क्या हंडाला हैकर्स ने नेतन्याहू के शीर्ष सहयोगी का फोन हैक किया?
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नई दिल्ली, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ईरान से जुड़े हैक्टिविस्ट समूह हंडाला हैकिंग टीम ने यह दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी सहयोगी जाची ब्रेवरमैन का फोन हैक कर लिया है और कई महत्वपूर्ण जानकारी लीक कर दी है।
बातचीत में द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, यह समूह ईरान से जुड़ा हुआ है और पिछले हफ्ते पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के फोन में भी सेंध लगाई थी। अब इनका दावा है कि वे नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ, जाची ब्रेवरमैन, का फोन भी हैक करने में सफल हुए हैं।
हैकर्स का कहना है कि उन्हें जाची ब्रेवरमैन के आईफोन 16 प्रो मैक्स का लंबे समय तक एक्सेस मिला। ऑनलाइन पोस्ट किए गए संदेश में, हैकर्स ने कहा कि उनके पास डिवाइस से निकाली गई फाइलें, निजी चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो सामग्री है, और उन्होंने कंटेंट को विभिन्न हिस्सों में प्रकाशित करने की धमकी दी।
हंडाला हैकर्स ने यह भी कहा है कि वे नए जानकारी जारी करेंगे जो ब्रेवरमैन को कतरगेट स्कैंडल से जोड़ती है।
वहीं, यरूशलम पोस्ट के अनुसार, पीएमओ ने कहा कि "ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।"
नेतन्याहू के दो सलाहकारों पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में कतर की ओर से एक पीआर फर्म के लिए काम किया। इस फर्म के हेड यिसरायल आइन्हॉर्न हैं, जो नेतन्याहू के पूर्व कैंपेन मैनेजर हैं।
ग्रुप का कहना है कि ब्रेवरमैन को लीक की गई एक गुप्त आईडीएफ जांच की जानकारी थी और उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसे रद्द किया जा सकता है। ब्रेवरमैन को यूके में इजरायल का राजदूत बनना है, लेकिन आरोप की वजह से उनकी नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। ब्रेवरमैन और नेतन्याहू दोनों ने किसी भी घोटाले में संलिप्तता से इनकार किया है।
गौरतलब है कि लगभग दो हफ्ते पहले, इसी समूह ने दावा किया था कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का टेलीग्राम अकाउंट हैक कर लिया था। बेनेट के कार्यालय ने शुरू में इस रिपोर्ट का खंडन किया, लेकिन हैकर्स ने बाद में दस्तावेज, चित्र और बड़ी संपर्क सूची जारी की। बेनेट ने बाद में स्वीकार किया कि उनके टेलीग्राम अकाउंट में सच में सेंध लगी थी।