17 अगस्त 2026
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बांग्लादेश के 'ग्रीन' शिप-ब्रेकिंग यार्ड: 84 दुर्घटनाएँ, 15 मौतें — ग्रीनवाशिंग के आरोप

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बांग्लादेश के 'ग्रीन' शिप-ब्रेकिंग यार्ड: 84 दुर्घटनाएँ, 15 मौतें — ग्रीनवाशिंग के आरोप

सारांश

बांग्लादेश के 23 शिप-ब्रेकिंग यार्डों को 'ग्रीन' का दर्जा मिला है, लेकिन हांगकांग कन्वेंशन लागू होने के बाद से 84 दुर्घटनाएँ और 15 मौतें इन दावों की पोल खोल रही हैं। सीताकुंडा में 9 मजदूरों की मौत ने ग्रीनवाशिंग के आरोपों को नई धार दे दी है।

मुख्य बातें

14 अगस्त 2026 को सीताकुंडा, बांग्लादेश के फिरदौस स्टील शिप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस से 9 मजदूरों की मौत हुई।
BILS के अनुसार 26 जून 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच 84 दुर्घटनाएँ , 15 मौतें और 81 घायल ।
बांग्लादेश के 31 में से 23 शिप-ब्रेकिंग यार्डों को 'ग्रीन' घोषित किया गया है, जो हांगकांग कन्वेंशन ( लागू: 26 जून 2025 ) पर आधारित है।
अधिकांश हादसे भारी वस्तुओं के गिरने , क्रेन फेल होने और गैस विस्फोट के कारण हुए।
BELA जैसे विशेषज्ञ समूहों का कहना है कि हांगकांग कन्वेंशन पर्याप्त नहीं, बेसल कन्वेंशन का पालन भी ज़रूरी।

बांग्लादेश के सीताकुंडा स्थित फिरदौस स्टील शिप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज में 14 अगस्त 2026 को एक कबाड़ हो चुके जहाज के बंद टैंक में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के संपर्क में आने से नौ मजदूरों की मौत हो गई — और इस त्रासदी ने एक बार फिर उजागर कर दिया कि बांग्लादेश के 'ग्रीन' शिप-ब्रेकिंग यार्ड के दावे ज़मीनी हकीकत से कितने दूर हैं। बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर स्टडीज (BILS) के आँकड़ों के अनुसार, 26 जून 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच कुल 84 दुर्घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिनमें 15 मजदूरों की जान गई और 81 घायल हुए।

मुख्य घटनाक्रम

भाटियारी, सीताकुंडा में हुई इस घटना में मजदूर एमटी रासी नामक एक पुराने एलएनजी कैरियर को तोड़ने का काम कर रहे थे। विस्फोटक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जहाज के एक बंद टैंक के भीतर जमा हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ। यह जहाज जुलाई 2025 में चट्टोग्राम एंकरेज पहुँचा था और उसी महीने के अंत में तोड़ने के लिए किनारे पर लाया गया था।

डेली स्टार के आँकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश दुर्घटनाएँ गर्डर और भारी वस्तुओं के गिरने, क्रेन या तार के फेल होने और गैस विस्फोट के कारण हुईं।

ग्रीन सर्टिफिकेशन और असलियत का अंतर

बांग्लादेश ने अपने कुल 31 शिप-ब्रेकिंग यार्ड में से 23 को कागजों पर 'ग्रीन' घोषित किया है। यह दर्जा हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन के अनुपालन के आधार पर दिया गया है — वह वैश्विक संधि जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने मई 2009 में अपनाया और जो 26 जून 2025 को लागू हुई। इस कन्वेंशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहाजों को तोड़ने की प्रक्रिया से मानव स्वास्थ्य, मजदूर सुरक्षा या पर्यावरण को नुकसान न हो।

गौरतलब है कि हांगकांग कन्वेंशन लागू होने के महज़ डेढ़ साल के भीतर 84 दुर्घटनाएँ दर्ज होना इन 'ग्रीन लाइसेंस' की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बांग्लादेश एनवायरनमेंटल लॉयर्स एसोसिएशन (BELA) जैसे विशेषज्ञ समूहों का तर्क है कि हांगकांग कन्वेंशन का अनुपालन पर्याप्त नहीं है और शिपयार्डों को अधिक कड़े बेसल कन्वेंशन का भी पालन करना चाहिए। आलोचकों का कहना है कि इन यार्डों को दिए गए 'ग्रीन लाइसेंस' वास्तव में ग्रीनवाशिंग से अधिक कुछ नहीं — यानी पर्यावरणीय अनुपालन के भ्रामक और अतिरंजित दावे।

आम मजदूरों पर असर

शिप-ब्रेकिंग उद्योग में काम करने वाले मजदूर अक्सर अनौपचारिक क्षेत्र से आते हैं और उनके पास सुरक्षा उपकरणों तक सीमित पहुँच होती है। BILS के आँकड़े बताते हैं कि हादसों की दर लगातार ऊँची बनी हुई है — 84 दुर्घटनाओं में 15 मौतें और 81 घायल, यानी औसतन हर दो हफ्ते में एक बड़ा हादसा। यह ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियाँ अपने पुराने जहाजों को तोड़ने के लिए बांग्लादेश को प्राथमिकता दे रही हैं।

क्या होगा आगे

14 अगस्त की घटना के बाद बांग्लादेशी अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है कि वे शिपयार्डों की सुरक्षा जाँच को सख्त करें। हालाँकि, अब तक किसी ठोस नीतिगत कदम की घोषणा नहीं की गई है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संगठन और श्रम अधिकार समूह इस मामले पर नज़र बनाए हुए हैं और बेसल कन्वेंशन के अनुपालन की माँग तेज़ होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश के 'ग्रीन' शिप-ब्रेकिंग यार्ड क्या हैं?
बांग्लादेश ने अपने 31 शिप-ब्रेकिंग यार्डों में से 23 को हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन के अनुपालन के आधार पर 'ग्रीन' घोषित किया है। यह कन्वेंशन 26 जून 2025 को लागू हुआ और इसका उद्देश्य जहाज़ तोड़ने की प्रक्रिया को मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए सुरक्षित बनाना है।
सीताकुंडा में 14 अगस्त को क्या हुआ?
14 अगस्त 2026 को सीताकुंडा के भाटियारी स्थित फिरदौस स्टील शिप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज में एमटी रासी नामक पुराने एलएनजी कैरियर के एक बंद टैंक में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस जमा होने से 9 मजदूरों की मौत हो गई। विस्फोटक विभाग के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की।
हांगकांग कन्वेंशन लागू होने के बाद कितनी दुर्घटनाएँ हुई हैं?
BILS के आँकड़ों के अनुसार 26 जून 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच 84 दुर्घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिनमें 15 मजदूरों की मौत हुई और 81 घायल हुए। अधिकांश हादसे भारी वस्तुओं के गिरने, क्रेन फेल होने और गैस विस्फोट के कारण हुए।
ग्रीनवाशिंग के आरोप क्यों लग रहे हैं?
आलोचकों का कहना है कि 'ग्रीन' सर्टिफिकेशन मिलने के बावजूद हादसों की ऊँची दर यह दिखाती है कि लाइसेंस केवल कागज़ी खानापूर्ति हैं। BELA जैसे विशेषज्ञ समूहों का तर्क है कि हांगकांग कन्वेंशन पर्याप्त नहीं है और शिपयार्डों को अधिक कड़े बेसल कन्वेंशन का भी पालन करना चाहिए।
बेसल कन्वेंशन और हांगकांग कन्वेंशन में क्या अंतर है?
हांगकांग कन्वेंशन जहाज़ तोड़ने की प्रक्रिया में बुनियादी सुरक्षा और पर्यावरण मानक तय करता है, जबकि बेसल कन्वेंशन खतरनाक कचरे के सीमापार आवागमन पर कहीं अधिक कड़े प्रतिबंध लगाता है। BELA का तर्क है कि जहाज़ों में मौजूद विषैले पदार्थों को देखते हुए बेसल कन्वेंशन का अनुपालन अनिवार्य होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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