कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने श्रद्धालुओं के लिए जारी किया वीडियो संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने 20 जून 2026 को रवाना होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा (KMY) के श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार को एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें यात्रा मार्ग, सुविधाओं और ज़रूरी तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने यह संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।
यात्रा का आगाज़ और दूतावास का स्वागत
भारतीय दूतावास, बीजिंग ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'विदेश मंत्रालय (MEA) और चीन की सरकार के सहयोग से आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026, 20 जून को भारत से रवाना होगी। दूतावास की टीम आधिकारिक और निजी दोनों माध्यमों से यात्रा करने वाले सभी श्रद्धालुओं का पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा के लिए हार्दिक स्वागत करती है।' दूतावास ने यह भी जानकारी दी कि यात्रा से जुड़ी अतिरिक्त तस्वीरें और यात्रा सलाह शीघ्र ही जारी की जाएंगी।
मार्गों का निरीक्षण और तैयारियों की समीक्षा
राजदूत दोरईस्वामी के नेतृत्व में दूतावास की टीम ने हाल ही में यात्रा मार्गों का सीधा दौरा किया। टीम ने सिक्किम और उत्तराखंड से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (चीन) तक जाने वाले प्रमुख रास्तों की समीक्षा की, जिसमें नाथू ला और लिपुलेख दर्रों के ज़रिए यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण शामिल था।
राजदूत ने वीडियो संदेश में बताया कि नाथू ला दर्रे पर पहुँचने के बाद चीनी कस्टम और इमिग्रेशन अधिकारी श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे, और इसके बाद उन्हें बसों के ज़रिए याडोंग काउंटी ले जाया जाएगा। संदेश में यात्रा के समय, खाने-पीने की सुविधाओं और करेंसी एक्सचेंज से जुड़ी ज़रूरी जानकारियाँ भी साझा की गईं।
ल्हासा दौरा और चीनी अधिकारियों से मुलाकात
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह राजदूत दोरईस्वामी ने तिब्बत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी ल्हासा का दौरा किया। वहाँ उन्होंने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ भारतीय श्रद्धालुओं के लिए की गई तैयारियों और सुविधाओं की समीक्षा की।
ल्हासा हवाई अड्डे पर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के विदेश मामलों के कार्यालय के उप महानिदेशक यांग लाहोंग ने उनका स्वागत किया। दूतावास के अनुसार, राजदूत ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के उपाध्यक्ष झाओ पेंग से भी मुलाकात की, जिन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी।
पहले जत्थे को हरी झंडी
इससे पहले 13 जून 2026 को विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू भवन में कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह यात्रा विदेश मंत्रालय (MEA) और चीन सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जा रही है।
आगे क्या
राजदूत दोरईस्वामी ने जानकारी दी कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग से जुड़ी और जानकारी देने वाले कई वीडियो आने वाले दिनों में भी जारी किए जाएंगे। यह यात्रा भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, और दूतावास का यह सक्रिय संचार श्रद्धालुओं को बेहतर तैयारी का अवसर देता है।