कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथ की आलोचक नैंसी ग्रेवाल की हत्या ने उठाए गंभीर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथ की मुखर आलोचक नैंसी ग्रेवाल की हत्या हुई।
- महिलाओं की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
- पुलिस ने मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
- घटनाएं खालिस्तानी चरमपंथ के प्रभाव को दर्शाती हैं।
- नैंसी को कई बार जान से मारने की धमकियां मिली थीं।
वॉशिंगटन, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथ की मुखर आलोचक और कनाडाई नागरिक नैंसी ग्रेवाल की निर्मम हत्या ने पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गहन चिंताओं को जन्म दिया है। एक रिपोर्ट में यह पता चला है कि इस घटना ने कनाडा और उत्तरी अमेरिका में सक्रिय चरमपंथी नेटवर्क के प्रभाव को भी उजागर किया है।
वॉशिंगटन स्थित ‘ग्लोबल स्ट्रैट व्यू’ के लिए लिखने वाले वकील और लेखक संजय लजार ने कहा कि कई राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों ने खालिस्तानी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने, हिंसक गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और धार्मिक स्थलों से संचालित आतंकी गतिविधियों पर सख्ती की मांग की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन संगठनों का प्रभाव कनाडा में गुरुद्वारों के नेटवर्क पर भी देखा जाता है, जिन्हें कथित तौर पर अवैध हथियारों, मादक पदार्थों और मानव तस्करी जैसे अपराधों के लिए माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस रिपोर्ट में 3 मार्च की शाम कनाडा में हुई नैंसी ग्रेवाल की हत्या का उल्लेख किया गया है, जिसमें बताया गया है कि वह विंडसर गुरुद्वारे और कनाडा के अन्य हिस्सों में प्रभावशाली व्यक्तियों के खिलाफ खुलकर बोलती थीं। उन्होंने पंजाब के कुछ लोगों पर भी खालिस्तानी ताकतों की मदद का आरोप लगाया था।
सूत्रों के अनुसार, नैंसी ग्रेवाल को उनके स्थानीय गुरुद्वारे में कई लोगों ने चुप रहने की चेतावनी दी थी। वह स्वयं सिख समुदाय से थीं और गुरुद्वारों को कथित रूप से खालिस्तानी आतंकवाद के अड्डों में बदलने के प्रयासों का विरोध करती थीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें लगभग 40 बार जान से मारने की धमकियां मिली थीं। नवंबर 2025 में उनके घर पर आग लगाने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि विंडसर पुलिस और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की, जबकि हमले से जुड़े वीडियो फुटेज और सड़क के कैमरे की रिकॉर्डिंग मौजूद थी।
इस मामले में सवाल उठाया गया है कि नवंबर 2025 में आगजनी की घटना के बाद पुलिस ने कोई ठोस प्रगति क्यों नहीं की।
नैंसी की मां शिंदर पाल ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के घर पर पहले हुए आगजनी हमले के पीछे जो लोग थे, वही हत्या के लिए भी जिम्मेदार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को मिलने वाली धमकियों की जानकारी पुलिस को बार-बार दी जाती थी, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।