14 अगस्त 2026
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वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026: बांग्लादेश 3 पायदान गिरकर 152वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था पर भी असर

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वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026: बांग्लादेश 3 पायदान गिरकर 152वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था पर भी असर

सारांश

2024 के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में मीडिया की आज़ादी की उम्मीदें धूमिल हो गईं — वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में देश 3 पायदान गिरकर 152वें स्थान पर पहुँच गया है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रेस पर पाबंदियों का सीधा असर GDP वृद्धि पर भी पड़ रहा है और स्थिति 'बहुत गंभीर' श्रेणी में दर्ज हो चुकी है।

मुख्य बातें

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश 3 पायदान गिरकर 152वें स्थान पर आया; 2025 में यह 149वें स्थान पर था।
सूचकांक में 180 देशों को शामिल किया गया और बांग्लादेश की स्थिति

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश पिछले वर्ष के मुकाबले 3 पायदान नीचे खिसककर 152वें स्थान पर आ गया है — यह गिरावट ऐसे समय में दर्ज हुई है जब देश 2024 के तख्तापलट के बाद से आर्थिक मोर्चे पर भी संघर्ष कर रहा है। 180 देशों की इस सूची में बांग्लादेश की स्थिति को अब

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर हालात और बिगड़ गए। पत्रकारों को 'हसीना समर्थक' कहकर निशाना बनाना दरअसल एक नई किस्म की सेंसरशिप है जो पुराने दमन से कम खतरनाक नहीं। वैश्विक शोध यह स्पष्ट करता है कि प्रेस की स्वतंत्रता और आर्थिक स्थिरता के बीच सीधा संबंध है — बांग्लादेश इसका जीता-जागता उदाहरण बनता जा रहा है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश की रैंकिंग क्या है?
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश 180 देशों की सूची में 152वें स्थान पर है, जो 2025 के 149वें स्थान से 3 पायदान नीचे है। देश की स्थिति को अब 'बहुत गंभीर' श्रेणी में रखा गया है।
बांग्लादेश में प्रेस की आज़ादी पर इतना दबाव क्यों है?
द बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के तख्तापलट के बाद कुछ पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को 'फासिस्ट' हसीना राज के 'साथी' के रूप में ब्रांड किया गया। सेंसरशिप, साइबर उत्पीड़न, खुफिया एजेंसियों का दबाव और सख्त कानून मीडिया की स्वतंत्रता को बाधित कर रहे हैं।
प्रेस की आज़ादी का बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?
रिपोर्ट में पुराने अध्ययनों के हवाले से बताया गया है कि प्रेस पर हमलों से वास्तविक GDP वृद्धि में लगभग 1 से 2 फीसदी की कमी आ सकती है। प्रेस की आज़ादी के अभाव में भ्रष्टाचार बढ़ता है और बैंकिंग क्षेत्र अस्थिर होता है।
प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में कौन-से देश शीर्ष पर हैं?
नॉर्वे, नीदरलैंड्स, एस्टोनिया, डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देश हैं। ये देश भ्रष्टाचार सूचकांक में भी सबसे कम भ्रष्ट देशों की सूची में टॉप पर रहते हैं।
हसीना राज के दौरान बांग्लादेश में मीडिया की स्थिति कैसी थी?
रिपोर्ट के अनुसार, हसीना राज की पहचान सेंसरशिप, साइबर उत्पीड़न, खुफिया एजेंसियों के दबाव, कोर्ट में उत्पीड़न, कई सख्त कानून और पुलिस हिंसा से थी। तख्तापलट के बाद मीडिया को अधिक आज़ादी की उम्मीद थी, लेकिन कथित तौर पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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