16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ग्रीन कार्ड कंट्री कोटा खत्म करो: भारतीय-अमेरिकी सांसद थानेदार की वीज़ा सुधार की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ग्रीन कार्ड कंट्री कोटा खत्म करो: भारतीय-अमेरिकी सांसद थानेदार की वीज़ा सुधार की मांग

सारांश

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने ग्रीन कार्ड के कंट्री कोटे को समाप्त करने की मांग उठाई है — एक ऐसी व्यवस्था जो भारतीय पेशेवरों को दशकों की प्रतीक्षा में धकेल देती है। उनका तर्क है कि स्किल्ड इमिग्रेशन के बिना अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सिलिकॉन वैली दोनों अधूरे हैं।

मुख्य बातें

सांसद श्री थानेदार ने 16 जुलाई 2026 को ग्रीन कार्ड के देश-आधारित कोटे को समाप्त करने और वीज़ा प्रोसेसिंग तेज़ करने की मांग की।
वर्तमान प्रणाली में भारतीय पेशेवरों को रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए सबसे लंबी प्रतीक्षा झेलनी पड़ती है।
थानेदार ने कहा कि सिलिकॉन वैली भारतीय और भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों के बिना नहीं चल सकती।
उन्होंने अमेरिका में बढ़ती एंटी-इमिग्रेंट भावना पर चिंता जताई और इसके विरुद्ध संघर्ष का संकल्प दोहराया।
दीर्घकालिक समाधान के रूप में उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को कुशल बनाने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने 16 जुलाई 2026 को वाशिंगटन में वीज़ा प्रोसेसिंग में तेज़ी लाने और देश के आधार पर लगाए जाने वाले ग्रीन कार्ड कोटे को समाप्त करने की मांग की। मिशिगन से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद थानेदार ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और अधिक अमेरिकी रोज़गार सृजित करने के लिए कुशल प्रवासियों की अनिवार्य आवश्यकता है।

मुख्य मांगें और तर्क

थानेदार ने एक विशेष इंटरव्यू में कहा, 'हमें वीज़ा तेज़ी से प्रोसेस करने की जरूरत है। हमें कंट्री कोटा खत्म करने की जरूरत है ताकि हमें अपने बिज़नेस के लिए जरूरी स्किल्ड वर्कफोर्स मिल सके।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि चिकित्सा, अनुसंधान, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में प्रवासियों ने अमेरिकी विकास में निर्णायक भूमिका निभाई है।

यह मांग ऐसे समय में आई है जब अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगाँठ मनाने की तैयारी कर रहा है और देश में आप्रवासन नीति को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है।

भारतीय प्रोफेशनल्स पर सबसे अधिक असर

वर्तमान अमेरिकी इमिग्रेशन प्रणाली किसी भी एक देश के नागरिकों को जारी किए जाने वाले स्थायी निवास वीज़ा की संख्या पर वार्षिक सीमा लगाती है। इस व्यवस्था के चलते भारतीय आवेदकों को रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए सबसे लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वे अमेरिका में कार्यरत कुशल विदेशी पेशेवरों का एक बड़ा हिस्सा हैं। गौरतलब है कि कुछ श्रेणियों में यह प्रतीक्षा दशकों तक खिंच जाती है।

सिलिकॉन वैली और उद्योग जगत की चुनौती

थानेदार ने बताया कि अमेरिकी कंपनियाँ लगातार विशेष कौशल वाले कर्मचारियों की कमी की शिकायत करती रही हैं। उन्होंने कहा, 'हर बार जब मैं सिलिकॉन वैली के उद्यमियों और सीईओ से मिलता हूं, तो वे सभी बताते हैं कि स्किल्ड वर्कफोर्स मिलना कितना मुश्किल है।' सांसद ने यह भी स्वीकार किया कि दीर्घकालिक समाधान के लिए अमेरिकी नागरिकों को इन कौशलों में प्रशिक्षित करना होगा, लेकिन जब तक यह लक्ष्य हासिल नहीं होता, इमिग्रेशन अपरिहार्य है।

