त्रिभुवन यूनिवर्सिटी MBS पेपर लीक: काठमांडू में जेन-जी का आक्रोश, शिक्षक संदीप सिंह गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के मास्टर ऑफ बिजनेस स्टडीज (MBS) के प्रथम सेमेस्टर का प्रश्नपत्र 24 जुलाई को परीक्षा शुरू होते ही लीक हो जाने के बाद काठमांडू की सड़कों पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। नेपाल पुलिस के साइबर ब्यूरो ने इस मामले में संदीप सिंह — जिन्हें छात्र 'सुलब सर' के नाम से जानते हैं — को भक्तपुर से गिरफ्तार किया है। यह मार्च 2026 में बालेंद्र 'बालेन' शाह की सरकार के सत्ता में आने के बाद दूसरा बड़ा जेन-जी विरोध प्रदर्शन है।
पेपर लीक का घटनाक्रम
24 जुलाई को परीक्षा शुरू होने के ठीक पाँच मिनट बाद MBS प्रथम सेमेस्टर के प्रश्नपत्र की PDF एक व्हाट्सएप ग्रुप में सर्कुलेट हो गई। कांतिपुर को मिले स्क्रीनशॉट के अनुसार, 'सुलब सर' नाम से सेव एक शख्स ने यह फाइल शेयर की, और कुछ ही देर में एक अन्य छात्र 'केशव भट्ट' ने सॉल्यूशन माँगा, जिस पर संदीप सिंह ने 16 पृष्ठों का हस्तलिखित उत्तर भी भेज दिया।
यह घटना 25 जुलाई को तब सार्वजनिक हुई जब ग्रुप के एक सदस्य ने व्हाट्सएप बातचीत के स्क्रीनशॉट फेसबुक पर पोस्ट कर दिए। उस व्हाट्सएप ग्रुप में 1,023 सदस्य थे और उसका विवरण था — 'चलो एक दूसरे की मदद करें'। बातचीत के समय कम से कम 35 सदस्य सक्रिय थे।
गिरफ्तारी और जाँच
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CIB) के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ अधीक्षक अनुपम शमशेर राणा के अनुसार, संदीप सिंह को शिक्षा अधिनियम, 1971 के परीक्षा गोपनीयता प्रावधान के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया है। जाँचकर्ताओं ने बताया कि संदीप सिंह हिमालय कॉलेज, कोटेश्वर और KMC कॉलेज, बागबाजार में अध्यापन करते हैं।
पूछताछ में संदीप सिंह ने दावा किया कि उन्होंने केवल एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजा गया पेपर आगे फॉरवर्ड किया था जो पहले से ही अन्य ग्रुप्स पर उपलब्ध था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, अब तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि उन्हें इस लीक से कोई आर्थिक लाभ हुआ। संदीप सिंह के साथ कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया था, किंतु पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
सरकार और विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि लीक की सूचना मिलते ही मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के साथ समन्वय किया और पुलिस महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की को जाँच में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। पोखरेल ने पत्रकारों से कहा, 'हमने मैसेज के स्क्रीनशॉट साइबर ब्यूरो को भेज दिए और रविवार सुबह दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आगे की जाँच कर रही है।'
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जाँच से संकेत मिलता है कि पेपर लीक त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के किसी कर्मचारी द्वारा नहीं, बल्कि एक शिक्षक द्वारा किया गया। द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, इस घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा सुरक्षा और गोपनीयता प्रणाली में गंभीर खामियाँ उजागर की हैं।
जेन-जी का आक्रोश और राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब सितंबर 2025 में नेपाल में भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी के खिलाफ जेन-जी आंदोलन ने पूरे देश को हिला दिया था। बालेन शाह ने तब युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार इन समस्याओं का समाधान करेगी। किंतु सत्ता में आने के मात्र पाँच महीने के भीतर पेपर लीक जैसी घटना ने उस विश्वास को चुनौती दी है।
गौरतलब है कि यह घटना उसी दिन सामने आई जिस दिन भारत में NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था — एक ऐसा संयोग जिसने दोनों देशों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर एक साथ सवाल खड़े कर दिए।
आगे क्या होगा
नेपाल पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पुष्टि की है कि MBS प्रथम सेमेस्टर प्रश्नपत्र लीक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और जाँच जारी है। बालेन शाह सरकार ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र समुदाय त्रिभुवन यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की माँग पर अड़ा हुआ है।