आचार्य लोकेश मुनि को खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार का न्योता, अमेरिका से तेहरान रवाना होंगे
सारांश
मुख्य बातें
जैन संत और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण मिला है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। यह समारोह 3 जुलाई 2026 को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाल्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित होगा, जिसमें विश्वभर के राष्ट्राध्यक्ष और वैश्विक नेता भाग लेंगे। आचार्य लोकेश मुनि इस समय अमेरिका में हैं और वहाँ से सीधे तेहरान के लिए प्रस्थान करेंगे।
निमंत्रण और स्वीकृति
आचार्य लोकेश मुनि के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर ईरान सरकार का निमंत्रण पत्र साझा करते हुए लिखा गया कि वे ईरान सरकार के आमंत्रण पर अमेरिका से तेहरान पहुँचेंगे। पोस्ट में उल्लेख किया गया कि अमेरिका की शांति-सद्भाव यात्रा के दौरान उनके 'वी सपोर्ट पीस' अभियान को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के नेताओं का समर्थन मिला, और अब यह तत्काल ईरान यात्रा वैश्विक शांति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया कि भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए आचार्य लोकेश मुनि की उपस्थिति दोनों देशों के बीच गहरे सम्मान और मित्रता का प्रतीक होगी।
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व
अंतिम संस्कार समारोह में भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा प्रतिनिधित्व करेंगे। आचार्य लोकेश मुनि की उपस्थिति इस प्रतिनिधिमंडल को एक धार्मिक-कूटनीतिक आयाम भी देती है।
खामेनेई का निधन और पार्थिव यात्रा
36 वर्षों तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई का 28 फरवरी 2026 को निधन हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उनका निधन तेहरान पर हवाई हमलों के पहले दिन अमेरिका-इज़राइल के हमले में हुआ। खामेनेई ने दशकों तक ईरान की राजनीति, विदेश नीति और शासन व्यवस्था को दिशा दी।
ईरानी मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार की पार्थिव यात्रा कई चरणों में होगी। 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ुम में समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात 9 जुलाई को उनकी जन्मभूमि मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
अंतिम संस्कार में भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था
ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए के अनुसार, अंतिम संस्कार में 1.2 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इस विशाल आयोजन को देखते हुए पूरे तेहरान में सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित रखी जाएगी।
आचार्य लोकेश मुनि की इस यात्रा को अहिंसा और अंतर-धार्मिक संवाद के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है — ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है।