पाक गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री अराघची से की मुलाकात, खामेनेई को सौंपा विशेष संदेश
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी 7 जून 2026 को तेहरान पहुँचे और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के नाम एक विशेष संदेश सौंपा। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब अमेरिका-ईरान युद्धविराम को लेकर क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।
बैठक में क्या हुई चर्चा
ईरान सरकार के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी तस्वीरों के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति, द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने और दोनों पड़ोसी देशों के बीच संवाद को और प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा ईरान-अमेरिका वार्ता की मौजूदा स्थिति और इस्लामाबाद की मध्यस्थता भूमिका पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेष पत्र और उसकी पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, नकवी ने विदेश मंत्री अराघची को जो पत्र सौंपा, वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की ओर से भेजा गया बताया जा रहा है। हालाँकि पत्र की सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है। पाकिस्तानी और ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसमें मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति और ईरान-अमेरिका संबंधों से जुड़े संदेश हो सकते हैं।
गौरतलब है कि तेहरान रवाना होने से पहले नकवी ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जहाँ उन्हें तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी वार्ताओं के संदर्भ में विशेष निर्देश दिए गए बताए जा रहे हैं।
किर्गिस्तान में भी हो चुकी थी बैठक
यह बैठक अचानक नहीं हुई। रिपोर्टों के मुताबिक पिछले 48 घंटों में नकवी ने किर्गिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी के साथ दो बार बातचीत की थी। इन बैठकों में क्षेत्रीय घटनाक्रम और दोनों देशों के साझा हितों पर विचार-विमर्श किया गया था।
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान लगातार खुद को एक सक्रिय क्षेत्रीय मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, नकवी अपने दौरे के दौरान कई अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।
क्षेत्रीय कूटनीति पर असर
विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान की यह कूटनीतिक पहल इस्लामाबाद की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह ईरान-अमेरिका तनाव को कम करने में भूमिका निभाना चाहता है। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और सीमा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सहयोग की संभावनाएँ भी इस यात्रा के एजेंडे में शामिल बताई जा रही हैं। आगामी दिनों में इस कूटनीतिक प्रक्रिया के और स्पष्ट परिणाम सामने आने की उम्मीद है।