7 अगस्त 2026
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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन और गायिका मैरी मिलबेन ने भारतीय वस्त्रों में मनाया पर्व

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन और गायिका मैरी मिलबेन ने भारतीय वस्त्रों में मनाया पर्व

सारांश

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर 7 अगस्त को ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन अपने पूरे मिशन दल के साथ भारतीय परिधान में नज़र आए, जबकि अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने साड़ी पहनकर भारतीय बुनकरों को श्रद्धांजलि दी — यह वैश्विक मंच पर भारतीय हथकरघा की बढ़ती साख का प्रतीक है।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मिशन कर्मचारियों के साथ भारतीय परिधान पहनकर उत्सव मनाया।
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन साड़ी पहनकर इस अवसर पर नज़र आईं और हथकरघे को भारत की 'कालातीत विरासत' बताया।
मिलबेन की तस्वीर में नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन और BJP के विदेश विभाग प्रभारी विजय चौथाईवाले भी शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर संदेश साझा कर बुनकरों की प्रतिभा और समर्पण को सलाम किया।
सरकार ने हथकरघा क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर 7 अगस्त 2026 को विदेशी हस्तियों ने भारतीय परिधान धारण कर इस अवसर को विशेष बना दिया। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने अपने मिशन के कर्मचारियों के साथ भारतीय वस्त्र पहनकर यह दिन मनाया और एक्स पर तस्वीर साझा कर देश के बुनकरों व कारीगरों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन भी साड़ी पहने नज़र आईं और हथकरघे को भारत की 'कालातीत विरासत' बताया।

ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग की पहल

फिलिप ग्रीन ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए कहा, 'रंग-बिरंगी बुनाइयों से लेकर सदियों पुरानी परंपराओं तक, भारत का हथकरघा क्षेत्र देश की शानदार सांस्कृतिक विविधता और कारीगरी को दिखाता है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम खूबसूरत भारतीय वस्त्र पहनकर भारत के कुशल बुनकरों और कारीगरों का सम्मान करते हैं।' यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी राजनयिक मिशन ने भारतीय सांस्कृतिक दिवसों पर इस तरह की सहभागिता दिखाई हो, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग की इस सामूहिक भागीदारी ने सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना बटोरी।

मैरी मिलबेन का भावपूर्ण संदेश

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने इस अवसर पर एक तस्वीर साझा की जिसमें वे साड़ी पहने दिखीं। उनके साथ नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विदेश विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले भी नज़र आए। मिलबेन ने लिखा, 'मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने प्रिय भारत के साथ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का सम्मान करती हूं। यह अनमोल विरासत ग्रामीण सशक्तिकरण का एक मजबूत स्तंभ है और भारत में महिलाओं की ओर से चलाए जा रहे लाखों वस्त्र व्यवसायों को दर्शाती है।'

मिलबेन ने आगे कहा, 'भारत की आत्मा हर उस हाथ में बसती है जो बुनाई करता है, हर उस कपड़े में जो खिलता है और हर उस रंग में जो चमकता है। यह खूबसूरत परंपरा, जिसे मैं प्रेम के साथ पहनती हूं, एक महान जनता और एक महान राष्ट्र की पहचान है।'

प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर संदेश साझा कर राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा और पीढ़ियों से इस कला को सहेजने वाले बुनकरों व कारीगरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा, 'आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का उत्सव मना रहे हैं। हम अपने बुनकरों और कारीगरों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समर्पण को भी सलाम करते हैं। कई पीढ़ियों से उन्होंने हमारी परंपराओं को संजोया है और उन्हें और समृद्ध बनाया है।'

सरकार की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हथकरघा क्षेत्र का समर्थन जारी रखेगी। उन्होंने इसे ग्रामीण सशक्तिकरण, महिलाओं के नेतृत्व में विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का महत्वपूर्ण आधार बताया। गौरतलब है कि हथकरघा क्षेत्र भारत में लाखों परिवारों की आजीविका का स्रोत है और देश की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की वैश्विक माँग बढ़ रही है। विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की इस सहभागिता से न केवल भारतीय बुनकरों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय वस्त्र परंपरा की पहचान भी मज़बूत होती है। आगे भी इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भारतीय हथकरघा उद्योग को नई ऊँचाइयाँ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रतीकात्मक समर्थन ज़मीनी स्तर पर बुनकरों की आर्थिक स्थिति सुधारने में तब्दील हो रहा है। भारत का हथकरघा क्षेत्र लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है, फिर भी मशीन-निर्मित कपड़ों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाज़ार तक सीमित पहुँच इस उद्योग की पुरानी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और हैशटैग जागरूकता तो बढ़ाते हैं, पर नीतिगत हस्तक्षेप और निर्यात प्रोत्साहन के बिना यह उत्साह अल्पकालिक ही रहेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। यह तिथि 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद में चुनी गई है, जिसने भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग को नई पहचान दिलाई थी।
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने हथकरघा दिवस पर क्या किया?
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने 7 अगस्त 2026 को अपने मिशन के कर्मचारियों के साथ भारतीय परिधान पहनकर राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया और एक्स पर तस्वीर साझा कर भारतीय बुनकरों व कारीगरों को श्रद्धांजलि दी।
मैरी मिलबेन कौन हैं और उनका भारत से क्या संबंध है?
मैरी मिलबेन एक अमेरिकी गायिका हैं जो भारत के प्रति अपनी आत्मीयता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हथकरघा दिवस पर साड़ी पहनकर तस्वीर साझा की और हथकरघे को ग्रामीण सशक्तिकरण व महिला उद्यमिता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने हथकरघा दिवस पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर संदेश साझा कर बुनकरों की प्रतिभा और समर्पण को सलाम किया। उन्होंने कहा कि सरकार हथकरघा क्षेत्र का समर्थन जारी रखेगी क्योंकि यह ग्रामीण सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की नींव है।
हथकरघा क्षेत्र भारतीय महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
हथकरघा क्षेत्र भारत में महिलाओं द्वारा संचालित लाखों वस्त्र व्यवसायों की रीढ़ है। मैरी मिलबेन और प्रधानमंत्री मोदी दोनों ने इसे महिला नेतृत्व में विकास और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमुख माध्यम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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