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भारत की मदद से नेपाल के दार्चुला में ₹7.5 करोड़ की लागत से नया स्कूल भवन, शिलान्यास संपन्न

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भारत की मदद से नेपाल के दार्चुला में ₹7.5 करोड़ की लागत से नया स्कूल भवन, शिलान्यास संपन्न

सारांश

भारत की एचआईसीडीपी योजना के तहत नेपाल के दार्चुला जिले में 75 मिलियन नेपाली रुपए की लागत से श्री गोकुलेश्वर माध्यमिक विद्यालय का नया भवन बनेगा। 2003 से अब तक नेपाल के 74 जिलों में 600 से अधिक ऐसी परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं।

मुख्य बातें

27 जुलाई 2026 को नेपाल के दार्चुला जिले की शैल्याशिखर नगरपालिका में श्री गोकुलेश्वर माध्यमिक विद्यालय भवन का शिलान्यास हुआ।
भारत सरकार की एचआईसीडीपी योजना के तहत लगभग 75 मिलियन नेपाली रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
शिलान्यास में भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव बासित नंदन और महापौर विजय सिंह धामी शामिल हुए।
एचआईसीडीपी 2003 से सक्रिय है और अब तक नेपाल के 74 जिलों में लगभग 600 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं।
परियोजना शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विद्युतीकरण सहित कई क्षेत्रों को कवर करने वाले व्यापक द्विपक्षीय सहयोग का हिस्सा है।

नेपाल के दार्चुला जिले की शैल्याशिखर नगरपालिका में 27 जुलाई 2026 को भारत सरकार की वित्तीय सहायता से श्री गोकुलेश्वर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का शिलान्यास संपन्न हुआ। लगभग 75 मिलियन नेपाली रुपए की लागत से बनने वाली यह परियोजना भारत की उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना (एचआईसीडीपी) कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी।

शिलान्यास समारोह का विवरण

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव बासित नंदन और शैल्याशिखर नगरपालिका के महापौर विजय सिंह धामी ने संयुक्त रूप से विद्यालय भवन की नींव रखी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

एचआईसीडीपी कार्यक्रम क्या है

भारत सरकार का एचआईसीडीपी कार्यक्रम 2003 में शुरू हुआ था — तब इसे लघु विकास परियोजनाओं के नाम से जाना जाता था। यह पहल स्थानीय निकायों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत और नदी प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में छोटे पैमाने की बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को समर्थन देती है। अब तक नेपाल के सातों प्रांतों और 74 जिलों में लगभग 600 परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं।

स्थानीय समुदाय पर असर

महापौर धामी ने कहा कि नए भवन से नगरपालिका में छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए सीखने का माहौल बेहतर होगा और शैक्षिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा। यह परियोजना सीधे शैल्याशिखर नगरपालिका के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी, जिससे स्थानीय स्वामित्व और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

भारत-नेपाल विकास सहयोग की पृष्ठभूमि

यह परियोजना ऐसे समय में आई है जब भारत और नेपाल द्विपक्षीय विकास सहयोग को नई ऊँचाई देने में जुटे हैं। दोनों देश शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे सहित कई क्षेत्रों में साझा परियोजनाएँ चला रहे हैं। गौरतलब है कि एचआईसीडीपी इस सहयोग का सबसे व्यापक और जमीनी स्तर पर दिखने वाला घटक है।

आगे क्या होगा

निर्माण कार्य शैल्याशिखर नगरपालिका की देखरेख में आगे बढ़ेगा। भारतीय दूतावास के अनुसार, यह परियोजना नेपाल की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप स्थानीय बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता होगी। 600 से अधिक परियोजनाओं का आँकड़ा प्रभावशाली है, पर यह भी देखना होगा कि इनमें से कितनी परियोजनाएँ समुदायों द्वारा वास्तव में उपयोग में हैं और दीर्घकालिक रखरखाव किसके जिम्मे है। भारत-नेपाल संबंधों में जब-जब तनाव आया है, ऐसी दृश्यमान परियोजनाएँ कूटनीतिक पुल का काम करती हैं — यह उसी रणनीति की अगली कड़ी है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दार्चुला में भारत की मदद से कौन-सा स्कूल बनेगा?
नेपाल के दार्चुला जिले की शैल्याशिखर नगरपालिका में श्री गोकुलेश्वर माध्यमिक विद्यालय का नया भवन बनेगा। इसका शिलान्यास 27 जुलाई 2026 को भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव बासित नंदन और महापौर विजय सिंह धामी ने संयुक्त रूप से किया।
इस स्कूल भवन पर कितना खर्च होगा और पैसा कहाँ से आएगा?
विद्यालय भवन का निर्माण लगभग 75 मिलियन नेपाली रुपए की लागत से होगा। यह राशि भारत सरकार की उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना (एचआईसीडीपी) कार्यक्रम के तहत दी जाएगी।
एचआईसीडीपी कार्यक्रम क्या है और यह कब शुरू हुआ?
एचआईसीडीपी यानी उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना भारत सरकार का एक कार्यक्रम है जो 2003 से नेपाल में सक्रिय है। यह स्थानीय निकायों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में छोटे पैमाने की परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है।
अब तक नेपाल में एचआईसीडीपी के तहत कितनी परियोजनाएँ पूरी हुई हैं?
भारतीय दूतावास के अनुसार, एचआईसीडीपी की शुरुआत से अब तक नेपाल के सातों प्रांतों और 74 जिलों में लगभग 600 परियोजनाएँ शुरू की जा चुकी हैं।
इस स्कूल भवन से स्थानीय समुदाय को क्या फायदा होगा?
महापौर विजय सिंह धामी के अनुसार, नए भवन से शैल्याशिखर नगरपालिका में छात्रों और शिक्षकों के लिए सीखने का माहौल और शैक्षिक सुविधाएँ बेहतर होंगी। यह परियोजना नगरपालिका के माध्यम से कार्यान्वित होगी, जिससे स्थानीय स्वामित्व सुनिश्चित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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