ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का ट्रंप के अंकारा बयान पर पलटवार से इनकार, होर्मुज में 6,000 नाविक फंसे
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 9 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंकारा में दिए बयान का औपचारिक जवाब देने से स्पष्ट इनकार कर दिया। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है और दोनों देश एक-दूसरे के प्रमुख ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
पेजेश्कियन का तीखा बयान
पेजेश्कियन ने कहा, 'हम उस व्यक्ति से ऐसी राजनीति नहीं सीखेंगे, जिसके हाथ बच्चों के खून से सने हैं।' अल जजीरा के अनुसार, यह टिप्पणी कथित तौर पर उस अमेरिकी हमले की ओर इशारा मानी जा रही है, जिसमें ईरान के एक स्कूल पर हमला होने और 100 से अधिक बच्चों के मारे जाने का दावा किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि जो व्यक्ति बिना अपमान किए अपनी बात नहीं रख सकता, उसके शब्द और सोच दोनों ही अपमानजनक हैं। पेजेश्कियन ने दोहराया कि ईरान अपने अधिकारों की मज़बूती से रक्षा करेगा।
ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन में क्या कहा था
बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अंकारा में ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्षविराम को अपनी तरफ से 'खत्म' बताया और ईरानी नेताओं के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। यह बयान पश्चिम एशिया में पहले से ही भड़की हुई स्थिति को और अधिक उत्तेजित करने वाला माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में 6,000 नाविक फंसे
अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब समुद्री गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के प्रमुख अर्सेनियो डोमिंगुएज ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास करीब 6,000 नाविक अभी भी फंसे हुए हैं।
डोमिंगुएज ने कहा, 'किसी भी नाविक को केवल अपना काम करने के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। आँकड़ों के पीछे ऐसे लोग हैं, जो इस संघर्ष की मानवीय कीमत चुका रहे हैं।' उन्होंने मौजूदा सैन्य संघर्ष को निर्दोष नाविकों की जान के लिए सीधा खतरा बताया।
ईरान के रेलवे पुल पर हमला
इस बीच, कथित अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के उत्तरी गोलस्तान प्रांत स्थित अक तकेह खान रेलवे पुल को नुकसान पहुँचने की खबर है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के अनुसार, यह पुल देश के प्रमुख रेल संपर्कों में से एक है और चीन के साथ व्यापारिक आवाजाही के लिए अहम माना जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह रेलवे मार्ग तेहरान को ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन से जोड़ता है और तुर्कमेनिस्तान तथा कजाखस्तान से होकर गुजरता है। इस कॉरिडोर का नष्ट होना क्षेत्रीय व्यापार के लिए दीर्घकालिक रूप से नुकसानदेह हो सकता है।
आगे क्या होगा
पश्चिम एशिया में तनाव के इस दौर में कूटनीतिक संवाद लगभग ठप है। पेजेश्कियन का जवाब देने से इनकार और ट्रंप का संघर्षविराम खत्म करने का दावा दोनों मिलकर संकेत देते हैं कि निकट भविष्य में स्थिति और जटिल हो सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे नाविकों की स्थिति वैश्विक समुद्री समुदाय के लिए तत्काल चिंता का विषय बनी हुई है।