कांग्रेसमैन जिम मैकगवर्न का श्री लक्ष्मी मंदिर दौरा: सामुदायिक जुड़ाव की नई परिभाषा
सारांश
Key Takeaways
- समुदायिक जुड़ाव: कांग्रेसमैन ने स्थानीय समुदाय के साथ संवाद किया।
- धार्मिक समावेश: इस दौरे ने धार्मिक समावेश को बढ़ावा दिया।
- सांस्कृतिक एकता: विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल बनाने का प्रयास।
- सम्मान: प्रमुख संगीतकार का सम्मान किया गया।
- महत्वपूर्ण सिद्धांत: हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर चर्चा की गई।
वाशिंगटन, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मैसाचुसेट्स में स्थित श्री लक्ष्मी मंदिर के दौरे के दौरान, कांग्रेसमैन जिम मैकगवर्न ने स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद किया। २१ मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम को आयोजकों ने प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक करार दिया।
मंदिर में पहुंचने के बाद, मैकगवर्न ने समुदाय के लोगों से बातचीत की और नागरिक भागीदारी, धार्मिक समावेश और सार्वजनिक नीतियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात उनके राज्य में विभिन्न समुदायों के साथ जुड़ने और आपसी समझ को बढ़ाने का एक प्रयास माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम का आयोजन 'अमेरिकन्स 4 हिंदूज' द्वारा किया गया था। संगठन की मैसाचुसेट्स शाखा की अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी थलांकी ने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा हिंदू-अमेरिकी समुदाय की शक्तिशाली और जीवंतता को दर्शाती है, साथ ही विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के बीच पुल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यूएस-इंडिया सिक्योरिटी काउंसिल के अध्यक्ष रमेश विश्वनाथ कपूर ने अमेरिका-भारत संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि मैकगवर्न हमेशा भारतीय-अमेरिकी समुदाय के समर्थन में खड़े रहे हैं। उन्होंने समुदाय में एकता बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान, मैकगवर्न ने प्रसिद्ध तबला वादक और संगीत शिक्षक गौरीशंकर चंद्रशेखर को उनके २५ वर्षों के योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके छात्रों ने भी खुशी जाहिर की और इस सम्मान का जश्न मनाया।
डॉ. लक्ष्मी थलांकी ने हिंदू धर्म के कुछ प्रमुख सिद्धांतों पर चर्चा की। उन्होंने 'एकम् सत् विप्रा बहुधा वदन्ति' का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य एक है, लेकिन उसे विभिन्न तरीकों से समझा जाता है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म लोगों को अलग-अलग विचारों के कारण बांटने के बजाय उन्हें स्वीकार करना सिखाता है।
उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम्' के सिद्धांत का भी जिक्र किया, जो वैश्विक स्तर पर आपसी सम्मान और सद्भाव को बढ़ावा देता है।
मंदिर दौरे के दौरान, नवरात्र के पर्व पर मैकगवर्न को देवी लक्ष्मी की एक प्रतिमा भेंट की गई। साथ ही, मंदिर के पुजारियों और नेताओं ने उन्हें भगवान गणेश का सिक्का भी सौंपा।
मंदिर प्रतिनिधियों ने कहा कि यह दौरा 'अतिथि देवो भवः' की भावना को दर्शाता है, जो भारतीय संस्कृति में मेहमानों के प्रति सम्मान और आदर को दर्शाता है।
प्रमित माकोडे ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय शिक्षित और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने वाला है। वहीं, राम गुप्ता ने धर्म और कर्म जैसे हिंदू सिद्धांतों को साझा करते हुए इसे मानवता के कल्याण पर केंद्रित बताया।
इस कार्यक्रम में कई अन्य समुदाय के सदस्य, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक कार्यकर्ता और स्थानीय राजनीतिक आकांक्षी भी शामिल हुए, जो भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
श्री लक्ष्मी मंदिर न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में हिंदू समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां पूरे साल धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।