यूएनजीए में ईरान की भागीदारी उसका कानूनी हक़, किसी की दया नहीं — विदेश मंत्रालय प्रवक्ता
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 20 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में ईरान की भागीदारी उसका संप्रभु कानूनी अधिकार है, न कि किसी देश की ओर से दिया गया कोई एहसान। न्यूयॉर्क में जारी यह सत्र अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का प्रमुख मंच बना हुआ है, जहाँ ईरान-अमेरिका तनाव एक बार फिर केंद्र में है।
बाघेई का बयान: अधिकार, एहसान नहीं
एक टेलीविज़न साक्षात्कार में बाघेई ने कहा, 'न्यूयॉर्क जाने में ईरान के प्रतिनिधियों की कोई व्यक्तिगत दिलचस्पी नहीं है। हालाँकि, यह एक ऐसा अहम मंच है जिसे छोड़ा नहीं जा सकता। यूएनजीए में ईरान की भागीदारी उसका कानूनी अधिकार है, न कि किसी की तरफ से दिया गया एहसान।' उन्होंने रेखांकित किया कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के 50 संस्थापक सदस्यों में से एक है।
बाघेई ने यह भी आरोप लगाया कि 'दूसरा पक्ष' ईरानी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को रोकने के लिए 'हर संभव कोशिश' कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी 'रुकावटें और नकारात्मक प्रचार' ईरान को अपना पक्ष रखने के उसके जायज अधिकार से कभी पीछे नहीं हटा पाएंगे।
अमेरिका का रुख: वीजा और सीमित प्रतिनिधिमंडल
अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि वह यूएनजीए के लिए ईरान के 'मुख्य प्रतिनिधिमंडल' को 'मेजबान देश की ज़िम्मेदारियों के तहत' वीजा जारी करेगा। बयान में यह भी कहा गया कि इस बार प्रतिनिधिमंडल पिछले वर्ष की तुलना में छोटा है।
गौरतलब है कि अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का मेजबान होने के नाते, सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को वीजा जारी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्व के अधीन है — हालाँकि प्रतिनिधिमंडल के आकार और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के ऐतिहासिक विवाद रहे हैं।
ट्रंप का एजेंडा: ईरान परमाणु मुद्दा केंद्र में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे, जहाँ ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएँ उनकी कूटनीति का केंद्रबिंदु रहेंगी। मंगलवार को ट्रंप खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने पत्रकारों को बताया कि ट्रंप के भाषण में यह सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। उन्होंने कहा कि यह माँग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बार-बार पारित प्रस्तावों में भी प्रतिबिंबित होती है।
वाल्ट्ज ने यह भी बताया कि भाषण में राजनयिक समझौतों, अनसुलझे विवादों और ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना पर हुई प्रगति को भी शामिल किया जाएगा। अमेरिकी अधिकारी तेहरान के साथ व्यापार करने वाली संस्थाओं को और परिणामों की चेतावनी दे रहे हैं।
ईरान-अमेरिका मुलाकात की संभावना अधर में
अमेरिका-ईरान के बीच संभावित द्विपक्षीय संपर्क को लेकर पूछे जाने पर अधिकारियों ने राष्ट्रपति या विदेश मंत्री के अंतिम कार्यक्रम से पहले कुछ भी पुष्ट करने से इनकार किया। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय किसी भी कूटनीतिक संकेत को बारीकी से देख रहा है।
यूएनजीए का यह सत्र वैश्विक राजनीति के कई अनसुलझे धागों को एक मंच पर लाने का अवसर बन गया है — और ईरान इस बार खामोश दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार बनने की मंशा के साथ आया है।