क्या ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में व्यापार मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठकें कीं?

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क्या ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में व्यापार मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठकें कीं?

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दक्षिण कोरिया यात्रा ने एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन में महत्वपूर्ण वार्ताओं को जन्म दिया है। व्यापार समझौतों और चीन के साथ तनाव के बीच यह मुलाकातें अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। जानें इस यात्रा के प्रमुख बिंदु और संभावित परिणाम।

मुख्य बातें

ट्रंप की दक्षिण कोरिया यात्रा व्यापार समझौतों पर केंद्रित है।
उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में ली जे म्युंग और शी जिनपिंग शामिल होंगे।
व्यापार समझौता में 350 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना है।
चीनी वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क की धमकी दी गई है।
उत्तर कोरिया के नेता के साथ संभावित बैठक की चर्चा।

सोल, २९ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे। दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी शहर ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन का आयोजन हो रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति एपीईसी समिट में राष्ट्रपति ली जे म्युंग और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल की पहली एशिया यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे हैं।

ट्रंप की इस यात्रा का मकसद टैरिफ के बीच व्यापार और निवेश में डील पर केंद्रित है। इससे पहले दिन में एयरफोर्स वन फ्लाइट से अमेरिकी राष्ट्रपति टोक्यो से रवाना हुए और बुधवार को बुसान के गिम्हे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ली जे म्योंग लगभग दो महीनों में अपनी दूसरी शिखर वार्ता के लिए बुधवार को ग्योंगजू में मिलेंगे। इस मुलाकात में दोनों पक्षों के बीच एक व्यापार समझौते पर मुहर लगने की संभावना है, जिसकी रूपरेखा जुलाई में तय हुई थी।

दोनों पक्षों के बीच व्यापार समझौता एक अहम मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि सोल और वाशिंगटन ने अपनी वार्ता की स्थिति के बारे में अलग-अलग आकलन प्रस्तुत किए हैं।

जिस व्यापार समझौते पर आज मुहर लग सकती है, उसमें दक्षिण कोरिया को अमेरिका में ३५० अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की बात कही गई थी। इसके बदले में वाशिंगटन टैरिफ को २५ प्रतिशत से घटाकर १५ प्रतिशत कर देगा। हालांकि, निवेश पैकेज के डिटेल्स में खामियां होने के कारण यह डील अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है।

गुरुवार को शी जिनपिंग के साथ उनकी बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता होने जा रही है। यह २०१९ के बाद से ट्रंप और जिनपिंग की पहली मुलाकात है। बढ़ते अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के बीच इसपर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

बता दें, चीन ने हाल ही में रेयर अर्थ मिनरल्स पर निर्यात नियंत्रण को लेकर कड़े आदेश दिए, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने १ नवंबर से चीनी वस्तुओं पर अतिरिक्त १०० प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है।

इन दो शिखर सम्मेलनों के अलावा, ट्रंप की दक्षिण कोरिया यात्रा ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ संभावित बैठक की चर्चा को हवा दे दी है। हालांकि, इसे लेकर अब तक आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई।

ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान दोनों नेताओं की तीन बार मुलाकात हुई थी: जून २०१८ में सिंगापुर में, फरवरी २०१९ में वियतनाम में, और उसी साल जून में अंतर-कोरियाई युद्धविराम गांव पनमुनजोम में।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप की दक्षिण कोरिया यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ट्रंप की यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार और निवेश के मुद्दों पर बातचीत करना है।
शी जिनपिंग से ट्रंप की मुलाकात कब होगी?
ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात गुरुवार को होगी।
क्या व्यापार समझौता फाइनल होगा?
अगर दोनों पक्षों के बीच अंतिम रूप से सहमति बनती है, तो व्यापार समझौता फाइनल हो सकता है।
ट्रंप की यह यात्रा कब शुरू हुई?
ट्रंप की यह यात्रा 29 अक्टूबर को शुरू हुई।
क्या उत्तर कोरिया के साथ कोई बैठक होने की संभावना है?
हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संभावित मुलाकात की चर्चा हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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