इजरायल पाकिस्तान को मध्यस्थ नहीं मानता: डॉ. इनात विल्फ, PM मोदी के नेतृत्व की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल की नेसेट की पूर्व सदस्य और ओज पार्टी की चेयर डॉ. इनात विल्फ ने 18 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि इजरायल अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान को किसी भी रूप में विश्वसनीय मध्यस्थ नहीं मानता। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इजरायल के लोग भारत के साथ आने वाले वर्षों में एक गहरे और व्यापक गठबंधन की उम्मीद रखते हैं।
पाकिस्तान पर इजरायल का स्पष्ट रुख
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान सुलह कराने की कोशिश में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस पर डॉ. विल्फ ने साफ शब्दों में कहा, 'बिल्कुल नहीं। इजरायल पाकिस्तान पर मध्यस्थ के तौर पर भरोसा नहीं करता और न ही कर सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में कतर और पाकिस्तान जैसे देश खुद को अच्छे मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं, लेकिन यह दावा तथ्यों पर खरा नहीं उतरता।
मध्यस्थता की बुनियादी शर्त क्या है
डॉ. विल्फ ने मध्यस्थता की एक बुनियादी जरूरत की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार किसी भी देश को मध्यस्थ बनने के लिए उन सभी पक्षों के साथ खुले और पूर्ण राजनयिक संबंध होने चाहिए, जिनके बीच वह सुलह कराने का दावा करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को इजरायल का दुश्मन घोषित करता है और उसके नेताओं ने इजरायल की नीतियों पर ही नहीं, बल्कि उसके अस्तित्व पर भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इजरायल में कोई भी पाकिस्तान को एक अच्छा मध्यस्थ मानता है।'
PM मोदी के नेतृत्व की सराहना
डॉ. विल्फ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इजरायल में लोग भारत और उसके नेतृत्व के प्रति बहुत सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ईरान के साथ युद्ध से एक दिन पहले नेसेट में उपस्थित थे और उन्होंने दोनों देशों की सभ्यताओं, परंपराओं और साझा मूल्यों पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। डॉ. विल्फ ने कहा, 'लोग निश्चित रूप से भारत को एक ऐसे देश के रूप में देख रहे हैं जिसके साथ इजरायल का अगले कुछ वर्षों में एक बड़ा, गहरा गठबंधन होगा।'
यूक्रेन संकट में भारत की भूमिका पर टिप्पणी
2022 में यूक्रेन संघर्ष के दौरान रूस को परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से रोकने में प्रधानमंत्री मोदी की कथित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर डॉ. विल्फ ने कहा कि उनके पास इस विषय में पर्दे के पीछे की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन यदि भारत ने ऐसी कोई भूमिका निभाई होती तो यह निश्चित रूप से मानवता के हित में होती। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंच पर तेजी से उभर रहा है। गौरतलब है कि पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं की लोकप्रियता सूचियों में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। आने वाले समय में भारत-इजरायल संबंध किस दिशा में जाते हैं, यह कूटनीतिक जगत की नजर में बना रहेगा।