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'जी राम जी योजना': 125 दिन रोजगार की गारंटी, संतोष पांडे बोले — गांव, किसान और पंचायत तीनों को मिलेगा फायदा

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'जी राम जी योजना': 125 दिन रोजगार की गारंटी, संतोष पांडे बोले — गांव, किसान और पंचायत तीनों को मिलेगा फायदा

सारांश

'जी राम जी योजना' महज एक नई सरकारी स्कीम नहीं — यह ग्रामीण रोजगार की सीमा को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का सीधा वादा है। तिरुपति से राष्ट्रीय शुभारंभ और राजनांदगांव से सांसद की आवाज़ — संदेश साफ है कि केंद्र सरकार गांव, किसान और पंचायत को एक साथ साधना चाहती है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार की 'विकसित भारत — जी राम जी योजना' का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को तिरुपति जिले, आंध्र प्रदेश के मुक्कावरिपल्ली गांव से हुआ।
योजना के तहत ग्रामीण रोजगार की अवधि 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है।
राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने इसे गांव, कृषि और पंचायती राज तीनों के लिए उपयोगी पहल बताया।
शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान , आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण उपस्थित रहे।
योजना में जल संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और पंचायतों को अधिक वित्तीय अधिकार देने का प्रावधान बताया जा रहा है।

राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे ने 2 जुलाई 2026 को अपने एक दिवसीय राजनांदगांव दौरे के दौरान केंद्र सरकार की 'विकसित भारत — जी राम जी योजना' को ग्रामीण भारत के लिए एक निर्णायक पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण रोजगार, कृषि विकास और पंचायती राज को एक साथ सशक्त बनाती है, और अब मनरेगा की तर्ज पर 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा — जो पहले 100 दिन तक सीमित था।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

सांसद पांडे के अनुसार, 'जी राम जी योजना' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय ज़रूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'यह गांव के हित में है, कृषि के क्षेत्र में है, इसने पंचायती राज को और ताकतवर बना दिया है।' रोजगार की अवधि 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने को उन्होंने एक अहम नीतिगत निर्णय बताया।

योजना के अंतर्गत पंचायतों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार देने का प्रावधान भी बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की योजना और क्रियान्वयन अधिक पारदर्शी हो सके।

राष्ट्रीय शुभारंभ समारोह

'विकसित भारत — जी राम जी योजना' का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान सहित सांसद, विधायक और हजारों की संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के गरीब मजदूरों, किसानों और ग्रामीणों के लिए रोजगार की गारंटी, ग्राम विकास हेतु बड़े वित्तीय आवंटन और एक पारदर्शी क्रियान्वयन मॉडल प्रस्तुत किया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया और आभार

सांसद पांडे ने योजना के शुभारंभ के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि वे हमेशा गरीब कल्याण का काम करते रहे हैं। उन्होंने किसानों के क्षेत्र में बहुत ही महान कार्य किया है।'

गौरतलब है कि यह योजना ऐसे समय में लॉन्च हुई है जब ग्रामीण रोजगार और कृषि संकट देश में नीतिगत बहस के केंद्र में हैं। रोजगार की अवधि में 25 दिनों की वृद्धि को ग्रामीण परिवारों की आय पर सीधा असर डालने वाला कदम माना जा रहा है।

आम जनता और किसानों पर असर

योजना के तहत जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता मिलने से सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद है। पंचायतों को अधिक शक्ति मिलने से स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार विकास कार्य तय करने की स्वायत्तता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्रियान्वयन पारदर्शी रहा, तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

योजना के विस्तृत दिशानिर्देश और राज्यवार आवंटन की जानकारी आने वाले हफ्तों में सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ग्रामीण परिवारों की आय पर इसका सीधा असर पड़ेगा — बशर्ते क्रियान्वयन ज़मीन पर उतरे। असली सवाल यह है कि पंचायतों को 'अधिक शक्ति' देने का वादा कागज़ों से बाहर कैसे निकलेगा, क्योंकि पिछले ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों में भुगतान में देरी और मस्टर रोल में हेराफेरी बड़ी समस्याएँ रही हैं। तिरुपति से शुभारंभ और छत्तीसगढ़ से प्रतिध्वनि — यह राजनीतिक संदेश भी है और नीतिगत दांव भी। पारदर्शी सत्यापन तंत्र के बिना, '125 दिन' का आंकड़ा महज एक और वादा बनकर रह सकता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जी राम जी योजना' क्या है?
'विकसित भारत — जी राम जी योजना' केंद्र सरकार की एक ग्रामीण विकास पहल है, जिसे 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले से राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च किया गया। इसके तहत ग्रामीण रोजगार की अवधि 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है और जल संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण व पंचायत सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है।
इस योजना में रोजगार की अवधि कितनी है और पहले कितनी थी?
योजना के तहत अब ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 100 दिन थी। सांसद संतोष पांडे ने इस 25 दिनों की वृद्धि को एक अहम नीतिगत निर्णय बताया है।
'जी राम जी योजना' का शुभारंभ कहाँ और किसने किया?
योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से हुआ। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इस योजना से किसानों और ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
योजना के तहत किसानों और ग्रामीण मजदूरों को अधिक दिनों का रोजगार मिलेगा, जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी, और पंचायतों को स्थानीय विकास कार्य तय करने के अधिक अधिकार मिलेंगे। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में सीधा सुधार होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में इस योजना को लेकर क्या प्रतिक्रिया रही?
राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान योजना का स्वागत किया और इसे गांव, कृषि और पंचायती राज तीनों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इसके लिए धन्यवाद दिया।
राष्ट्र प्रेस
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