जयशंकर की सियोल यात्रा: इंडो-पैसिफिक और वैश्विक मुद्दों पर भारत-दक्षिण कोरिया में रणनीतिक संवाद
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार, 24 जून को सियोल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक वी सुंग-लैक से मुलाकात की और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तथा वैश्विक घटनाक्रम पर दोनों देशों के रणनीतिक आकलन साझा किए। यह बैठक उसी दिन हुई जब जयशंकर ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ भी व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की।
मुख्य बैठकें और चर्चा के विषय
जयशंकर ने दिन की शुरुआत विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ बैठक से की, जिसमें जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने स्टार्टअप, फिनटेक और बहुपक्षीय मंचों में उभरते अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया।
शाम को जयशंकर ने राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक वी सुंग-लैक से अलग मुलाकात की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'बुधवार की शाम को दक्षिण कोरिया (आरओके) के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक वी सुंग-लैक से मिलकर खुशी हुई। वैश्विक घटनाओं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर उपयोगी चर्चा हुई।'
राष्ट्रपति यात्रा के नतीजों पर आगे बढ़ी चर्चा
विदेश मंत्री चो ह्यून ने बताया कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की पिछले साल अप्रैल में भारत की राजकीय यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाई देने की ठोस शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि उस शिखर सम्मेलन में हुए समझौतों के तहत व्यापार, निवेश और वित्त के क्षेत्रों में तेज़ प्रगति हुई है और इसे और गहरा करने के रास्ते तलाशे गए।
चो ह्यून ने एक्स पर लिखा कि इस सप्ताह भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 'कोरिया वीक' का आयोजन किया जा रहा है — जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वादे को पूरा करने की दिशा में कदम है, जिसमें भारत में कार्यरत दक्षिण कोरियाई कंपनियों की समस्याओं के समाधान की बात कही गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही दक्षिण कोरिया में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए भी इसी तरह की बैठक आयोजित की जाएगी।
मध्य पूर्व की स्थिति पर आर्थिक चिंताएँ
दोपहर के भोजन के दौरान दोनों मंत्रियों ने तेज़ी से बदल रहे वैश्विक हालात पर विस्तार से चर्चा की। चो ह्यून के अनुसार, दोनों देशों ने मध्य पूर्व की स्थिति में बदलाव से पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई — यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ नए सिरे से पुनर्गठित हो रही हैं।
जेजू फोरम और आगे की योजना
जयशंकर मंगोलिया की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद दक्षिण कोरिया पहुँचे हैं। वह गुरुवार को जेजू में आयोजित 'जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी' में मुख्य भाषण देंगे, जहाँ चो ह्यून से उनकी एक बार फिर मुलाकात होगी। यह यात्रा भारत-दक्षिण कोरिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।