दक्षिण वजीरिस्तान में जेयूआई-एफ नेता मौलाना मोहम्मद इस्माइल की गोली मारकर हत्या
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोअर दक्षिण वजीरिस्तान जिले में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) से जुड़े धार्मिक नेता मौलाना मोहम्मद इस्माइल की 1 अगस्त को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह हमला बिरमल तहसील के आजम वरसक इलाके में शुक्रवार की नमाज के तुरंत बाद हुआ।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने मौलाना इस्माइल पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) मुहम्मद ताहिर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों और स्थानीय कबायली बुजुर्गों के अनुसार, मौलाना मोहम्मद इस्माइल कझा पंगा के निवासी थे और क्षेत्र के एक मदरसे में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जाँच कर रही है।
जेयूआई-एफ नेताओं पर हमलों का सिलसिला
यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान में जेयूआई-एफ से जुड़े नेताओं और धार्मिक हस्तियों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। मई 2026 में प्रसिद्ध धर्मगुरु और जेयूआई-एफ के पूर्व विधायक मौलाना मोहम्मद इदरीस की चारसादा में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इदरीस चारसादा जिले के जेयूआई-एफ प्रमुख थे और पार्टी अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान के करीबी सहयोगी माने जाते थे।
रिपोर्टों के अनुसार, मौलाना इदरीस जब 'दारुल उलूम उत्मानजई' में खुतबा देने जा रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग की थी। गंभीर रूप से घायल इदरीस को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।
वाना बाजार विस्फोट का संदर्भ
जनवरी 2026 में दक्षिण वजीरिस्तान के वाना बाजार क्षेत्र में एक मदरसे के निकट हुए बम विस्फोट में जेयूआई-एफ नेता मौलाना सुल्तान मोहम्मद वजीर गंभीर रूप से घायल हुए थे, और बाद में उनकी भी मृत्यु हो गई थी। गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी घटना है जिसमें जेयूआई-एफ से जुड़े नेता को निशाना बनाया गया है।
जाँच की स्थिति
डीपीओ मुहम्मद ताहिर ने बताया कि पुलिस हत्या के सभी संभावित पहलुओं की जाँच कर रही है, हालाँकि अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लोअर दक्षिण वजीरिस्तान पहले से ही सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, और इस हत्या ने वहाँ के धार्मिक नेताओं में भय का माहौल पैदा कर दिया है। जाँच के नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है या नहीं।