नीदरलैंड दौरे पर PM मोदी ने किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से की मुलाकात, ह्यूस टेन बॉश पैलेस में हुई गर्मजोशी भरी बैठक

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नीदरलैंड दौरे पर PM मोदी ने किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से की मुलाकात, ह्यूस टेन बॉश पैलेस में हुई गर्मजोशी भरी बैठक

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं — ह्यूस टेन बॉश पैलेस में राजपरिवार से गंभीर मंत्रणा और द हेग में 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से प्रवासी समुदाय को संबोधन के साथ यह दौरा भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 मई को अपनी तीन दिवसीय नीदरलैंड यात्रा के दौरान ह्यूस टेन बॉश पैलेस में किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मिले।
राजपरिवार ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया; अतिथि पुस्तक में संदेश लिखा और द्विपक्षीय मंत्रणा हुई।
पीएम मोदी ने द हेग में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से शुभकामनाएँ दीं।
किंग विलेम-अलेक्जेंडर ने 2013 में राजगद्दी संभाली और वे करीब 100 वर्षों में नीदरलैंड के पहले पुरुष राजा बने।
नीदरलैंड यूरोपीय संघ में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है; यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने की दृष्टि से अहम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय नीदरलैंड यात्रा के दौरान शनिवार, 16 मई को नीदरलैंड के राजा किंग विलेम-अलेक्जेंडर और रानी क्वीन मैक्सिमा से मिले। यह मुलाकात एम्स्टर्डम स्थित शाही आवास ह्यूस टेन बॉश पैलेस में हुई, जहाँ राजपरिवार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर विचार-विमर्श भी हुआ।

शाही महल में स्वागत और अतिथि पुस्तक में संदेश

किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा ने अपने आधिकारिक शाही निवास ह्यूस टेन बॉश पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने महल की अतिथि पुस्तक में अपनी भावनाएँ अंकित कीं और राजा-रानी के साथ बैठकर महत्त्वपूर्ण मंत्रणा की। यह बैठक भारत-नीदरलैंड के बीच राजनयिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

द हेग में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधन

शाही मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने द हेग में आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत और नीदरलैंड के बीच की साझा समानताओं और घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'आज यहाँ जो माहौल है, उसे देखकर लग रहा है कि द हेग लिविंग सिंबल ऑफ इंडियन फ्रेंडशिप बन गया है। ये दिखाता है कि पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, एड्रेस बदल सकता है और टाइम जोन भी बदल सकता है, लेकिन मां भारती की संतानों की गर्मजोशी और जिंदगी का जश्न मनाने का जज्बा हमेशा साथ रहता है।'

इस संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने वर्तमान ऊर्जा संकट से उत्पन्न चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया।

भारतीय डायस्पोरा की सराहना और आभार

पीएम मोदी ने नीदरलैंड में बसे भारतवंशियों की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा, 'बीते वर्षों में जब भी मेरी नेदरलैंड्स के लीडर्स से बात हुई है, वे हमेशा भारतीय डायस्पोरा की बहुत प्रशंसा करते आए हैं। आप नेदरलैंड्स के समाज और यहाँ की इकॉनॉमी में जो कंट्रीब्यूट कर रहे हैं, उस पर हर भारतवासी को गर्व है।' उन्होंने नीदरलैंड की जनता और सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से शुभकामनाएँ दीं।

नीदरलैंड के राजपरिवार का ऐतिहासिक परिचय

नीदरलैंड का शाही परिवार यूरोप के सबसे पुराने राजघरानों में से एक है, जिसे 'हाउस ऑफ ऑरेंज-नासाउ' कहा जाता है। किंग विलेम-अलेक्जेंडर ने 2013 में अपनी माँ क्वीन बीट्रिक्स के पदत्याग के बाद राजगद्दी संभाली और इस तरह वे करीब 100 वर्षों में नीदरलैंड के पहले पुरुष राजा बने। रानी क्वीन मैक्सिमा मूल रूप से अर्जेंटीना की हैं। राजा-रानी की बड़ी पुत्री कैथरीना-अमालिया को 'प्रिंसेस ऑफ ऑरेंज' की उपाधि प्राप्त है और उन्हें नीदरलैंड की अगली शासक माना जाता है।

आगे की राजनयिक संभावनाएँ

यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने के लिहाज से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि नीदरलैंड यूरोपीय संघ में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यापार और ऊर्जा साझेदारी को रणनीतिक रूप से विस्तार देने में जुटा है — और नीदरलैंड, ASML जैसी अर्धचालक कंपनियों का घर होने के कारण, इस समीकरण में विशेष महत्त्व रखता है। शाही परिवार से मुलाकात और प्रवासी संबोधन का संयोजन भारतीय कूटनीति की उस परिचित शैली को दर्शाता है जो सॉफ्ट पावर और रणनीतिक हितों को एक साथ साधती है। हालाँकि, इस दौरे के ठोस द्विपक्षीय परिणाम — समझौते, निवेश संख्याएँ, तकनीकी सहयोग के विवरण — अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं, जो असली कूटनीतिक वज़न को परखने की कसौटी होगी।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की नीदरलैंड यात्रा का उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय नीदरलैंड दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। इस दौरे में राजनयिक बैठकें, शाही परिवार से मुलाकात और प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद शामिल हैं।
मोदी ने नीदरलैंड के किंग विलेम-अलेक्जेंडर से कहाँ मुलाकात की?
यह मुलाकात एम्स्टर्डम स्थित शाही आवास ह्यूस टेन बॉश पैलेस में हुई, जो नीदरलैंड के राजपरिवार का आधिकारिक महल है। किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और द्विपक्षीय मंत्रणा की।
नीदरलैंड के राजा किंग विलेम-अलेक्जेंडर कौन हैं?
किंग विलेम-अलेक्जेंडर ने 2013 में अपनी माँ क्वीन बीट्रिक्स के पदत्याग के बाद राजगद्दी संभाली और वे करीब 100 वर्षों में नीदरलैंड के पहले पुरुष राजा बने। उनका शाही परिवार 'हाउस ऑफ ऑरेंज-नासाउ' यूरोप के सबसे पुराने राजघरानों में से एक है।
PM मोदी ने द हेग में प्रवासी भारतीयों से क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि पासपोर्ट का रंग, पता और टाइम जोन बदल सकते हैं, लेकिन मां भारती की संतानों की गर्मजोशी कभी नहीं बदलती। उन्होंने 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से नीदरलैंड की जनता और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
नीदरलैंड की अगली रानी कौन होंगी?
किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा की बड़ी पुत्री कैथरीना-अमालिया को नीदरलैंड की अगली रानी माना जाता है। उन्हें 'प्रिंसेस ऑफ ऑरेंज' की उपाधि प्राप्त है।
राष्ट्र प्रेस
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