उनके शब्दों में, 'सिलिकॉन वैली इमिग्रेंट्स — खासकर भारतीय और भारतीय-अमेरिकी — के बिना नहीं चल सकती।'

बढ़ती एंटी-इमिग्रेंट भावना पर चिंता

थानेदार ने अमेरिका में प्रवासियों के प्रति बढ़ते विरोध पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'अभी पूरे अमेरिका में एंटी-इमिग्रेंट रवैये की लहर है। मैं कांग्रेस में हूं और इमिग्रेंट्स के लिए सम्मान वापस लाने की लड़ाई लड़ रहा हूं।' उन्होंने भारतीय-अमेरिकी उद्यमियों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जिन्होंने पूरे अमेरिका में व्यवसाय खड़े किए हैं और देश की समृद्धि में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

आगे क्या होगा

थानेदार की यह माँग अमेरिकी कांग्रेस में इमिग्रेशन सुधार की व्यापक बहस का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि कंट्री कोटा हटाने के लिए द्विदलीय समर्थन आवश्यक होगा, जो मौजूदा राजनीतिक माहौल में आसान नहीं होगा। फिर भी, भारतीय-अमेरिकी समुदाय और तकनीकी उद्योग इस प्रस्ताव को समर्थन देते आए हैं और इसे एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम मानते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन द्विदलीय सहमति के अभाव में ठंडे बस्ते में पड़े हैं। विरोधाभास यह है कि जो प्रशासन 'अमेरिका फर्स्ट' की बात करता है, उसकी नीतियाँ उन्हीं कुशल प्रवासियों को हतोत्साहित कर रही हैं जो अमेरिकी तकनीकी वर्चस्व की नींव हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि कंट्री कोटा हटाने से केवल भारतीयों को नहीं, बल्कि पूरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा होगा — यह सवाल राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता का है, न केवल प्रवासी हितों का।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रीन कार्ड कंट्री कोटा क्या है और यह भारतीयों को कैसे प्रभावित करता है?
अमेरिकी इमिग्रेशन प्रणाली किसी भी एक देश के नागरिकों को प्रति वर्ष जारी किए जाने वाले रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड की संख्या पर सीमा लगाती है। चूँकि भारतीय पेशेवर अमेरिका में कार्यरत कुशल विदेशी कर्मचारियों का बड़ा हिस्सा हैं, इस कोटे के कारण उन्हें दशकों तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
सांसद श्री थानेदार ने क्या मांगें रखी हैं?
मिशिगन से डेमोक्रेटिक सांसद श्री थानेदार ने वीज़ा प्रोसेसिंग में तेज़ी और देश के आधार पर लगाए जाने वाले ग्रीन कार्ड कोटे को समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी व्यवसायों को ज़रूरी कुशल कर्मचारी मिल सकेंगे और अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
थानेदार के अनुसार अमेरिका में स्किल्ड इमिग्रेशन क्यों जरूरी है?
थानेदार का कहना है कि सिलिकॉन वैली सहित अमेरिकी तकनीकी उद्योग भारतीय और भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों के बिना नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि जब तक पर्याप्त संख्या में अमेरिकी नागरिकों को ये कौशल नहीं मिल जाते, तब तक इमिग्रेशन अपरिहार्य है।
अमेरिका में एंटी-इमिग्रेंट माहौल पर थानेदार का क्या कहना है?
थानेदार ने अमेरिका में प्रवासियों के प्रति बढ़ती दुश्मनी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस में इमिग्रेंट्स के सम्मान और उनके योगदान की मान्यता के लिए सक्रिय रूप से संघर्ष कर रहे हैं।
इस वीज़ा सुधार प्रस्ताव का भविष्य क्या है?
अमेरिकी कांग्रेस में इमिग्रेशन सुधार के प्रस्ताव वर्षों से लंबित हैं। आलोचकों का कहना है कि कंट्री कोटा हटाने के लिए द्विदलीय समर्थन आवश्यक होगा, जो मौजूदा राजनीतिक माहौल में चुनौतीपूर्ण है। तकनीकी उद्योग और भारतीय-अमेरिकी समुदाय इस प्रस्ताव के प्रमुख समर्थक हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले