भारत की मदद से नेपाल के बांके जिले में नए विद्यालय भवन की आधारशिला, HICDP की आठवीं परियोजना
सारांश
मुख्य बातें
भारत सरकार की वित्तीय सहायता से नेपाल के लुंबिनी प्रांत के बांके जिले की खजुरा ग्रामीण नगरपालिका में श्री जन कल्याण माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य 1 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से आरंभ हो गया। यह परियोजना भारत के हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP) कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है और बांके जिले में इस कार्यक्रम की यह आठवीं परियोजना है।
आधारशिला समारोह और प्रमुख भागीदार
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की काउंसलर गीतांजलि ब्रैंडन और खजुरा ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष दम्बर बहादुर बी.के. ने संयुक्त रूप से विद्यालय भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने भारत के सहयोग का स्वागत किया।
परियोजना का क्रियान्वयन खजुरा ग्रामीण नगरपालिका के माध्यम से किया जाएगा। स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि नए भवन से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और शिक्षकों के लिए भी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
वित्तीय सहायता और परियोजना का विवरण
भारत सरकार इस परियोजना के लिए HICDP कार्यक्रम के तहत लगभग NPR 3.2 करोड़ (32 मिलियन नेपाली रुपए) की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। भारतीय दूतावास के अनुसार, यह परियोजना नेपाल के साथ भारत की सतत विकास साझेदारी का अभिन्न हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना और नेपाल सरकार के सामाजिक-आर्थिक विकास प्रयासों को गति देना है।
दांग जिले में नेत्र अस्पताल का नया ऑपरेशन थिएटर भी उद्घाटित
इसी कड़ी में लुंबिनी प्रांत के दांग जिले के तुलसीपुर स्थित राप्ती नेत्र अस्पताल में भारत सरकार की वित्तीय सहायता से निर्मित नए दो मंजिला ऑपरेशन थिएटर भवन का उद्घाटन भी किया गया। काउंसलर गीतांजलि ब्रैंडन और तुलसीपुर उपमहानगरपालिका के मेयर टीकाराम खड़का ने संयुक्त रूप से इस भवन का लोकार्पण किया।
यह भवन भी HICDP के तहत तुलसीपुर उपमहानगरपालिका के माध्यम से निर्मित किया गया है और दांग जिले में भारत के सहयोग से पूरी हुई सातवीं HICDP परियोजना है। इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी नेपाल में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाना है।
HICDP कार्यक्रम की व्यापक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि HICDP कार्यक्रम वर्ष 2003 में 'स्मॉल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (SDP)' के नाम से शुरू हुआ था। इसके अंतर्गत नेपाल सरकार द्वारा चिन्हित प्राथमिकता क्षेत्रों — स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, जल निकासी, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत और नदी प्रबंधन — में स्थानीय निकायों के माध्यम से लघु आधारभूत संरचना एवं सामुदायिक विकास परियोजनाओं को समर्थन दिया जाता है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, इस कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक भारत सरकार नेपाल के सभी सात प्रांतों और 74 जिलों में लगभग 600 विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर चुकी है। यह आँकड़ा भारत-नेपाल विकास साझेदारी की गहराई और निरंतरता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत संबंध प्रगाढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में निवेश से भारत-नेपाल के बीच जन-केंद्रित कूटनीति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।