अमेरिका ने UNGA के लिए ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को वीजा देने से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है। 21 सितंबर 2026 को ईरानी मीडिया ने यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और पेजेश्कियन बुधवार को महासभा को संबोधित करने वाले हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने पेजेश्कियन के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों — जिनमें उनकी कम्युनिकेशन टीम भी शामिल है — को वीजा देने से मना कर दिया। ईरानी मीडिया ने इसे 'अप्रत्याशित और विद्वेष से भरा कदम' बताया है। हालाँकि, अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को न्यूयॉर्क आने की सामान्य अनुमति दी है, लेकिन पिछले साल की तरह कुछ पाबंदियाँ भी लगाई हैं — जैसे कि ईरानी प्रतिनिधियों को लग्जरी सामान या अन्य वस्तुएँ खरीदने की इजाजत नहीं होगी।
पेजेश्कियन मंगलवार को न्यूयॉर्क के लिए रवाना होने वाले हैं। उनके साथ ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं, जो रविवार शाम कतर में संक्षिप्त पड़ाव के लिए ईरान से रवाना हो चुके थे।
मध्य पूर्व संकट की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के साथ मध्य पूर्व में एक नए संकट का आगाज हुआ था। उसके बाद पेजेश्कियन अमेरिका जाने वाले ईरान के पहले बड़े पदाधिकारी हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य — जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए एक अत्यंत रणनीतिक शिपिंग मार्ग है — को संघर्ष शुरू होने के बाद से बंद कर रखा है।
ईरान ने कहा है कि उसने मध्यस्थ देश कतर के ज़रिए अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने की शर्तें सुझाई हैं। इसके जवाब में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर जवाबी नाकेबंदी कर रहा है।
UNGA 81वें सत्र का संदर्भ
संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्चस्तरीय आम बहस 22 से 28 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसमें 193 सदस्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे। 81वें सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के खलीलुर रहमान करेंगे। इस सत्र की थीम है — 'विश्वास बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन करना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।'
कूटनीतिक असर
वीजा इनकार की यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बनाती है। आलोचकों का कहना है कि जब दोनों देशों के बीच कतर के ज़रिए बातचीत की कोशिश हो रही है, ऐसे में किसी राष्ट्राध्यक्ष की कम्युनिकेशन टीम को वीजा देने से इनकार करना कूटनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वीजा विवाद पेजेश्कियन के UNGA संबोधन की सामग्री और संयुक्त राष्ट्र मंच पर ईरान की स्थिति को प्रभावित करता है।