECT' पैकेज, 7 उपायों से बचाई जा सकती हैं लाखों जानें
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल करीब 3 लाख लोग डूबने के कारण अपनी जान गंवाते हैं — और इनमें सबसे अधिक संख्या बच्चों की है। 5 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में डूबना आज भी शामिल है। इन चिंताजनक आंकड़ों के मद्देनज़र WHO ने 25 जुलाई को मनाए जाने वाले विश्व डूबने से बचाव दिवस से पहले एक नया तकनीकी पैकेज जारी किया है, जिसे अफ्रीकी देश घाना में लॉन्च किया गया।
क्या है 'PROTECT' पैकेज
WHO ने 'PROTECT' नाम से सात प्रमुख उपायों का एक व्यापक पैकेज तैयार किया है। इसका मकसद सरकारों, स्थानीय प्रशासनों और समुदायों को ऐसे व्यावहारिक कदम सुझाना है जो डूबने से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोक सकें।
पहला उपाय है — पानी के आसपास सुरक्षित बुनियादी ढाँचा तैयार करना, ताकि लोग अनजाने में पानी में न गिरें। दूसरा, हादसे की स्थिति में तत्काल बचाव और CPR जैसी प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं को मज़बूत करना। तीसरा, मछुआरों और नाविकों जैसे उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जो रोज़गार के लिए पानी के निकट काम करते हैं।
चौथा उपाय जल परिवहन को सुरक्षित बनाना है — नाव और फेरी सेवाओं में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना। पाँचवाँ और अत्यंत महत्त्वपूर्ण सुझाव है कि बच्चों को स्कूल स्तर पर तैराकी और जल-सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए। छठा, छोटे बच्चों की निगरानी की बेहतर व्यवस्था हो ताकि वे अकेले पानी के पास न जाएँ। सातवाँ उपाय है बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के लिए पूर्व-तैयारी, क्योंकि ऐसे समय में डूबने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सबसे अधिक प्रभावित कौन
WHO के अनुसार, डूबने की 90% से अधिक घटनाएँ निम्न और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। ये हादसे मुख्यतः नदियों, तालाबों, झीलों, कुओं, घरों में पानी के बड़े भंडारों और स्विमिंग पूलों में घटित होते हैं। गौरतलब है कि WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि 'हर डूबने की घटना एक त्रासदी है, और राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकांश को रोका जा सकता है।' उन्होंने ज़ोर दिया कि इसके लिए केवल स्वास्थ्य विभाग नहीं, बल्कि शिक्षा, परिवहन, आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।
जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा है खतरा
WHO ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन डूबने की घटनाओं को और गंभीर बना रहा है। दुनिया भर में बाढ़, तूफान और हीटवेव जैसी चरम मौसमी घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
ब्रिटेन में हुई एक अध्ययन का हवाला देते हुए WHO ने बताया कि तापमान में हर 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ डूबने से होने वाली मौतों में करीब 7.2% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, जिन दिनों तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होता है, उन दिनों डूबने का जोखिम सामान्य दिनों की तुलना में करीब पाँच गुना तक बढ़ जाता है।
घाना में लॉन्च और ब्लूमबर्ग का समर्थन
WHO ने इस तकनीकी पैकेज को अफ्रीकी देश घाना में लॉन्च करना इसलिए चुना क्योंकि वहाँ हर साल करीब 1,100 लोगों की डूबने से मौत होती है — यानी औसतन हर दिन तीन लोगों की जान जाती है, जिनमें सर्वाधिक बच्चे और युवा हैं। इस अभियान को ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज़ का भी समर्थन मिला है। संस्था का कहना है कि सुझाए गए उपाय पहले से कई देशों में कारगर साबित हो चुके हैं और अब इन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने की ज़रूरत है।
इस वर्ष की थीम और आगे की राह
इस वर्ष विश्व डूबने से बचाव दिवस 2025 की थीम है — 'हालात बदलने के लिए एकजुट हों।' WHO का मानना है कि यदि सरकारें, स्थानीय प्रशासन, स्कूल, परिवार और समुदाय समन्वित प्रयास करें, तो हर साल होने वाली लाखों मौतों को रोका जा सकता है। यह पैकेज उस बहु-क्षेत्रीय सहयोग का खाका है जिसे WHO अब वैश्विक स्तर पर अपनाए जाने की अपील कर रहा है।