8 जुलाई 2026
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ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी के 10 साल पूरे: नई दिल्ली में सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट संकल्प लिया

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ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी के 10 साल पूरे: नई दिल्ली में सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट संकल्प लिया

सारांश

ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी के 10 साल — और भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली की यह बैठक महज़ एक औपचारिक जलसा नहीं थी। पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि में 10 देशों का एकजुट होना और आतंकवाद-निरोधक ढाँचे को भविष्य के लिए तैयार करने का संकल्प, भारत की कूटनीतिक पहल का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

11वीं ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी प्लेनरी बैठक 21-22 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
इस वर्ष ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप की स्थापना के 10 वर्ष पूरे हुए; 10 सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई और सीटीडब्ल्यूजी को अधिक सुदृढ़ एवं परिणाम-केंद्रित बनाने की अपील की।
सदस्य देशों ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की और भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
प्लेनरी से पहले पाँच थीमैटिक सब-ग्रुप्स की बैठकें हुईं; टेरर फंडिंग, कट्टरपंथ और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग पर विशेष चर्चा हुई।

भारत की अध्यक्षता में 11वीं वार्षिक ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (सीटीडब्ल्यूजी) की प्लेनरी और सब-ग्रुप बैठकें 21-22 मई 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुईं। इन बैठकों में ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया और 10 सदस्य देशों के वरिष्ठ आतंकवाद-निरोधक अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के पहले दिन विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) एवं राजदूत सिबी जॉर्ज ने अपने उद्घाटन भाषण में वैश्विक आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों की सामूहिक एवं समन्वित कोशिशों की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने सदस्य देशों से ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी को अधिक सुदृढ़, संरचनात्मक, नवोन्मेषी, समावेशी और परिणाम-केंद्रित बनाने की अपील की।

बैठकों की अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (काउंटर टेररिज्म) डॉ. विनोद बहाडे ने की। प्लेनरी से पहले पाँच थीमैटिक सब-ग्रुप्स की अलग-अलग बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनमें आतंकवाद के मौजूदा और उभरते स्वरूपों पर विस्तृत चर्चा हुई।

पहलगाम हमले की निंदा और एकजुटता

सिबी जॉर्ज ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले के बाद भारत के प्रति एकजुटता प्रकट करने और समर्थन देने के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों का आभार व्यक्त किया। ब्रिक्स सदस्य देशों ने पहलगाम हमले सहित सदस्य देशों के विरुद्ध हुए अन्य आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और आतंकवाद-विरोधी सहयोग को और गहरा करने का संकल्प दोहराया।

राजदूत जॉर्ज ने आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को एक बार फिर रेखांकित करते हुए कहा कि आतंकवाद के बदलते स्वरूप, टेरर फंडिंग के बढ़ते नेटवर्क, कट्टरपंथ और आतंकियों द्वारा नई एवं उभरती तकनीकों के दुरुपयोग जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए मज़बूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग अपरिहार्य है।

वैश्विक आतंकवाद-निरोधक ढाँचे को मज़बूत करने की अपील

विदेश मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, राजदूत जॉर्ज ने सक्रिय, व्यापक और निरंतर वैश्विक प्रयासों के ज़रिये मौजूदा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-निरोधक ढाँचे को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। उन्होंने एक सुरक्षित और आतंक-मुक्त विश्व के निर्माण के लिए ब्रिक्स भागीदारों के साथ सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

बैठक के प्रमुख निष्कर्ष

सदस्य देशों ने आतंकवाद-विरोधी सहयोग के पूरे दायरे — सूचना साझाकरण, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और कानूनी समन्वय — पर व्यापक चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में आतंकवाद के नए वित्तपोषण मार्गों और डिजिटल कट्टरपंथ की चुनौतियाँ तेज़ी से उभर रही हैं।

गौरतलब है कि ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी की स्थापना के एक दशक में इस समूह का विस्तार हुआ है और इसकी कार्यकारी संरचना अधिक विशेषज्ञता-आधारित हो गई है। आगे की बैठकों में सदस्य देशों से ठोस कार्ययोजना और मापनीय परिणामों की अपेक्षा की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह समूह संकल्पों से आगे बढ़कर ठोस और सत्यापन-योग्य परिणाम दे पाया है। पहलगाम हमले के बाद एकजुटता की भाषा तो सुनाई दी, परंतु आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमापार नेटवर्क पर ब्रिक्स देशों के बीच साझा कार्रवाई का रिकॉर्ड अब भी सीमित रहा है। भारत की अध्यक्षता में इस बैठक का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह पहलगाम के बाद भारत की कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है — लेकिन बहुपक्षीय मंचों पर घोषणाएँ तभी विश्वसनीय होती हैं जब उनके पीछे मापनीय क्रियान्वयन तंत्र हो।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी क्या है और इसकी 11वीं बैठक कहाँ हुई?
ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (सीटीडब्ल्यूजी) ब्रिक्स सदस्य देशों का आतंकवाद-निरोधक सहयोग मंच है, जिसकी स्थापना 10 वर्ष पहले हुई थी। इसकी 11वीं वार्षिक प्लेनरी बैठक 21-22 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
इस बैठक में पहलगाम हमले का ज़िक्र क्यों हुआ?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद ब्रिक्स देशों ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की थी। इस बैठक में सदस्य देशों ने उस हमले की औपचारिक निंदा की और आतंकवाद-विरोधी सहयोग को और मज़बूत करने का संकल्प दोहराया।
राजदूत सिबी जॉर्ज ने बैठक में क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई और ब्रिक्स सदस्य देशों से सीटीडब्ल्यूजी को अधिक सुदृढ़, नवोन्मेषी, समावेशी और परिणाम-केंद्रित बनाने की अपील की। उन्होंने टेरर फंडिंग, कट्टरपंथ और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग से निपटने के लिए मज़बूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस बैठक में कितने देश शामिल हुए और किसने अध्यक्षता की?
10 ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ आतंकवाद-निरोधक अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। बैठकों की अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (काउंटर टेररिज्म) डॉ. विनोद बहाडे ने की।
ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी की बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में आतंकवाद के बदलते स्वरूप, टेरर फंडिंग नेटवर्क, डिजिटल कट्टरपंथ और आतंकियों द्वारा उभरती तकनीकों के दुरुपयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। प्लेनरी से पहले पाँच थीमैटिक सब-ग्रुप्स की अलग बैठकें भी हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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