तिब्बत में विदेशियों की पहुंच पर चीन का कड़ा पहरा, 'स्टेज-मैनेज्ड' दौरों से छुपाई जा रही हकीकत
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपियन टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन तिब्बत को एक 'स्टेज-मैनेज्ड एग्जिबिट' की तरह दुनिया के सामने पेश कर रहा है, जहाँ विदेशी पत्रकारों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों की आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया जाता है। जो लोग तिब्बत जाने की अनुमति पाते हैं, उनकी यात्रा पहले से तय स्क्रिप्ट के अनुसार होती है और उन्हें केवल वही स्थान दिखाए जाते हैं जिन्हें चीनी प्रशासन दिखाना चाहता है। रिपोर्ट में यह दावा 6 मई 2026 को सामने आया।
रिपोर्ट में क्या कहा गया है
दलाई लामा के भतीजे खेदरूब थोंडुप ने यूरोपियन टाइम्स में लिखा कि दशकों से बीजिंग तिब्बत को तरक्की की जमीन के तौर पर पेश करता रहा है — चीनी राज में 'जातीय एकता' के प्रमाण के रूप में। लेकिन थोंडुप के अनुसार, बाहरी लोगों को जब भी प्रवेश की अनुमति मिलती है, उन्हें एक अलग ही हकीकत का सामना करना पड़ता है।
थोंडुप ने लिखा,