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ईरान का साफ इनकार: अंतिम परमाणु समझौते से पहले IAEA निरीक्षण नहीं

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ईरान का साफ इनकार: अंतिम परमाणु समझौते से पहले IAEA निरीक्षण नहीं

सारांश

ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि IAEA निरीक्षकों को परमाणु स्थलों तक पहुँच तभी मिलेगी जब अमेरिका के साथ 'अंतिम समझौता' हो और सभी प्रतिबंध हटें। जेडी वेंस के दावे और तेहरान के इनकार के बीच यह कूटनीतिक टकराव वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

मुख्य बातें

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने 24 जून 2025 को एक्स पर कहा कि IAEA निरीक्षण केवल अमेरिका के साथ 'अंतिम समझौते' के बाद संभव होगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस दावे का खंडन हुआ कि ईरान ने IAEA निरीक्षकों को आमंत्रित करने पर सहमति दी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा — ग्रोसी से कोई बैठक नहीं, निरीक्षण की कोई समय-सीमा तय नहीं।
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने टोक्यो में कहा कि निरीक्षण 'निश्चित रूप से होगा।' जून 2025 के संघर्ष के बाद से ईरान ने IAEA को संवर्धन स्थलों तक पहुँच से रोक रखा है; कथित तौर पर वहाँ लगभग 10 परमाणु हथियार बनाने लायक यूरेनियम जमा है।

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने 24 जून 2025 को स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को ईरान के परमाणु स्थलों तक पहुँच केवल अमेरिका के साथ 'अंतिम समझौते' के बाद ही दी जाएगी। तेहरान की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि ईरान ने IAEA निरीक्षकों को आमंत्रित करने पर सहमति जता दी है।

गरीबाबादी का एक्स पर बयान

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि IAEA निरीक्षकों की पहुँच और परमाणु सामग्री से जुड़े मुद्दों को 'केवल अंतिम समझौते के ढाँचे के भीतर ही देखा और सुलझाया जाएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि 'दूसरा पक्ष सभी प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए वास्तविक कदम उठाए।'

गरीबाबादी ने यह भी खुलासा किया कि स्विट्ज़रलैंड में हुई वार्ताओं के दौरान ईरान के किसी भी अधिकारी की IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी से मुलाकात नहीं हुई, जबकि ईरान ने इसके लिए अनुरोध किया था।

IAEA प्रमुख का टोक्यो में बयान

दूसरी ओर, टोक्यो में एक पत्रकार वार्ता के दौरान IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा कि ईरान के परमाणु स्थलों का निरीक्षण 'होकर रहेगा।' उन्होंने कहा, 'यह आज हो, परसों हो, एक हफ्ते या दस दिनों में हो — यह महत्वपूर्ण है, लेकिन अनिवार्य नहीं। यह निश्चित रूप से होगा।' ग्रोसी का यह बयान तेहरान के रुख से सीधे टकराता है।

अमेरिका और ईरान के दावों में विरोधाभास

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि ईरान ने IAEA निरीक्षकों को फिर से देश में आमंत्रित करने पर सहमति जताई है। परंतु ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इसका खंडन करते हुए कहा कि ग्रोसी के साथ कोई बैठक नहीं हुई है और निरीक्षण के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा भी तय नहीं की गई है। गौरतलब है कि यह परस्पर-विरोधी दावों का सिलसिला कूटनीतिक अनिश्चितता को और गहरा करता है।

पृष्ठभूमि: जून 2025 के संघर्ष के बाद की स्थिति

जून 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से तेहरान ने IAEA को उन संवर्धन स्थलों का निरीक्षण करने से रोक रखा है, जहाँ कथित तौर पर इतना उच्च स्तर का समृद्ध यूरेनियम जमा है कि ईरान चाहे तो लगभग 10 परमाणु हथियार बना सकता है। हालाँकि, ईरान लंबे समय से यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक अमेरिका-ईरान के बीच प्रतिबंधों और परमाणु सीमाओं पर कोई ठोस 'अंतिम समझौता' नहीं होता, तब तक IAEA निरीक्षण की राह आसान नहीं होगी। यह स्थिति वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए एक गंभीर परीक्षण बनी हुई है, और आने वाले हफ्तों में कूटनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परमाणु वार्ता की नाजुक स्थिति का आईना है। ईरान ने निरीक्षण को प्रतिबंधों की समाप्ति से जोड़कर एक ऐसी शर्त रखी है जो अमेरिका के लिए तुरंत मानना कठिन है। गौरतलब है कि IAEA की पहुँच के बिना परमाणु कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति का आकलन असंभव है, और यही अनिश्चितता वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ कर रही है वह यह है कि स्विट्ज़रलैंड वार्ता में ग्रोसी से मुलाकात न होना खुद एक बड़ा कूटनीतिक संकेत है — दोनों पक्षों के बीच अभी भी गहरी अविश्वास की खाई मौजूद है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने IAEA परमाणु निरीक्षण पर क्या शर्त रखी है?
ईरान ने कहा है कि IAEA निरीक्षकों को परमाणु स्थलों तक पहुँच केवल अमेरिका के साथ 'अंतिम समझौते' के बाद दी जाएगी और इसके लिए अमेरिका को सभी प्रतिबंध हटाने होंगे। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने यह बात एक्स पर पोस्ट करके स्पष्ट की।
जेडी वेंस और ईरान के बयानों में क्या अंतर है?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि ईरान ने IAEA निरीक्षकों को आमंत्रित करने पर सहमति जताई है, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इसका खंडन करते हुए कहा कि न कोई बैठक हुई, न कोई समय-सीमा तय हुई। यह परस्पर-विरोधी दावा कूटनीतिक अनिश्चितता को दर्शाता है।
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने ईरान निरीक्षण पर क्या कहा?
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने टोक्यो में पत्रकारों से कहा कि ईरान के परमाणु स्थलों का निरीक्षण 'निश्चित रूप से होगा,' चाहे आज हो या दस दिन बाद। हालाँकि उन्होंने कोई ठोस समय-सीमा नहीं दी।
जून 2025 के बाद से ईरान और IAEA के बीच क्या स्थिति है?
जून 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से ईरान ने IAEA को उन संवर्धन स्थलों का निरीक्षण करने से रोक रखा है जहाँ कथित तौर पर लगभग 10 परमाणु हथियार बनाने लायक उच्च-संवर्धित यूरेनियम जमा है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।
स्विट्ज़रलैंड वार्ता में क्या हुआ?
गरीबाबादी के अनुसार, स्विट्ज़रलैंड में हुई वार्ताओं के दौरान ईरान के किसी भी अधिकारी की IAEA प्रमुख ग्रोसी से मुलाकात नहीं हुई, जबकि ईरान ने इसके लिए अनुरोध किया था। यह खुलासा दोनों पक्षों के बीच संवाद की गहरी खाई को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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