ईद की वास्तविक खुशी तब मिलेगी जब अवामी लीग जीतेगी: पूर्व पीएम हसीना

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ईद की वास्तविक खुशी तब मिलेगी जब अवामी लीग जीतेगी: पूर्व पीएम हसीना

सारांश

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ईद के अवसर पर अपने समर्थकों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि असली खुशी तब आएगी जब अवामी लीग जीत हासिल करेगी।

Key Takeaways

  • शेख हसीना की भावुक अपील
  • ईद की खुशी का महत्व
  • गरीबों के लिए संवेदनशीलता
  • राजनीतिक स्थिति पर प्रभाव
  • अवामी लीग की जीत की आवश्यकता

ढाका, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को अपने अनुयायियों को एक बेहद भावुक और दृढ़ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो शेख मुजीबुर रहमान की बेटी अपने देश के लिए खुद को कुर्बान करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि ईद की असली खुशी तभी आएगी जब अवामी लीग की जीत का समय आएगा।

अवामी लीग के एक्स पर शेयर किए गए एक बयान में, हसीना ने कहा कि भले ही वह देश में मौजूद नहीं हैं, लेकिन वह "देश के लोगों की आजादी" के प्रति समर्पित हैं।

उन्होंने लिखा कि यह संयम का महीना हमें इंसानियत और सहनशीलता सिखाता है। यह हमें अपनी खुशियों को दूसरों के साथ बांटने की प्रेरणा देता है। हम सभी एक ऐसी इंसानी दुनिया बनाने की इच्छा रखते हैं जो आपसी मेलजोल और इज्जत पर आधारित हो।

हसीना ने आगे कहा, "अपने वतन से दूर रहकर भी, ईद के इस पवित्र दिन पर, मैं दुआ करती हूं कि देश का हर व्यक्ति स्वस्थ रहे। ईद हर मेहनती इंसान के लिए एक वास्तविक त्योहार बने। मैंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि मेरे देश के लोगों की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हों ताकि वे गरीबी का शिकार न हों और न ही देश और विदेश में साजिशों का शिकार हों।"

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि एक बड़ी साजिश ने "बांग्लादेश के गरीब लोगों की किस्मत" को प्रभावित किया है।

पूर्व पीएम ने आरोप लगाया कि 5 अगस्त, 2024 से देश एक जेल के समान हो गया है, जिसमें राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर "आजाद ख्याल" लेखक, पत्रकार और राजनीतिक कार्यकर्ता बंद हैं।

उन्होंने कहा, "मैं इन बेगुनाह लोगों और उनके परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति और दुख व्यक्त करती हूं। भले ही मैं आपके साथ वहां मौजूद नहीं हूं, लेकिन यकीन मानिए, ऊपर वाले की कृपा से, शेख मुजीबुर रहमान की बेटी आपकी आजादी और इस देश के लोगों के लिए अपनी जान कुर्बान करने से नहीं हिचकिचाएगी। ईद की असली खुशी हमारे जीत के पल में आएगी।"

मुहम्मद यूनुस की पिछली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए, हसीना ने कहा, "कब्जा करने वाले नाजी सोच वाली यूनुस सरकार की गलत नीतियों और मध्य पूर्व तथा अन्य क्षेत्रों में जारी तनाव और संघर्ष के कारण, वैश्विक अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही है। बांग्लादेश भी इस मंदी का असर महसूस कर रहा है। इस वजह से, गरीब सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं।"

बांग्लादेश की खराब स्थिति पर प्रकाश डालते हुए, हसीना ने "समाज के अमीर लोगों से जरूरतमंदों के साथ खड़े होने की अपील की, ताकि हर इंसान की जिंदगी खुशनुमा हो और ईद की पवित्र खुशी से भर जाए।"

Point of View

NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

ईद की असली खुशी का क्या अर्थ है?
ईद की असली खुशी का मतलब है जब लोग एक साथ मिलकर खुशियाँ मनाते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।
शेख हसीना ने अपने बयान में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह देश के लिए खुद को कुर्बान कर देंगी और असली खुशी तब आएगी जब अवामी लीग जीत हासिल करेगी।
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