यूएनजीए के 81वें सत्र के लिए ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन न्यूयॉर्क रवाना, बुधवार को करेंगे संबोधन
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को तेहरान से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुए, जहाँ वे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें उच्च-स्तरीय सत्र में शामिल होंगे। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, पेजेश्कियन बुधवार को महासभा को संबोधित करेंगे और विभिन्न देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
प्रस्थान और विदाई समारोह
पेजेश्कियन को तेहरान हवाई अड्डे पर विदाई देने के लिए उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ, सरकार के कई वरिष्ठ सदस्य और ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के डिप्टी चेयरमैन हुज्जतोलेस्लाम मोहसिन कोमी पहुँचे।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। कथित तौर पर अमेरिकी सरकार ने पेजेश्कियन के प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया है, जिसे ईरानी पक्ष ने 'विरोधी कदम' करार दिया है।
संचार टीम को वीजा अस्वीकृति का विवाद
ईरानी मीडिया के अनुसार, यूएनजीए के 81वें सत्र में शिरकत के लिए जा रहे राष्ट्रपति पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को अमेरिका ने वीजा देने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका संबंध पिछले कई दशकों के मुकाबले अत्यंत जटिल दौर में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वीजा अस्वीकृति जैसे कदम कूटनीतिक वार्ता की संभावनाओं को और कठिन बना सकते हैं।
यूएनजीए सत्र और इस साल की थीम
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वाँ सत्र मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आरंभ हो रहा है। इस वर्ष सत्र की थीम रखी गई है — 'भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।'
इस उच्च-स्तरीय बैठक में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष वैश्विक मुद्दों पर अपने-अपने देशों का आधिकारिक रुख रखेंगे। पेजेश्कियन के इस मंच से संबोधन में ईरान का आधिकारिक नीतिगत स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
युद्ध की पृष्ठभूमि में यात्रा का महत्व
पेजेश्कियन के इस न्यूयॉर्क दौरे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की खास नज़र है, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार पिछले छह महीने से अधिक समय से एक संघर्ष जारी है, जिसका समाधान निकलने की उम्मीद इस महासभा से भी लगाई जा रही है। राजनयिक हलकों में यह अपेक्षा है कि यूएनजीए का यह मंच दीर्घकालिक कूटनीतिक संवाद के लिए एक नई शुरुआत का अवसर प्रदान कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, पेजेश्कियन अमेरिका में रहने वाले ईरानी समुदाय के प्रतिनिधियों, अमेरिकी विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से भी मुलाकात करने वाले हैं, जो इस यात्रा को महज एक औपचारिक संयुक्त राष्ट्र यात्रा से कहीं अधिक व्यापक बनाती है।