UNSC सुधार पर भारत का जोर: सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क में फ्रांस-मेक्सिको पहल में वीटो मुद्दा उठाया
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में फ्रांस और मेक्सिको के विदेश मंत्रियों द्वारा आयोजित 'फ्रांस-मेक्सिको पहल' कार्यक्रम में भाग लिया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में शीघ्र एवं व्यापक सुधार की आवश्यकता पर भारत का दृढ़ पक्ष रखा। उन्होंने वीटो शक्ति के मुद्दे पर भारत के दीर्घकालिक और सुसंगत रुख को भी दोहराया।
भारत की आधिकारिक स्थिति
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में स्पष्ट किया कि सचिव जॉर्ज ने इस मंच पर वीटो को लेकर भारत के 'लंबे समय से चले आ रहे और लगातार एक जैसे रुख' पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि UNSC में व्यापक सुधार जल्द किए जाने चाहिए ताकि यह संस्था वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सके।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता कर रहा है और बहुपक्षीय मंचों पर अपनी भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है।
मोदी-गुटेरेस बैठक: UNSC सुधार का संदेश दोहराया
गौरतलब है कि इससे महज ग्यारह दिन पहले, 11 सितंबर 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान एक महत्त्वपूर्ण बैठक की। दोनों नेताओं ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की अनिवार्यता और UNSC सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर सहमति जताई।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान हुई प्रगति, बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता और संयुक्त राष्ट्र में जल्द सुधार की जरूरत शामिल है।'
बैठक के व्यापक एजेंडे पर चर्चा
नई दिल्ली में हुई मोदी-गुटेरेस बैठक में वैश्विक संघर्षों, विशेषकर मध्य पूर्व और यूक्रेन में जारी युद्ध, समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता, टिकाऊ विकास, मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय द्वारा जारी ब्योरे के अनुसार, गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत के 'करीबी सहयोग' की सराहना की और ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गुटेरेस ने चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए भारत और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई भी दी।
UNSC सुधार की माँग: भारत का ऐतिहासिक संदर्भ
भारत दशकों से UNSC में स्थायी सदस्यता और संस्थागत पुनर्गठन की माँग उठाता रहा है। G4 समूह (भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील) के माध्यम से भारत ने स्थायी सीटों के विस्तार और वीटो प्रणाली में बदलाव की वकालत लगातार की है। यह Nवीं बार है जब भारत ने किसी बहुपक्षीय मंच पर UNSC की संरचनात्मक खामियों को उजागर करते हुए सुधार की अपील की है।
आलोचकों का कहना है कि P5 देशों की वीटो शक्ति 21वीं सदी की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यही ढाँचा महाशक्तियों के बीच संतुलन बनाए रखता है।
आगे क्या होगा
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान UNSC सुधार से जुड़ी अंतर-सरकारी वार्ताएँ (IGN) आगे बढ़ने की उम्मीद है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के इस कार्यकाल में बहुपक्षीय संस्था सुधार एक केंद्रीय मुद्दा बना रहेगा। फ्रांस-मेक्सिको पहल जैसे मंचों में भागीदारी भारत की कूटनीतिक सक्रियता का संकेत है।