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संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा 2025 में दोगुनी: यूएन रिपोर्ट में 9,788 मामले दर्ज, 77 पक्ष सूचीबद्ध

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संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा 2025 में दोगुनी: यूएन रिपोर्ट में 9,788 मामले दर्ज, 77 पक्ष सूचीबद्ध

सारांश

संयुक्त राष्ट्र की 17वीं वार्षिक रिपोर्ट एक चिंताजनक तस्वीर पेश करती है — 2025 में संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के सत्यापित मामले 4,617 से बढ़कर 9,788 हो गए। 77 पक्ष सूचीबद्ध, 21 देश प्रभावित, और दोषियों को सज़ा का सिलसिला अब भी नदारद।

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र की 17वीं वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2025 में संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के 9,788 सत्यापित मामले दर्ज किए गए।
यह संख्या 2024 के 4,617 मामलों से दोगुनी से भी अधिक है।
रिपोर्ट में 21 देशों के मामले शामिल हैं और 77 पक्षों को ज़िम्मेदार ठहराया गया है।
इज़रायल और रूस के सशस्त्र बलों को सूची में शामिल किया गया; डीआरसी में तीन नए गैर-सरकारी पक्ष जोड़े गए।
65% से अधिक सूचीबद्ध पक्ष पिछले 5 या अधिक वर्षों से सूची में हैं, बिना किसी सुधारात्मक कदम के।
मिशन और बजट कटौती के कारण दस्तावेज़ीकरण बाधित हुआ; वास्तविक मामले दर्ज आँकड़ों से कहीं अधिक होने की आशंका।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 17वीं वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में दुनिया भर में संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के 9,788 सत्यापित मामले दर्ज किए गए — जो 2024 के 4,617 मामलों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। यह रिपोर्ट गुरुवार, 29 मई 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंपी गई और शुक्रवार, 30 मई को सार्वजनिक की गई।

मुख्य आँकड़े और दायरा

रिपोर्ट में 21 संघर्ष-प्रभावित देशों के मामले शामिल हैं, जिनके लिए संयुक्त राष्ट्र के पास सत्यापित जानकारी उपलब्ध थी। इन मामलों के लिए कुल 77 पक्षों को — सरकारी और गैर-सरकारी दोनों — ज़िम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ये आँकड़े वास्तविक स्थिति की पूरी तस्वीर नहीं हैं, क्योंकि सक्रिय संघर्ष, असुरक्षा और मानवीय सहायता में रुकावटों के कारण बड़ी संख्या में मामले सामने ही नहीं आ पाए।

किन पक्षों को सूचीबद्ध किया गया

इज़रायल के सशस्त्र एवं सुरक्षा बल तथा रूस के सशस्त्र एवं सुरक्षा बल इस सूची में शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो में सक्रिय तीन नए गैर-सरकारी पक्षों को भी पहली बार इस सूची में जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सूचीबद्ध पक्षों में से 65 प्रतिशत से अधिक ऐसे हैं जो पिछले पाँच या अधिक वर्षों से इस सूची में बने हुए हैं और जिन्होंने अपराधों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

हिंसा के स्वरूप और प्रभावित वर्ग

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में युद्ध की रणनीति, यातना, आतंकवाद और राजनीतिक दमन के साधन के रूप में यौन हिंसा के दर्ज मामलों में भारी वृद्धि हुई। सरकारी और गैर-सरकारी पक्षों की ओर से आम नागरिकों को दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण और यौन गुलामी का शिकार बनाया गया। इज़रायल-फिलिस्तीन और रूस-यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में हिरासत के दौरान भी यौन हिंसा की घटनाएँ सामने आईं। विस्थापित, शरणार्थी और प्रवासी महिलाओं एवं लड़कियों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ा।

रिपोर्टिंग में बाधाएँ

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि संयुक्त राष्ट्र मिशनों में कटौती और बजट में कमी के कारण दस्तावेज़ीकरण का काम बाधित हुआ। इन कटौतियों में लिंग-आधारित एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी विशेष क्षमताओं को सबसे पहले कम किया गया, जिससे वास्तविक मामलों की संख्या दर्ज आँकड़ों से कहीं अधिक होने की आशंका है।

जवाबदेही का अभाव

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भी संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के अधिकांश दोषियों को कोई दंड नहीं मिला। संघर्ष में शामिल पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन न्यूनतम स्तर पर किया। यह स्थिति वैश्विक स्तर पर जवाबदेही तंत्र की गंभीर कमज़ोरियों को उजागर करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

788 का यह आँकड़ा केवल सत्यापित मामलों का है — और रिपोर्ट स्वयं स्वीकार करती है कि वास्तविक संख्या कहीं अधिक है। विडंबना यह है कि जिन देशों में हिंसा सबसे अधिक है, वहीं संयुक्त राष्ट्र की निगरानी क्षमता सबसे कमज़ोर है। 65% से अधिक पक्ष पाँच साल से सूची में हैं — यानी सूचीबद्धता दंड का विकल्प नहीं बन पा रही। जब तक जवाबदेही तंत्र को सूचीकरण से आगे ले जाकर ठोस परिणामों से नहीं जोड़ा जाता, यह रिपोर्ट एक और दस्तावेज़ बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के कितने मामले दर्ज हुए?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 9,788 सत्यापित मामले दर्ज किए गए, जो 2024 के 4,617 मामलों से दोगुने से भी अधिक हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ये आँकड़े अधूरे हैं क्योंकि कई मामले सामने ही नहीं आ पाए।
यूएन की इस रिपोर्ट में किन देशों और पक्षों को सूचीबद्ध किया गया है?
रिपोर्ट 21 संघर्ष-प्रभावित देशों को कवर करती है और 77 पक्षों को ज़िम्मेदार ठहराती है। इनमें इज़रायल व रूस के सशस्त्र बल और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो में तीन नए गैर-सरकारी पक्ष शामिल हैं।
क्या संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के दोषियों को सज़ा मिल रही है?
रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भी अधिकांश दोषियों को कोई दंड नहीं मिला। 65% से अधिक सूचीबद्ध पक्ष पाँच या अधिक वर्षों से इस सूची में हैं और उन्होंने अपराधों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
दर्ज मामले वास्तविक स्थिति से कम क्यों हैं?
सक्रिय संघर्ष, असुरक्षा और मानवीय सहायता में रुकावटों के कारण बड़ी संख्या में मामले रिपोर्ट नहीं हो पाए। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र मिशनों और बजट में कटौती ने दस्तावेज़ीकरण क्षमता को भी कमज़ोर किया।
इस रिपोर्ट में यौन हिंसा के किन स्वरूपों का उल्लेख है?
रिपोर्ट में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, यौन गुलामी और हिरासत में यौन हिंसा के मामले दर्ज हैं। इन्हें युद्ध की रणनीति, यातना और राजनीतिक दमन के साधन के रूप में इस्तेमाल किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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