पाक एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के 13 नागरिक मारे गए, यूएन ने युद्धविराम की अपील दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने 12 जून 2026 को पुष्टि की कि 9-10 जून की रात पाकिस्तान द्वारा पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए एयरस्ट्राइक में 13 आम नागरिकों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हुए — जिनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएँ थीं। इस हमले के बाद यूएनएएमए ने तनाव कम करने, स्थायी युद्धविराम और कूटनीतिक वार्ता की अपनी अपील एक बार फिर दोहराई है।
यूएन मिशन का बयान
यूएनएएमए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "यूएनएएमए ने 9-10 जून की रात को पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए एयरस्ट्राइक में 13 आम लोगों की मौत और 10 घायलों की जानकारी दर्ज की है, इनमें ज़्यादातर बच्चे और औरतें थीं।" मिशन ने तनाव कम करने, मज़बूत युद्धविराम, नागरिकों की सुरक्षा, सीमा क्रॉसिंग — विशेषकर मानवीय सहायता के लिए — को फिर से खोलने और मतभेदों को सुलझाने हेतु बातचीत की भी अपील की।
खलीलजाद की कड़ी निंदा
अफगानिस्तान में अमेरिका के पूर्व राजदूत जल्माय खलीलजाद ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर फिर से हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों समेत कई आम लोग मारे गए। मैं इस हमले की निंदा करता हूँ, जैसा कि मैंने पिछले हमलों की भी की है।"
खलीलजाद ने आगे कहा, "इस तरह की हिंसा से दोनों देशों के बीच की समस्या हल नहीं होगी। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान टीटीपी को पनाह देता है, और अफगानिस्तान का आरोप है कि इस्लामाबाद आईएसआईएस-के को समर्थन देता है।" उन्होंने एक ऐसे बातचीत-आधारित समझौते की ज़रूरत बताई जिसमें दोनों पक्ष यह वचन दें कि वे अपने क्षेत्र का उपयोग एक-दूसरे की सुरक्षा को खतरा पहुँचाने के लिए नहीं करेंगे, और इसकी निगरानी कोई भरोसेमंद तीसरा पक्ष करे।
अफगान विदेश मंत्रालय का विरोध
अफगान विदेश मंत्रालय ने बुधवार को काबुल में पाकिस्तान के चार्ज डी'एफेयर्स (सीडीए) को तलब किया और अफगानिस्तान के एयरस्पेस के उल्लंघन तथा आम नागरिकों के घरों पर बमबारी के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताया।
अफगान मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि अपनी सीमाओं की रक्षा करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी कानूनी ज़िम्मेदारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंध पहले से ही गहरे तनाव में हैं।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की हो — पिछले हमलों में भी नागरिक हताहत हुए थे और कूटनीतिक विरोध के बावजूद स्थिति नहीं सुधरी। अब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के साथ यह देखना होगा कि क्या दोनों देश यूएन की मध्यस्थता में बातचीत की मेज़ पर आते हैं, या तनाव और गहरा होता है।