ईरान शांति वार्ता में खाड़ी सहयोगी निर्णायक: मार्को रुबियो का अबू धाबी में बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 24 जून 2025 को अबू धाबी पहुँचने पर पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरान के साथ शांति की किसी भी रूपरेखा को आगे बढ़ाने में खाड़ी देशों की भूमिका अहम है। रुबियो ने कहा कि स्विट्जरलैंड में हुई वीकेंड वार्ता के बाद भी काफी काम बाकी है, लेकिन 'पिछले 72 घंटों में अच्छी नींव रखी गई है।'
वार्ता की स्थिति और अमेरिका का रुख
रुबियो ने कहा कि अमेरिका को ईरान की ओर से किए गए वादों की 'साफ समझ' है, भले ही ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से उभरते फ्रेमवर्क के कुछ हिस्सों पर असहमति जताई हो। उन्होंने दो-टूक कहा, 'हमें पता है कि वे किस बात पर सहमत हुए थे।' रुबियो ने यह भी जोड़ा कि ईरान की घरेलू राजनीति चाहे जैसी भी हो, अंततः या तो वह अपनी प्रतिबद्धताएँ पूरी करेगा या नहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान अपनी सहमति के अनुसार कदम उठाता है तो 'प्रक्रिया आगे बढ़ेगी', अन्यथा 'राष्ट्रपति को कुछ फैसले लेने होंगे।' यह बयान ट्रंप प्रशासन के उस कूटनीतिक दौरे के बीच आया है जिसमें खाड़ी क्षेत्र में निरंतर राजनयिक संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात की भूमिका
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को वाशिंगटन के सबसे मज़बूत साझेदारों में से एक बताते हुए रुबियो ने कहा कि पिछले एक दशक में यह रिश्ता और गहरा हुआ है। उन्होंने कहा, 'हम यहाँ बात करने से ज़्यादा उनकी बात सुनने आए हैं। हम उनके विचार जानना चाहते हैं — खासकर स्विट्जरलैंड में इस वीकेंड के बाद — और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे हर फैसले में उनकी राय को ध्यान में रखा जाए, क्योंकि वे हमारे साझेदार हैं।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या खाड़ी सहयोगी ईरान शांति फ्रेमवर्क का समर्थन करते हैं, तो रुबियो ने कहा कि सभी अमेरिकी साझेदार शांति के पक्ष में हैं, लेकिन बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने याद दिलाया, 'यह एक ऐसा मुद्दा है जो 47 सालों से चला आ रहा है।'
आईएईए निरीक्षण और ईरानी प्रॉक्सी पर चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षण को लेकर ईरान की टिप्पणियों पर रुबियो ने कहा कि ईरान की घरेलू राजनीति जो भी हो, उन्हें विश्वास है कि वह उसे 'संभाल लेगा।' उन्होंने ईरान समर्थित समूहों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया — 'जब तक ईरान के प्रॉक्सी इराक से मिसाइल और ड्रोन दागते रहेंगे और हमास या हिज्बुल्लाह की तरह आतंकवाद में शामिल रहेंगे, तब तक इस क्षेत्र में दुश्मनी और संघर्ष खत्म नहीं हो सकते।'
लेबनान, इज़रायल और होर्मुज जलडमरूमध्य
रुबियो ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लेबनान और इज़रायल से जुड़ी बातचीत को ईरान के साथ होने वाली वार्ता से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेबनान का भविष्य वहाँ के लोगों और उनकी संप्रभु चुनी हुई सरकार पर निर्भर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही की स्वतंत्रता पर रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अमेरिका के रुख को दोहराया — 'यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। किसी भी देश को इस पर टोल या फीस वसूलने की इजाज़त नहीं है।' भविष्य के किसी भी आर्थिक अवसर के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अमेरिकी सरकारी धन नहीं होगा — यह निर्भर करेगा ईरानी नेतृत्व के फैसलों और व्यापक सुरक्षा मुद्दों पर हुई प्रगति पर।
गौरतलब है कि यह कूटनीतिक दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिका एक साथ कई मोर्चों पर बातचीत चला रहा है। रुबियो की अबू धाबी यात्रा यह संकेत देती है कि वाशिंगटन खाड़ी देशों को ईरान नीति के केंद्र में रख रहा है।