एनएसए अजीत डोभाल ने मॉस्को में रूस के नेशनल स्पेस सेंटर का दौरा किया, आईएसएस क्रू से की लाइव बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 29 मई 2026 को मॉस्को में रूस के राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तैनात रूसी अंतरिक्ष यात्रियों से सीधी बातचीत की। इस यात्रा में उनके साथ रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव भी मौजूद रहे।
स्पेस सेंटर का दौरा और प्रदर्शनी
रूस की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के अनुसार, डोभाल और मंटुरोव ने स्पेस टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें दुनिया के सबसे शक्तिशाली चार-चैंबर लिक्विड रॉकेट इंजन और रूसी कक्षीय स्टेशन (ROS) के बेस मॉड्यूल के मॉडल प्रदर्शित थे। यह केंद्र दुनिया की पहली महिला कॉस्मोनॉट वेरा तेरेश्कोवा के नाम पर स्थापित है।
संयुक्त औद्योगिक सूचना केंद्र का निरीक्षण
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने रोस्कोस्मोस संयुक्त औद्योगिक सूचना केंद्र (JIIC) का भी दौरा किया। रोस्कोस्मोस के अनुसार, इस केंद्र को रॉकेट और अंतरिक्ष उद्योग से जुड़े बड़े डेटा की निगरानी और विश्लेषण के लिए बनाया गया है और यह भविष्य के ROS के प्रबंधन में भी भूमिका निभाएगा।
ISS क्रू से लाइव संवाद
इस दौरे का एक उल्लेखनीय पहलू रहा जब डोभाल और मंटुरोव ने ISS पर तैनात रूसी कॉस्मोनॉट्स — सर्गेई कुड-स्वेरचकोव, एंड्री फेड्याव और सर्गेई मिकायेव — से लाइव बातचीत की। कॉस्मोनॉट्स ने 27 मई को किए गए अपने स्पेसवॉक के अनुभव साझा किए। गौरतलब है कि डोभाल को यूरी गगारिन की आधिकारिक कार का निरीक्षण करते देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चित हुआ। गगारिन 1961 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले इंसान थे।
भारत-रूस अंतरिक्ष सहयोग पर चर्चा
स्पेस सेंटर दौरे के दौरान डोभाल और मंटुरोव के बीच भारत-रूस अंतरिक्ष सहयोग पर एक विशेष बैठक भी हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश अंतरिक्ष क्षेत्र में द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा देने पर विचार कर रहे हैं।
सुरक्षा फोरम और शोइगु से मुलाकात
डोभाल की यह मॉस्को यात्रा मुख्यतः 14वीं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा फोरम और रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु द्वारा आयोजित उच्च प्रतिनिधियों की बैठक में भाग लेने के लिए थी। गुरुवार को फोरम को संबोधित करते हुए डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार देशों को यह तय करना होगा कि वे आतंकवाद के प्रायोजकों का समर्थन करते हैं या उनके विरुद्ध निर्णायक कदम उठाते हैं।
रूस में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर डोभाल के वक्तव्य को साझा करते हुए लिखा: 'चर्चा के दौरान एनएसए ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में डबल स्टैंडर्ड नहीं हो सकते। जिम्मेदार देशों को अपने विकल्प को देखना होगा और तय करना होगा कि वे आतंकवाद की फंडिंग का समर्थन करते हैं या उन्हें निर्णायक एक्शन से काउंटर करते हैं।'
डोभाल ने शोइगु के साथ द्विपक्षीय बैठक में रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में प्रस्तावित ब्रिक्स एनएसए बैठक पर भी विचार-विमर्श किया। यह यात्रा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की गहराई को रेखांकित करती है, जो अंतरिक्ष से लेकर सुरक्षा तक फैली है।