पीओके के रावलकोट में जेएएसी-सुरक्षाबल संघर्ष: 12 की मौत, 8 प्रदर्शनकारी और 4 पुलिसकर्मी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट शहर में 9 जून 2026 को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के सदस्यों और सुरक्षाबलों के बीच भड़की हिंसक झड़प में 12 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मारे गए लोगों में 8 प्रदर्शनकारी और 4 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। यह घटना उस 'लॉन्ग मार्च' से ठीक पहले हुई जिसकी घोषणा जेएएसी ने पहले से कर रखी थी।
मुख्य घटनाक्रम
पुंछ जिले के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने 'द न्यूज इंटरनेशनल' को बताया कि झड़प में 12 लोगों की जान गई और कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। उन्होंने दावा किया कि जेएएसी के कुछ सदस्यों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने सुरक्षाबलों पर हमला किया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने अलग से पुष्टि की कि 4 पुलिसकर्मियों की मौत हुई और 20 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। जेएएसी सदस्यों शाहजैब हबीब और अमजद कश्मीरी की मौत की खबरों के बाद आंदोलन और उग्र हो गया।
पृष्ठभूमि और तनाव की जड़ें
यह संघर्ष ऐसे समय में हुआ जब पाकिस्तान सरकार ने कुछ ही दिन पहले जेएएसी को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था। जेएएसी पर यह प्रतिबंध उसके 9 जून के बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद लगाया गया था। गौरतलब है कि यह संगठन आर्थिक मुद्दों और राजनीतिक अधिकारों को लेकर पहले भी सड़कों पर उतर चुका है — खासकर मई 2024 और सितंबर 2025 में हुए प्रदर्शनों में हिंसा की घटनाएँ दर्ज हुई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब पीओके में प्रशासन और नागरिक समाज के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
विरोध का विस्तार और इंटरनेट बंदी
रावलकोट से शुरू हुआ यह विरोध अब पूरे पीओके में फैल गया है। मुजफ्फराबाद, मीरपुर, टाटा पानी और प्लानडारी में प्रदर्शन और हड़ताल की खबरें हैं। प्लानडारी में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने रास्ते जाम कर दिए हैं।
स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार, 5 जून की रात से पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएँ बंद हैं, जिससे सूचनाओं के प्रसार पर रोक लग गई है और आम लोगों को परेशानी हो रही है। घटना के बाद पूरे पीओके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस आंदोलन को विदेशों में भी समर्थन मिला है। ब्रिटेन में कश्मीरी प्रवासियों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं, जबकि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट अब पूरे पीओके में फैलते विरोध का मुख्य केंद्र बन गया है।
आगे की स्थिति
रावलकोट और आसपास के इलाकों में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर नज़र रखे हुए है। आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि जेएएसी पर प्रतिबंध और सुरक्षा कार्रवाई के बाद आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।