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बांग्लादेश में खसरे से 545 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 17 और मृत्यु; यूनिसेफ ने चेताया था

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बांग्लादेश में खसरे से 545 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 17 और मृत्यु; यूनिसेफ ने चेताया था

सारांश

बांग्लादेश में खसरे से 545 बच्चों की जान जा चुकी है और 64,940 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं। यूनिसेफ ने खुलासा किया कि उसने 2024 से ही सरकार को वैक्सीन संकट के बारे में बार-बार चेताया था, लेकिन समय पर कदम नहीं उठाए गए।

मुख्य बातें

15 मार्च 2026 से अब तक बांग्लादेश में खसरे से 545 बच्चों की मौत — 458 संदिग्ध और 87 पुष्ट ।
पिछले 24 घंटों में 17 नई मौतें ; 1,127 नए संदिग्ध और 97 पुष्ट मामले।
देशभर में कुल 64,940 संदिग्ध और 8,719 पुष्ट खसरा मामले दर्ज।
ढाका डिवीजन सबसे अधिक प्रभावित; ढाका जिले में 24 घंटे में 5 मौतें ।
यूनिसेफ ने 2024 से स्वास्थ्य मंत्रालय को 5-6 पत्र और 10 बैठकों में वैक्सीन संकट पर आगाह किया था।
51,585 संदिग्ध मरीज अस्पताल में भर्ती; 47,619 स्वस्थ होकर घर लौटे।

बांग्लादेश में खसरे का संकट गहराता जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से अब तक देशभर में 545 बच्चों की मौत हो चुकी है — जिनमें 458 संदिग्ध और 87 पुष्ट खसरा जनित मौतें शामिल हैं। 25 मई को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 17 और मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 16 संदिग्ध और 1 पुष्ट मामला शामिल है।

मुख्य घटनाक्रम

DGHS के हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर और कंट्रोल रूम द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से अब तक देश में 64,940 संदिग्ध और 8,719 पुष्ट खसरा संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। केवल 24 मई सुबह 8 बजे से 25 मई सुबह 8 बजे के बीच 1,127 नए संदिग्ध और 97 पुष्ट मामले दर्ज किए गए।

ढाका डिवीजन सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बनकर उभरा है, जहाँ उक्त 24 घंटों में 6 संदिग्ध मौतें दर्ज हुईं। अकेले ढाका जिले में 5 मौतें हुईं।

अस्पताल में भर्ती और उपचार की स्थिति

DGHS के अनुसार, 15 मार्च से अब तक 51,585 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 47,619 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कई बच्चे जब तक बड़े अस्पतालों तक पहुँचते हैं, तब तक उनमें निमोनिया और सांस लेने की गंभीर समस्याएँ विकसित हो चुकी होती हैं, जिससे उपचार कठिन हो जाता है और रोकी जा सकने वाली मौतें बढ़ जाती हैं।

यूनिसेफ की चेतावनी और सरकार की विफलता

यूनिसेफ ने कहा है कि उसने अंतरिम सरकार के कार्यकाल में बार-बार आगाह किया था। ढाका में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बांग्लादेश में यूनिसेफ प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने कहा, '2024 से ही हम सरकार को आगाह कर रहे थे कि वैक्सीन की कमी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। 2024 से 2026 तक हमने लगातार पत्र भेजे और कई बैठकों में यह स्पष्ट किया कि वैक्सीन की तत्काल खरीद जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।'

राणा फ्लावर्स ने बताया कि यूनिसेफ ने इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्रालय को 5 से 6 पत्र भेजे थे और अंतरिम सरकार के दौरान 10 बैठकों में यह मुद्दा उठाया गया था। यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक ने भी पिछले वर्ष अगस्त में बांग्लादेश दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में वैक्सीन संकट पर गंभीर चिंता जताई थी।

आम जनता पर असर

यह संकट मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित कर रहा है। वैक्सीन की अनुपलब्धता और समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवारों पर गहरा असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि खसरा एक ऐसी बीमारी है जिसे टीकाकरण से लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है — यह प्रकोप इसलिए और भी गंभीर माना जा रहा है।

क्या होगा आगे

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक टीकाकरण अभियान व्यापक पैमाने पर नहीं चलाया जाता, मामलों में और वृद्धि की आशंका बनी रहेगी। यूनिसेफ और अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं से अपेक्षा है कि वे बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर आपातकालीन वैक्सीन आपूर्ति सुनिश्चित करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वैक्सीन की खरीद नहीं हुई। खसरा एक पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है — 545 बच्चों की मौत इसलिए नहीं हुई कि इलाज उपलब्ध नहीं था, बल्कि इसलिए हुई कि राजनीतिक अस्थिरता के दौर में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता सूची से बाहर हो गई। यह प्रकोप उन देशों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है जहाँ टीकाकरण कवरेज में गिरावट आई है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है?
DGHS के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से 25 मई 2026 तक बांग्लादेश में खसरे से 545 बच्चों की मौत हुई है — जिनमें 458 संदिग्ध और 87 पुष्ट मामले शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में 17 नई मौतें दर्ज की गई हैं।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप इतना बड़ा क्यों हो गया?
यूनिसेफ के अनुसार, वैक्सीन की समय पर खरीद न होना इस संकट की मुख्य वजह है। यूनिसेफ प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने बताया कि 2024 से 2026 तक सरकार को बार-बार चेताया गया, लेकिन आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।
बांग्लादेश में कुल कितने खसरा मामले दर्ज हुए हैं?
15 मार्च 2026 से अब तक देश में 64,940 संदिग्ध और 8,719 पुष्ट खसरा संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 51,585 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 47,619 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
यूनिसेफ ने बांग्लादेश सरकार को कब और कैसे चेताया था?
यूनिसेफ ने 2024 से 2026 के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय को 5 से 6 पत्र भेजे और अंतरिम सरकार के दौरान 10 बैठकों में वैक्सीन संकट का मुद्दा उठाया। यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक ने अगस्त 2025 में बांग्लादेश दौरे पर विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में भी यह चिंता जताई थी।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कौन-सा है?
ढाका डिवीजन सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ 24 घंटे में 6 संदिग्ध मौतें दर्ज हुईं। अकेले ढाका जिले में उसी अवधि में 5 मौतें हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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