28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेश: गाइबांधा में राम प्रतिमा निर्माण पर रोक, इस्लामिक दबाव के आरोप; तस्लीमा नसरीन ने की कड़ी निंदा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेश: गाइबांधा में राम प्रतिमा निर्माण पर रोक, इस्लामिक दबाव के आरोप; तस्लीमा नसरीन ने की कड़ी निंदा

सारांश

बांग्लादेश के गाइबांधा में विश्व की सबसे बड़ी राम प्रतिमा का निर्माण कथित इस्लामिक समूहों के दबाव में रोक दिया गया है। निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन और पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने एक्स पर इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए हिंदू अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

गाइबांधा, पलाशबाड़ी स्थित श्रीश्री राधागोविंद और काली मंदिर परिसर में भगवान राम की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण पर स्थानीय प्रशासन ने रोक लगाई।
मंदिर सलाहकार श्यामल कुमार महंत ने गुरुवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आदेश की जानकारी दी।
आलोचकों का कहना है कि यह रोक इस्लामिक समूहों के दबाव में लगाई गई है।
निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर धमकियों और भड़काऊ माहौल की कड़ी निंदा की।
'ब्लिट्ज' संपादक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने भी इस्लामिक उग्रवादी दबाव पर गहरी चिंता जताई।
पलाशबाड़ी में पहले भी मंदिरों पर हमलों और मूर्तियों को नुकसान का इतिहास रहा है।

बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी उपजिला स्थित श्रीश्री राधागोविंद और काली मंदिर परिसर में भगवान राम की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण पर स्थानीय प्रशासन ने रोक लगा दी है। मंदिर के सलाहकार श्यामल कुमार महंत ने गुरुवार शाम मंदिर के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह आदेश स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

गाइबांधा के पलाशबाड़ी में सनातन कॉम्प्लेक्स के भीतर निर्माणाधीन इस परियोजना को कथित तौर पर इस्लामिक समूहों के तीव्र विरोध के बाद रोका गया है। बांग्लादेशी अखबार 'ब्लिट्ज' के संपादक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'बांग्लादेश के गाइबांधा जिले में चल रहे सनातन कॉम्प्लेक्स में स्थानीय जिहादी और इस्लामिक समूहों के बड़े विरोध के बीच अधिकारियों ने सभी गतिविधियां रोकने और भगवान राम की मूर्ति का निर्माण बंद करने की घोषणा की है।' आलोचकों का कहना है कि यह रोक उन इस्लामिक समूहों के दबाव में लगाई गई है जो इस परियोजना के खिलाफ थे।

गौरतलब है कि पलाशबाड़ी का पहले भी मंदिरों पर हमलों और मूर्तियों को नुकसान पहुँचाने का इतिहास रहा है, जिसके कारण हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पहले से ही असुरक्षा की भावना से ग्रस्त है।

तस्लीमा नसरीन की प्रतिक्रिया

निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन ने इस मामले में हो रही धमकियों, भड़काऊ बयानों और विरोध की कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'बांग्लादेश में कई लाख मस्जिदें हैं, और देश भर में नई मस्जिदें भी बनती रहती हैं। तो फिर भगवान राम के एक मंदिर या प्रतिमा के निर्माण का इतना विरोध क्यों हो रहा है? अगर धार्मिक स्वतंत्रता सबके लिए है, तो यह सिर्फ बहुसंख्यक के लिए नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के लिए भी होनी चाहिए।'

नसरीन ने आगे कहा, 'पलाशबाड़ी, गाइबांधा में बन रहे राम मंदिर को लेकर जो धमकियां, भड़काऊ बातें और नफरत फैलाने वाला माहौल बनाया जा रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। किसी भी व्यक्ति या समूह को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी दूसरे समुदाय के पूजा स्थल को सिर्फ इसलिए नष्ट करे क्योंकि उसे वह पसंद नहीं है। एक कानून के शासन वाले देश में धार्मिक विवादों का हल हिंसा या बर्बरता से नहीं निकाला जाता।'

अंतरराष्ट्रीय संदर्भ

नसरीन ने यह भी रेखांकित किया कि इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और ओमान जैसे मुस्लिम-बहुल देशों में बड़े हिंदू मंदिर मौजूद हैं और उनकी उपस्थिति को किसी प्रकार का खतरा नहीं माना जाता। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं जताई जा रही हैं।

आम जनता और अल्पसंख्यक समुदाय पर असर

इस रोक के बाद हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय में गहरी निराशा और भय का माहौल है। धार्मिक स्वतंत्रता के पैरोकारों का कहना है कि यदि प्रशासन दबाव में आकर धार्मिक निर्माण रोकता है, तो यह अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों के लिए एक बुरी मिसाल बनती है। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है — पलाशबाड़ी सहित बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमलों की रिपोर्टें पहले भी सामने आती रही हैं।

क्या होगा आगे

फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक जारी है और मंदिर प्रबंधन की ओर से अगले कदम की घोषणा अपेक्षित है। मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देने की माँग की है। इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी न्यायिक या कानूनी प्रक्रिया के तहत — जो विधि के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इंडोनेशिया और यूएई जैसे मुस्लिम-बहुल देशों में हिंदू मंदिरों की स्वीकृति का हवाला देना सही दिशा में एक तर्क है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इस मामले में क्या ठोस कदम उठाती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में राम प्रतिमा निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गाइबांधा के पलाशबाड़ी में श्रीश्री राधागोविंद और काली मंदिर परिसर में विश्व की सबसे बड़ी राम प्रतिमा के निर्माण पर स्थानीय अधिकारियों ने रोक लगाई है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम इस्लामिक समूहों के दबाव में उठाया गया है।
तस्लीमा नसरीन ने इस मामले पर क्या कहा?
निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर लिखा कि बांग्लादेश में लाखों मस्जिदें हैं और नई भी बन रही हैं, फिर एक हिंदू मंदिर के निर्माण का विरोध क्यों। उन्होंने धमकियों और भड़काऊ माहौल की निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता अल्पसंख्यकों के लिए भी उतनी ही होनी चाहिए।
'ब्लिट्ज' संपादक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने क्या चिंता जताई?
सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने एक्स पर लिखा कि गाइबांधा में स्थानीय जिहादी और इस्लामिक समूहों के विरोध के बीच अधिकारियों ने सनातन कॉम्प्लेक्स की सभी गतिविधियां और राम प्रतिमा का निर्माण बंद करने की घोषणा की है। उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताई।
पलाशबाड़ी में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले कैसी रही है?
तस्लीमा नसरीन के अनुसार पलाशबाड़ी में पहले भी मंदिरों पर हमलों और मूर्तियों को नुकसान पहुँचाने की घटनाएं हो चुकी हैं। इस इतिहास के कारण हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पहले से असुरक्षित महसूस करता है।
क्या अन्य मुस्लिम-बहुल देशों में हिंदू मंदिरों को अनुमति है?
तस्लीमा नसरीन ने इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और ओमान का उदाहरण देते हुए कहा कि इन मुस्लिम-बहुल देशों में बड़े हिंदू मंदिर मौजूद हैं और उनकी उपस्थिति को किसी प्रकार का खतरा नहीं माना जाता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
    बांग्लादेश: पलाशबाड़ी के राधा-गोविंद मंदिर में भगवान राम की तस्वीर के अपमान का आरोप, हिंदू-बौद्ध-क्रिश्चियन एकता परिषद ने की कड़ी निंदा
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले