26 सितंबर 2026
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IAEA निरीक्षकों को ईरान आने की इजाजत दे सकते हैं राष्ट्रपति पेजेश्कियन, नई डील पर बातचीत को तैयार

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IAEA निरीक्षकों को ईरान आने की इजाजत दे सकते हैं राष्ट्रपति पेजेश्कियन, नई डील पर बातचीत को तैयार

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बड़ा संकेत — नई डील बने तो IAEA निरीक्षकों को देश में आने की इजाजत मिल सकती है। लेकिन अमेरिका के साथ 'अविश्वास का माहौल' और होर्मुज पर शर्तें बातचीत को पेचीदा बनाती हैं। कूटनीतिक खिड़की खुली है, दरवाजा नहीं।

मुख्य बातें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा — IAEA निरीक्षकों को ईरान आने की अनुमति 'नई डील के तहत' दी जा सकती है।
अमेरिकी कार्यक्रम 'फेस द नेशन' में दिए साक्षात्कार में पेजेश्कियन ने ईरान-अमेरिका के बीच अविश्वास को सीधी बैठक में बड़ी बाधा बताया।
राष्ट्रपति ट्रम्प से बैठक की संभावना पर पेजेश्कियन ने पहले 'स्पष्ट सहमति' की शर्त रखी।
ईरान ने होर्मुज खोलने का प्रस्ताव रखा — अमेरिका के मानने पर तेहरान अपनी प्रतिबद्धताएँ पूरी करेगा।
पेजेश्कियन ने परमाणु हथियार को धार्मिक आधार पर 'वर्जित' बताया।
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई से हाल ही में सात घंटे से अधिक लंबी बैठक की जानकारी दी।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 26 सितंबर 2026 को अमेरिकी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में संकेत दिया कि वे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को ईरान में प्रवेश की अनुमति देने पर विचार कर सकते हैं — लेकिन केवल किसी 'नई डील' के दायरे में। यह बयान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर ईरान द्वारा वैश्विक परमाणु एजेंसियों पर पक्षपात का आरोप लगाने के कुछ ही दिनों बाद आया है।

साक्षात्कार में क्या कहा पेजेश्कियन ने

अमेरिकी कार्यक्रम 'फेस द नेशन' के लिए हुए इस साक्षात्कार को शुक्रवार देर रात प्रसारित किया गया, और शनिवार को ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने इसका विस्तृत ब्यौरा प्रकाशित किया। पेजेश्कियन से जब पूछा गया कि क्या ईरान IAEA निरीक्षकों पर लगी पाबंदियाँ हटाएगा, तो उन्होंने कहा, 'अगर वे आना और निरीक्षण करना चाहते हैं, तो ईरान नई डील के तहत इस मुद्दे पर समझौता कर सकता है।' यह बयान सशर्त है, लेकिन कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

अमेरिका-ईरान के बीच 'अविश्वास का माहौल'

न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ संभावित बैठक पर पूछे गए सवाल के जवाब में पेजेश्कियन ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच 'अविश्वास का गहरा माहौल' बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि दोनों पक्ष किस बात पर सहमति बनाना चाहते हैं। बातचीत के दौरान अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था — इस तरह दोनों देशों के बीच अविश्वास सीधी बैठक में एक बड़ी बाधा है।'

पेजेश्कियन ने अमेरिकी प्रतिबंधों, धमकियों और वाशिंगटन की पिछली लिखित प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने का भी जिक्र किया, और सवाल उठाया कि 'क्या बातचीत शुरू होने पर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा?'

होर्मुज प्रस्ताव और परमाणु हथियार पर ईरानी रुख

ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका होर्मुज खोलने के ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। परमाणु हथियार बनाने के इरादे को लेकर पेजेश्कियन ने एक बार फिर धार्मिक आधार पर इसे 'वर्जित' बताया। उन्होंने कहा कि भले ही ईरान में कुछ तत्व ऐसे हथियार चाहते हों, धार्मिक दृष्टि से उन्हें यह अनुमति नहीं है।

सर्वोच्च नेता से सात घंटे की बैठक

साक्षात्कार में पेजेश्कियन ने अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई से अपने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सर्वोच्च नेता को 'कोई खास या लगातार स्वास्थ्य समस्या नहीं है।' राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने हाल ही में खामेनेई से दो बार मुलाकात की, जिनमें से एक बैठक सात घंटे से अधिक चली।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतर्राष्ट्रीय दबाव चरम पर है और IAEA ने ईरान के निरीक्षण सहयोग पर गंभीर चिंताएँ जताई हैं। गौरतलब है कि ईरान ने 2021 में IAEA के साथ सहयोग को काफी हद तक सीमित कर दिया था। पेजेश्कियन का यह बयान एक कूटनीतिक खिड़की खोलता है, लेकिन 'नई डील' की शर्तें अभी अस्पष्ट हैं। अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी औपचारिक वार्ता की दिशा अगले कुछ हफ्तों में स्पष्ट हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'नई डील के तहत' की शर्त इसे व्यावहारिक से अधिक कूटनीतिक संकेत बनाती है। ईरान पहले भी IAEA सहयोग को बातचीत के मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर चुका है — 2015 की JCPOA और उसके बाद के घटनाक्रम इसका प्रमाण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 'अविश्वास' महज़ भावनात्मक शब्द नहीं है — यह प्रतिबंधों, सैन्य टकरावों और टूटे समझौतों की ठोस विरासत है। जब तक 'नई डील' की शर्तें सार्वजनिक और सत्यापन-योग्य नहीं होतीं, यह बयान उम्मीद की किरण कम और वार्ता-पूर्व की रणनीतिक स्थिति अधिक प्रतीत होता है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने IAEA निरीक्षकों को लेकर क्या कहा?
पेजेश्कियन ने कहा कि यदि कोई 'नई डील' होती है, तो ईरान IAEA निरीक्षकों को देश में आने और निरीक्षण करने की अनुमति दे सकता है। यह बयान 26 सितंबर 2026 को अमेरिकी कार्यक्रम 'फेस द नेशन' में दिए साक्षात्कार में आया।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में सबसे बड़ी बाधा क्या है?
पेजेश्कियन ने स्वयं 'अविश्वास के माहौल' को सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों, हमलों और पिछली लिखित प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने का हवाला दिया, और कहा कि पहले दोनों पक्षों को यह स्पष्ट करना होगा कि वे किस बात पर सहमत होना चाहते हैं।
होर्मुज को लेकर ईरान का प्रस्ताव क्या है?
ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज खोलने का प्रस्ताव रखा है। पेजेश्कियन ने कहा कि यदि अमेरिका इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। हालाँकि इस प्रस्ताव की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
क्या ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है?
पेजेश्कियन ने इसे धार्मिक आधार पर 'वर्जित' बताया और कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने का इरादा नहीं रखता। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ तत्व ऐसा चाहें, धार्मिक दृष्टि से इसकी अनुमति नहीं है।
अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर क्या जानकारी सामने आई?
पेजेश्कियन ने दावा किया कि सर्वोच्च नेता खामेनेई को कोई 'खास या लगातार स्वास्थ्य समस्या' नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनसे दो बार मुलाकात हुई, जिनमें एक बैठक सात घंटे से भी अधिक चली।
राष्ट्र प्रेस
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