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पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे, सेना प्रमुख का संदेश ईरानी सुप्रीम लीडर को सौंपा

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पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे, सेना प्रमुख का संदेश ईरानी सुप्रीम लीडर को सौंपा

सारांश

पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी का तेहरान दौरा महज औपचारिकता नहीं — सेना प्रमुख का सीधा संदेश ईरानी सुप्रीम लीडर तक पहुंचाना और ईरान-अमेरिका तनाव में मध्यस्थता की कोशिश, इस्लामाबाद की बढ़ती कूटनीतिक महत्वाकांक्षा का संकेत है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी 7 जून 2025 को तेहरान पहुंचे।
सेना प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर का संदेश ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई को सौंपा जाना है।
ईरानी गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से शनिवार आधी रात बैठक हुई; मोमेनी ने पाकिस्तान को 'दोस्त, भाई और पड़ोसी' कहा।
यह दौरा ईरान-अमेरिका तनाव में इस्लामाबाद की मध्यस्थता कोशिशों का हिस्सा बताया जा रहा है।
नकवी अप्रैल से अब तक कम से कम तीन बार ईरान का दौरा कर चुके हैं।

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी 7 जून 2025 को तेहरान पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने ईरानी समकक्ष एस्कंदर मोमेनी से शनिवार रात उच्च-स्तरीय बैठक की। रिपोर्टों के अनुसार, नकवी पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर की ओर से ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा खामेनेई के लिए एक विशेष संदेश लेकर पहुंचे हैं। यह यात्रा ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इस्लामाबाद की मध्यस्थता कोशिशों की कड़ी में देखी जा रही है।

मुलाकात का ब्यौरा

शनिवार आधी रात को हुई बैठक के बाद ईरानी गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने कहा कि 'पाकिस्तान एक बहुत बड़ा देश है और हमारे बीच धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से पुराने रिश्ते और कई समानताएं हैं।' उन्होंने पाकिस्तान को ईरान का 'दोस्त, भाई और पड़ोसी देश' बताया। नकवी ने भी अपने संदेश में दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समानताओं का उल्लेख किया।

मध्यस्थता की कोशिशें

रिपोर्टों के अनुसार, नकवी का यह दौरा ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद की मध्यस्थता की व्यापक कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा है। इस यात्रा के दौरान वह ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों से भी बातचीत करने वाले हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों के साथ तनाव चरम पर है।

बार-बार हो रहे दौरे

गौरतलब है कि मोहसिन नकवी इस साल कई बार ईरान का दौरा कर चुके हैं। अप्रैल में उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ तेहरान की यात्रा की थी। इसके बाद मई के अंत और जून की शुरुआत में भी दो अलग-अलग आधिकारिक यात्राएं हो चुकी हैं। इन दौरों में उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और गृह मंत्री मोमेनी से मुलाकात की है।

कूटनीतिक महत्व

विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान की यह सक्रिय कूटनीतिक भूमिका उसकी पारंपरिक 'रणनीतिक गहराई' नीति से अलग एक नए दृष्टिकोण की ओर संकेत करती है। ईरान और अमेरिका — दोनों के साथ संतुलन बनाए रखना इस्लामाबाद के लिए एक जटिल कूटनीतिक चुनौती है। आने वाले हफ्तों में इन वार्ताओं के नतीजे पाकिस्तान की क्षेत्रीय भूमिका को और स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह किस हद तक विश्वसनीय मध्यस्थ बन सकता है? सेना प्रमुख का सीधे सुप्रीम लीडर को संदेश भेजना यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तान में सेना ही विदेश नीति की असली धुरी बनी हुई है — जो नागरिक सरकार की भूमिका को और संकुचित करता है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहसिन नकवी ईरान क्यों गए हैं?
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर का संदेश ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई तक पहुंचाने और ईरान-अमेरिका तनाव में मध्यस्थता की कोशिशों के तहत वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों से बातचीत करने गए हैं।
नकवी और ईरानी गृह मंत्री मोमेनी की बैठक में क्या हुआ?
शनिवार आधी रात को हुई बैठक में ईरानी गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने पाकिस्तान को 'दोस्त, भाई और पड़ोसी देश' बताया और दोनों देशों के धार्मिक व सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया। नकवी ने भी दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का उल्लेख किया।
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता क्यों कर रहा है?
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ईरान-अमेरिका तनाव — विशेष रूप से परमाणु मुद्दे पर — कम करने की कोशिश में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद दोनों देशों के साथ अपने संबंधों का उपयोग कूटनीतिक संवाद को बनाए रखने के लिए कर रहा है।
नकवी इससे पहले कितनी बार ईरान जा चुके हैं?
मोहसिन नकवी इस साल कम से कम तीन बार ईरान का दौरा कर चुके हैं — अप्रैल में सेना प्रमुख के साथ, मई के अंत में, और अब जून की शुरुआत में। इन दौरों में उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष, विदेश मंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात की है।
इस कूटनीतिक पहल का क्षेत्रीय महत्व क्या है?
यह पहल दर्शाती है कि पाकिस्तान खाड़ी क्षेत्र में एक सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। ईरान और अमेरिका — दोनों के साथ संबंध बनाए रखना पाकिस्तान की विदेश नीति की जटिल चुनौती को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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